चारधाम यात्रा के दौरान अब यात्रियों और पर्यटकों के वाहनों के लिए ग्रीन-कार्ड अनिवार्य कर दिया गया है। यदि आपके पास यह कार्ड नहीं होगा, तो आपकी यात्रा पर प्रतिबंध लगाया जा सकता है।
अब सभी वाहनों के लिए ग्रीन-कार्ड जरूरी
अब तक केवल व्यावसायिक वाहनों के लिए ही ग्रीन-कार्ड बनवाना जरूरी था, लेकिन गढ़वाल मंडल में आने वाले पर्यटकों के निजी वाहनों के लिए भी यह अनिवार्य कर दिया गया है।
किन पर्यटकों के लिए अनिवार्य?
- ट्रेकिंग, कैंपिंग और साहसिक पर्यटन के लिए आने वाले लोग
- काणाताल, केदारकांठा, चोपता, पंवालीकांठा, देवरिया ताल, हर्षिल, सतोपंथ और फूलों की घाटी जाने वाले पर्यटक
ग्रीन-कार्ड की वैधता
- कैंपिंग और ट्रेकिंग के लिए आने वाले पर्यटकों के वाहनों का ग्रीन-कार्ड 15 दिन तक मान्य रहेगा।
पिछले हादसे से मिली सीख

पिछले वर्ष 15 जून को दिल्ली से ट्रेकिंग के लिए निकले पर्यटकों का टैंपो ट्रैवलर ऋषिकेश-बद्रीनाथ मार्ग पर अलकनंदा नदी में गिर गया था, जिसमें 16 लोगों की मौत हो गई थी। इस हादसे के बाद सरकार ने नई सुरक्षा व्यवस्था लागू करने का निर्णय लिया।
चारधाम यात्रा में किराया वृद्धि नहीं
ट्रांसपोर्टर्स ने इस बार चारधाम यात्रा के दौरान किराये में 15-20% वृद्धि की मांग की थी, जिसे सरकार ने खारिज कर दिया है। यात्रियों को राहत देते हुए 2022 के तय किए गए किराए पर ही यात्रा करने की अनुमति दी गई है।
ग्रीन-कार्ड कब और कैसे बनवाएं?
2 अप्रैल से परिवहन विभाग के सभी कार्यालयों में ग्रीन-कार्ड बनने शुरू हो जाएंगे। इसके लिए greencard.uk.gov.in वेबसाइट पर जाकर आवेदन करना होगा। ग्रीन-कार्ड मिलने के बाद हर यात्रा के लिए ट्रिप कार्ड लेना अनिवार्य होगा।
ट्रिप कार्ड में दर्ज जानकारी:
- यात्री का नाम, पता और मोबाइल नंबर
- चालक का नाम और पता
- यात्रा की तिथि और मार्ग विवरण
यात्रा से पहले सुनिश्चित करें कि आपके पास ग्रीन-कार्ड और ट्रिप कार्ड हो, ताकि आपको किसी प्रकार की परेशानी न हो।
















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