देश के कई हिस्सों में फरवरी के महीने में ही मार्च जैसी गर्मी महसूस की जा रही है। उत्तर भारत के कई राज्यों में तापमान सामान्य से अधिक दर्ज किया जा रहा है। मौसम विभाग के अनुसार, अगले 4 दिनों में उत्तर-पश्चिम भारत में न्यूनतम तापमान में 2-4 डिग्री सेल्सियस की वृद्धि होने की संभावना है। वहीं, मध्य भारत में अगले 3 दिनों तक तापमान में कोई खास बदलाव नहीं होगा, लेकिन उसके बाद 2-4 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी संभव है।
दिल्ली-NCR में फिलहाल 2-3 दिनों तक बारिश की संभावना नहीं है, लेकिन 27-28 फरवरी और 1 मार्च को हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। इस बारिश के कारण तापमान में 1 से 2 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की जा सकती है।
पहाड़ी इलाकों में भी मौसम बदलने वाला है। 25 से 28 फरवरी के दौरान जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में गरज और बिजली के साथ हल्की से मध्यम बारिश और बर्फबारी की संभावना है। खासकर 25 फरवरी को जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के कुछ हिस्सों में भारी बर्फबारी होने की संभावना जताई गई है।

उत्तर-पश्चिम भारत के मैदानी इलाकों में अगले 4 दिनों के दौरान अधिकतम तापमान में 2-4 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी हो सकती है। वहीं, मध्य भारत में अगले 3 दिनों तक कोई खास बदलाव नहीं होगा, लेकिन इसके बाद तापमान में 2-4 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी होने की संभावना है।
बिहार, ओडिशा और मध्य महाराष्ट्र में न्यूनतम तापमान सामान्य से 5 डिग्री सेल्सियस अधिक दर्ज किया गया है। 24 फरवरी को अंडमान एवं निकोबार द्वीपसमूह, ओडिशा, अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में गरज और बिजली के साथ बारिश होने की संभावना है।
तटीय क्षेत्रों में भी मौसम का प्रभाव देखने को मिलेगा। मन्नार की खाड़ी, कोमोरिन क्षेत्र, दक्षिणी तमिलनाडु तट और दक्षिणी अंडमान सागर में हवाओं की गति 35 किमी प्रति घंटे से बढ़कर 55 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। मछुआरों को इन क्षेत्रों में न जाने की सलाह दी गई है।













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