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खबर का शिकार

भारतीय फुटबॉल टीम का निराशाजनक प्रदर्शन, अपने से कम रैंकिंग वाली हांगकांग से 0-1 से हारी

भारतीय फुटबॉल टीम का निराशाजनक प्रदर्शन, अपने से कम रैंकिंग वाली हांगकांग से 0-1 से हारी

भारतीय फुटबॉल टीम को प्रशंसकों और हितधारकों की नाराजगी का सामना करना पड़ रहा है। दरअसल मंगलवार को एएफसी एशियाई…

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लखनऊ: उत्तर प्रदेश में प्रदूषण नियंत्रण एवं पर्यावरण संरक्षण को सशक्त बनाने के लिए सीएम योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (यूपीपीसीबी) के ढांचे के विस्तार और सुदृढ़ीकरण की व्यापक योजना तैयार की गई है। यह प्रस्ताव शासन स्तर पर अनुमोदन के लिए प्रक्रियाधीन है, इसके लागू होने से राज्य में प्रदूषण नियंत्रण और पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में क्रांतिकारी बदलाव की उम्मीद है। साथ ही यूपीपीसीबी की वित्तीय स्थिति को मजबूत करने के उद्देश्य से आवेदनों की शुल्क संरचना में भी बदलाव किया जाएगा। इसके अलावा यूपीपीसीबी की कार्य प्रणाली को अधिक सरल और पारदर्शी बनाने के लिए आईटी और एआई टेक्नालॉजी युक्त एक पोर्टल भी विकसित किया जाएगा। इस योजना के तहत कई महत्वपूर्ण कदम उठाए जा रहे हैं, जो प्रदेश में पर्यावरण प्रबंधन को और अधिक प्रभावी बनाएगा। मंडल मुख्यालयों पर यूपीपीसीबी के क्षेत्रीय कार्यालय खोलने का प्रस्ताव मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कुशल नेतृत्व में उत्तर प्रदेश में हो रहे तीव्र विकास के चलते बढ़ते औद्योगीकरण और शहरीकरण के कारण प्रदूषण में भी वृद्धि हुई है। इसी को ध्यान में रखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में प्रदेश के प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (यूपीपीसीबी) को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए इसके विस्तारीकरण और सुदृढ़ीकरण की कार्ययोजना तैयार की गई है। जिसके तहत प्रदेश सभी मंडल मुख्यालयों और प्रमुख औद्योगिक जिलों में यूपीपीसीबी के क्षेत्रीय कार्यालयों की स्थापना की जाएगी। साथ ही, शेष जिलों में जिला-स्तरीय कार्यालय स्थापित किए जाएंगे, ताकि स्थानीय स्तर पर प्रदूषण नियंत्रण की निगरानी और प्रबंधन को सुदृढ़ किया जा सके। इसके अतिरिक्त, ठोस अपशिष्ट, तरल अपशिष्ट (एसटीपी और सीईटीपी), खतरनाक अपशिष्ट, ई-वेस्ट, और बायो-मेडिकल वेस्ट प्रबंधन के लिए अलग-अलग विशेष सेल का गठन प्रस्तावित है। इन सेलों के माध्यम से अपशिष्ट प्रबंधन को और अधिक व्यवस्थित और प्रभावी बनाया जाएगा। यूपीपीसीबी की आवेदन शुल्क संरचना में भी होगा बदलाव पर्यावरणीय अनुसंधान और विकास को बढ़ावा देने के लिए यूपीपीसीबी एक समर्पित सेल की स्थापना करेगी, जो प्रदूषण नियंत्रण की नवीन तकनीकों और समाधानों पर कार्य करेगी। साथ ही, पर्यावरणीय जन-जागरूकता और प्रकाशन के लिए भी एक नया सेल गठित होगा, जो जनता को पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। साथ ही यूपीपीसीबी के वित्तीय संसाधनों को मजबूत करने के लिए आवेदनों की शुल्क संरचना में संशोधन का प्रस्ताव भी शामिल है। वर्ष 2008 में निर्धारित शुल्क में वृद्धि का प्रस्ताव तैयार किया गया है, जो पूंजीगत निवेश और प्रदूषण स्तर के आधार पर निर्धारित होगा। वर्तमान में प्रचलित 12 श्रेणियों के स्थान पर अब केवल 7 श्रेणियों में शुल्क वर्गीकृत किया जाएगा, जिससे प्रक्रिया सरल और पारदर्शी होगी। एआई बेस्ड पोर्टल से यूपीपीसीबी की कार्य प्रणाली होगी सरल और पारदर्शी प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की कार्य प्रणाली को अधिक सरल और पारदर्शी बनाने के उद्देश्य से एक आधुनिक पोर्टल विकसित करने का भी प्रस्ताव है। जिसमें सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) का समावेश होगा। इस पोर्टल के जरिए औद्योगिक इकाईयां स्वयं अपनी अनुपालन आख्या अपलोड कर सकेंगी। इसके अलावा, सहमति नवीनीकरण और अनुपालन आख्या समय पर जमा करने के लिए उद्योगों को ई-एलर्ट भेजे जाएंगे। निरीक्षण के बाद आख्या को तत्काल अपलोड करने और एआई के माध्यम से स्वयं अनुपालन आख्या की जांच करने की सुविधा भी इस पोर्टल में शामिल होगी। यह योजना उत्तर प्रदेश में प्रदूषण नियंत्रण और पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में एक नया अध्याय शुरू करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। शासन से अनुमोदन के बाद इसके कार्यान्वयन से न केवल पर्यावरणीय प्रबंधन में सुधार होगा, बल्कि औद्योगिक अनुपालन और जन-जागरूकता में भी उल्लेखनीय प्रगति होगी।

AI बेस्ड पोर्टल से होगी UPPCB की कार्यप्रणाली सरल और पारदर्शी, पर्यावरण प्रबंधन को बनाएगा अधिक प्रभावी

लखनऊ: उत्तर प्रदेश में प्रदूषण नियंत्रण एवं पर्यावरण संरक्षण को सशक्त बनाने के लिए सीएम योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में…

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उत्तर प्रदेश में चंदौली के धानापुर क्षेत्र में हुए बहुचर्चित मुटुन यादव हत्याकांड का वांछित बदमाश विशाल पासी को पुलिस ने मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया। मुठभेड़ के दौरान बदमाश के पैर में गोली लगी, जिसके बाद उसे जिला संयुक्त चिकित्सालय चकिया में भर्ती कराया गया है। घटना चकिया थाना क्षेत्र के जंगल इलाके में उस समय हुई जब पुलिस चेकिंग कर रही थी। इस दौरान बदमाशों ने पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी। जवाबी कार्रवाई में विशाल पासी घायल हो गया, जबकि उसका एक साथी मौके से फरार हो गया। पुलिस के मुताबिक विशाल पासी के खिलाफ दो दर्जन से ज्याद आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। फरार बदमाश की तलाश में अभियान चलाया जा रहा है।

UP: चंदौली में मुटुन यादव हत्याकांड का वांछित बदमाश मुठभेड़ में गिरफ्तार, एक फरार

उत्तर प्रदेश में चंदौली के धानापुर क्षेत्र में हुए बहुचर्चित मुटुन यादव हत्याकांड का वांछित बदमाश विशाल पासी को पुलिस…

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Gazipur: मेघालय की राजधानी शिलॉन्ग में इंदौर के एक सैलानी का शव मिलने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। ये जोड़ा हनीमून मनाने आया था। मृतक की पत्नी पर हत्या की साजिश रचने का आरोप है। सैलानी राजा रघुवंशी और उसकी पत्नी सोनम 23 मई से लापता थे। इससे पहले वे सोहरा में छुट्टियां मना रहे थे। दो जून को राजा का शव एक खाई में मिला, लेकिन उसकी पत्नी का कोई अता-पता नहीं था। मेघालय पुलिस ने सोमवार को बताया कि रात भर चले छापो में मध्य प्रदेश के तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया, जबकि मृतक की पत्नी सोनम ने उत्तर प्रदेश में गाजीपुर के नंदगंज पुलिस थाने में आत्मसमर्पण कर दिया। यूपी पुलिस ने एक ढावे से सोनम को हिरासत में लेने का दावा किया। ढाबे के मालिक ने पूरी घटना के बारे में जानकारी दी। सोनम रघुवंशी के परिवार का कहना है कि उसपर लगाए आरोप गलत हैं। उन्होंने मामले की सीबीआई जांच की मांग की। मृतक राजा रघुवंशी की मां को बेटे के खोने का गम भी है और आक्रोश भी। उन्होंने कहा कि अगर सोनम गुनहगार है तो उसे उचित सजा मिलना चाहिए। राजा रघुवंशी की मां ने भी मामले की सीबीआई जांच की मांग की। दोनों परिवारों के पड़ोसी इस घटना से सकते में हैं। उन्होंने बताया कि शादी के दौरान या उसके बाद परिवारों में कोई तनाव नहीं था। दोनों की शादी 11 मई को हुई थी। 20 मई को वे हनीमून मनाने मेघालय चले गए थे। वे किराए के स्कूटर पर 22 मई को मावलखियत गांव पहुंचे। 24 मई को उनका स्कूटर शिलॉन्ग-सोहरा सड़क पर पाया गया। इसके बाद उनकी तलाश शुरू हुई। मेघालय पुलिस ने पूरे मामले की जांच के लिए एक विशेष जांच दल से संपर्क किया है।

टूरिस्ट की मौत या मर्डर? मेघालय केस में सामने आए चौंकाने वाले तथ्य, पत्नी पर गंभीर आरोप

मेघालय की राजधानी शिलॉन्ग में इंदौर के एक सैलानी का शव मिलने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। ये…

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भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी को सोमवार को ऑस्ट्रेलिया के महान खिलाड़ी मैथ्यू हेडन और दक्षिण अफ्रीका के दिग्गज हाशिम अमला और न्यूजीलैंड के डेनियल विटोरी के साथ साल 2025 के लिए आईसीसी यानी अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद के हॉल ऑफ फेम में शामिल किया गया है। आईसीसी ने धोनी की तारीफ करते हुए कहा कि सिर्फ उनके आंकड़ें ही बेजोड़ नहीं हैं बल्कि लगातार बेहतर प्रदर्शन करने की उनकी काबिलियत, शानदार फिटनेस और बेहतरीन लंबा करियर उनके बेमिसाल होने की गवाही देते हैं। धोनी ने भारत के लिए 90 टेस्ट, 350 वनडे और 98 टी20 मैच खेले हैं और वे देश की अगुवाई करने वाले सबसे महान कप्तानों में से एक हैं। धोनी ने 60 टेस्ट मैचों में भारतीय टीम की कप्तानी की, जिसमें भारत ने 27 मैच जीते, 15 हारे और 18 ड्रॉ रहे। महेंद्र सिंह धोनी के नाम भारत के लिए सबसे ज्यादा 200 वनडे मैचों में कप्तानी करने का रिकॉर्ड दर्ज है। इनमें से 110 मैचों में उन्होंने टीम को जीत दिलाई, जबकि 74 मैचों में हार का सामना करना पड़ा। धोनी को वनडे क्रिकेट में दमदार मैच फिनिशर आंका जाता है। उन्होंने 350 मैचों में 50.57 की औसत से 10 शतकों और 73 अर्द्धशतकों के साथ 10,773 रन बनाए। आईसीसी अपने हॉल ऑफ फेम 2025 में सात क्रिकेटरों को शामिल किया है जिसमें पांच पुरुष और दो महिला खिलाड़ी हैं।

MS धोनी की आईसीसी के हॉल ऑफ फेम 2025 में हुई एंट्री, कप्तानी में भारत को बनाया है चैंपियन

भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी को सोमवार को ऑस्ट्रेलिया के महान खिलाड़ी मैथ्यू हेडन और दक्षिण…

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विवेक अग्निहोत्री ने बदला ‘द दिल्ली फाइल्स’ का टाइटल, ‘द बंगाल फाइल्स’ होगा नाम

फिल्म निर्माता विवेक रंजन अग्निहोत्री ने मंगलवार को घोषणा की कि उनकी आगामी फिल्म ‘द दिल्ली फाइल्स: द बंगाल चैप्टर’…

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Exhibition in Lucknow on the achievements of the Central Government in 11 years, inaugurated by CM Yogi

केंद्र सरकार की 11 साल की उपलब्धियों पर लखनऊ में प्रदर्शनी, सीएम योगी ने किया उद्घाटन

केंद्र की मोदी सरकार के 11 साल पूरे होने पर लखनऊ में बीजेपी प्रदेश कार्यालय में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने…

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दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री मंगलवार को कालकाजी में भूमिहीन कैंप के निवासियों के साथ उनके घरों को गिराए जाने से पहले हो रहे विरोध में शामिल हुईं। झुग्गी-झोपड़ी कैंप में घरों पर दिल्ली विकास प्राधिकरण की ओर से बेदखली के नोटिस चिपकाए गए हैं, जिसमें अतिक्रमण करने वालों को तीन दिनों के भीतर जगह छोड़ने या कार्रवाई का सामना करने की चेतावनी दी गई है। एएपी नेता आतिशी, जिनका निर्वाचन क्षेत्र भूमिहीन कैंप से आता है, ने दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की आलोचना करते हुए कहा कि वो झुग्गी-झोपड़ियों को नहीं गिराने के अपने वादे से मुकर रही हैं। उन्होंने कहा, "दो दिन पहले दिल्ली की सीएम रेखा गुप्ता ने कहा था कि कोई झुग्गी नहीं तोड़ी जाएगी, एक भी घर को नहीं छुआ जाएगा। भूमिहीन कैंप के निवासी जिनके घर कल तोड़े जाएंगे, वे आज शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन कर रहे थे। वे 'हमारे घर मत उजाड़ो' लिखी तख्तियां लेकर विरोध कर रहे थे। उन पर लाठीचार्ज किया गया और उन्हें तितर-बितर कर दिया गया और हिरासत में ले लिया गया। मैंने कई लोगों से बात की है। उन्हें बस में ले जाया जा रहा है और कोई हमें नहीं बता रहा है कि उन्हें कहां ले जाया जाएगा। एक तरफ आप उनके घर तोड़ते हैं और फिर आप उनकी आवाज उठाने के अधिकार को छीन लेते हैं।" निवासियों का दावा है कि उनके पास 2008 से ही वोटर आईडी, पैन कार्ड, आधार कार्ड है और फिर भी उन्हें कोई वैकल्पिक घर नहीं दिया जा रहा है। मीना ने कहा, "मेरे पास 2008 से ही वोटर आईडी, पैन कार्ड और आधार कार्ड है और बिजली और गैस बिल भी हैं। मैं यहीं पैदा हुई हूं। मुझे घर सिर्फ इसलिए नहीं दिया गया क्योंकि मेरे पास राशन कार्ड नहीं है।" दिल्ली में 40 साल से रह रही सत्यवती ने कहा, "...वो (सीएम) वोट मांगने आईं, रेखा गुप्ता ने हमारा वोट लिया। अगर हमें कानूनी तौर पर वोट देने की अनुमति थी, तो अचानक हमारे घर अवैध कैसे हो गए? 40 साल से मैं यहां रह रही हूं। मेरे पास सभी दस्तावेज हैं। तो मुझे फ्लैट क्यों नहीं दिया गया?"

Delhi: भूमिहीन कैंप के निवासियों ने तोड़फोड़ के खिलाफ किया प्रदर्शन, आतिशी ने CM रेखा पर लगाए ये आरोप

दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री मंगलवार को कालकाजी में भूमिहीन कैंप के निवासियों के साथ उनके घरों को गिराए जाने से…

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कैंची धाम प्रतिष्ठा दिवस: नैनीताल मार्ग पर श्रद्धालुओं का सैलाब

कैंची धाम प्रतिष्ठा दिवस: नैनीताल मार्ग पर श्रद्धालुओं का सैलाब

Uttarakhand: उत्तराखंड के नैनीताल में इन दिनों गाड़ियों की कतार लगी है। भारी संख्या में श्रद्धालु कैंची धाम में प्रतिष्ठा…

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गाजियाबाद, उत्तर प्रदेश: गाजियाबाद के लोनी बॉर्डर थाना क्षेत्र से मंगलवार सुबह एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। बेहटा गांव की नहर किनारे सड़क पर पड़े एक संदिग्ध सूटकेस में एक 26 वर्षीय महिला का शव मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई है। स्थानीय लोगों की सतर्कता और तत्काल पुलिस कार्रवाई से यह दिल दहला देने वाला मामला उजागर हुआ। क्या है पूरा मामला? मंगलवार सुबह करीब 7 बजे कुछ लोग बेहटा नहर की सड़क के पास मॉर्निंग वॉक पर थे। इसी दौरान एक चादर में लिपटा हुआ सूटकेस दिखाई दिया। शक होने पर उन्होंने तुरंत पुलिस को सूचना दी। पुलिस मौके पर पहुंची और सूटकेस खोलने पर एक महिला का शव बरामद किया गया। ACP ने दी जानकारी एसीपी अंकुर विहार अजय कुमार सिंह के अनुसार, महिला की उम्र लगभग 26 साल है और वह हिंदू है। ऐसा प्रतीत होता है कि महिला की हत्या कहीं और की गई और शव को ठिकाने लगाने के उद्देश्य से सूटकेस में बंद कर नहर किनारे फेंक दिया गया। आगे की जांच जारी पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और पहचान कराने की कोशिश की जा रही है। हत्या के पीछे की मंशा, संभावित आरोपियों और घटनास्थल से जुड़े सभी एंगल्स पर जांच की जा रही है।

हैरान कर देने वाला खुलासा: गाजियाबाद की नहर किनारे सूटकेस में मिली युवती की लाश, इलाके में सनसनी!

गाजियाबाद, उत्तर प्रदेश:गाजियाबाद के लोनी बॉर्डर थाना क्षेत्र से मंगलवार सुबह एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। बेहटा गांव…

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