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खबर का शिकार

Delhi: विमानन विशेषज्ञों ने कहा कि बोइंग 787-8 विमान हादसे के बारे में कोई अटकलें नहीं लगाई जानी चाहिए। अधिकारियों को पहले जांच पूरी करनी चाहिए। ब्लैक बॉक्स के आंकड़ों से सही जानकारी सामने आएगी। एअर इंडिया के विमान ने अहमदाबाद से उड़ा भरी थी और इसके कुछ देर बार ही दुर्घटनाग्रस्त हो गया। एयर इंडिया के पूर्व कार्यकारी निदेशक और विमानन विशेषज्ञ जीतेंद्र भार्गव ने कहा, "हर बार या जब भी कोई दुर्घटना होती है, तो स्थायी संचालन प्रक्रियाएं लागू होती हैं और इस मामले में भी यही हुआ। अब एयर इंडिया, ड्रीमलाइनर विमान के निर्माता बोइंग और नियामक एजेंसी डीजीसीए हर पहलू पर गौर करेंगे। जैसे कि क्या हुआ? कैसे हुआ? हमारे पास निश्चित रूप से दृश्य हैं क्योंकि ये दिन के समय हुआ था, विजिबिलिटी भी बहुत अच्छी थी। कोई भी इसे देख सकता है, हां दुर्घटना हुई थी, लेकिन यह क्यों हुई, इसकी पूरी जांच की जरूरत है।" विमानन विशेषज्ञ सरोश दमानिया ने कहा कि प्लेन के ब्लैक बॉक्स से दुर्घटना का कारण पता चलेगा और इसमें अटकलों का कोई कारण नहीं है। उन्होंने कहा, "जहां तक फ्लैप और इंजन का सवाल है, जब तक हमें सही जांच रिपोर्ट नहीं मिल जाती, हम इस पर ज़्यादा अटकलें नहीं लगा सकते। हमने ब्लैक बॉक्स बरामद कर लिया गया है, ब्लैक बॉक्स डेटा से हमें पता चल जाएगा कि क्या गड़बड़ हुई। क्योंकि ये एक बोइंग 787 विमान है, ये बोइंग का आधुनिक युग का लेटेस्ट विमान है, इसलिए इसमें पायलट इनपुट और विमान के अलावा बहुत सारे सेंसर, बहुत सारी मशीनरी है। तकनीकी रूप से और फ्लैप नियंत्रण, इंजन नियंत्रण के संदर्भ में बहुत सी चीजें गलत हो सकती थीं। इसलिए हमें ब्लैक बॉक्स की जांच रिपोर्ट का इंतजार करना होगा, उससे प्राप्त आंकड़ों से पता चलेगा कि वास्तव में क्या हुआ था और हादसे की असली वजह क्या थी।" विमान के ब्लैक बॉक्स - फ्लाइट डेटा रिकॉर्डर और कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर - की भी खोज जारी है, ताकि ये समझा जा सके कि अहमदाबाद एयरपोर्ट से उड़ान भरते के तुरंद बाद क्या हुआ था। 12 साल पुराना बोइंग 787-8 विमान 230 यात्रियों और 12 चालक दल के सदस्यों को लेकर दोपहर एक बजकर 38 मिनट पर अहमदाबाद से लंदन के लिए रवाना हुआ था। प्लेन रवाना होने के चंद मिनट बाद की क्रैश हो गया। एअर इंडिया ने कहा कि वो मृतकों के परिवारों के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करता है। एयरलाइन इस घटना की जांच कर रहे अधिकारियों को अपना पूरा सहयोग दे रही है।

ब्लैक बॉक्स के आंकड़ों से सही जानकारी सामने आएगी, एअर इंडिया विमान हादसे पर एविएशन एक्सपर्ट

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Lucknow: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार किसान क्रेडिट कार्ड के ज़रिए किसानों को आत्मनिर्भर बना रही है। राज्य सरकार का लक्ष्य अधिकतम किसानों को जोड़ने का है। वित्त वर्ष 2024-25 में 71.25 लाख किसानों को ये सुविधा दी गई, जबकि 2025-26 में 83.87 लाख किसानों तक पहुंचने का लक्ष्य है। उत्तर प्रदेश में अब तक कुल 1.55 करोड़ किसान इसका लाभ ले चुके हैं। बाराबंकी के रहने वाले किसान प्रमोद कुमार सब्ज़ी की खेती करते हैं। किसान क्रेडिट कार्ड की सुविधा मिलने से अब खेती करना उनके लिए फायदेमंद सौदा साबित हो रहा है। बाराबंकी के किसान अमित कुमार को पहले खाद, बीज और जरूरी सामान खरीदने में मुश्किल होती थी। लेकिन किसान क्रेडिट कार्ड मिलने के बाद न केवल उनकी खेती समय पर पूरी होने लगी, बल्कि बेहतर खाद, कीटनाशक और बीज इस्तेमाल करने से उपज भी बढ़ी है। किसान क्रेडिट कार्ड पहल के तहत किसानों को असली क्रेडिट कार्ड नहीं मिलता, बल्कि बैंक में फॉर्म भरने पर एक लाइन ऑफ क्रेडिट जारी होती है, जिससे वे खेती से जुड़ी ज़रूरी चीजें खरीद सकते हैं। इससे लाखों किसानों को सीधा लाभ होगा और कृषि क्षेत्र में आर्थिक मजबूती आएगी।

किसान क्रेडिट कार्ड के जरिए किसानों को आत्मनिर्भर बना रही है योगी सरकार, इतने किसान ले चुके लाभ

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