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UP Cabinet Decisions: शिक्षकों को कैशलेस इलाज की सौगात, विस्थापित बंगाली हिंदू परिवारों को स्थायी बसावट की मंजूरी

UP Cabinet Decisions

शिक्षकों और शिक्षा कर्मियों को कैशलेस इलाज की सुविधा

उत्तर प्रदेश सरकार ने शिक्षा क्षेत्र से जुड़े लाखों लोगों को बड़ी राहत देते हुए कैशलेस स्वास्थ्य सुविधा को मंजूरी दी है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में तय किया गया कि अब माध्यमिक और बेसिक शिक्षा विभाग के शिक्षक, शिक्षणेत्तर कर्मचारी और उनके आश्रित परिजन सरकारी ही नहीं, बल्कि सूचीबद्ध निजी अस्पतालों में भी बिना भुगतान के इलाज करा सकेंगे।

यह सुविधा प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत जन आरोग्य योजना और राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण द्वारा निर्धारित दरों के अनुरूप लागू होगी। स्ववित्तपोषित मान्यता प्राप्त विद्यालयों के शिक्षक आवश्यक वेरिफिकेशन प्रक्रिया पूरी करने के बाद इस योजना का लाभ ले सकेंगे।

वेरिफिकेशन के लिए जिला स्तर पर बनेगी समिति

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योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए प्रत्येक जिले में जिला विद्यालय निरीक्षक और बेसिक शिक्षा अधिकारी की अध्यक्षता में सत्यापन समिति गठित की जाएगी। सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि जो शिक्षक या कर्मचारी पहले से केंद्र या राज्य सरकार की किसी अन्य स्वास्थ्य बीमा योजना, आयुष्मान भारत या मुख्यमंत्री जन आरोग्य अभियान के अंतर्गत आच्छादित हैं, उन्हें इस योजना में शामिल नहीं किया जाएगा।

9 फरवरी से शुरू होगा यूपी विधानसभा का बजट सत्र

कैबिनेट बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि उत्तर प्रदेश विधानसभा का बजट सत्र 9 फरवरी से प्रारंभ होगा। वर्ष 2026–27 का बजट 11 फरवरी को प्रस्तुत किया जाएगा।

वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश कुमार खन्ना के अनुसार, सत्र के पहले दिन राज्यपाल आनंदीबेन पटेल का अभिभाषण होगा, जबकि 10 फरवरी को दिवंगत सदस्यों को श्रद्धांजलि अर्पित की जाएगी। बजट में विकास, जनकल्याण, बुनियादी ढांचे और आर्थिक सशक्तिकरण को प्राथमिकता दी जाएगी।

विस्थापित 99 बंगाली हिंदू परिवारों के पुनर्वासन को हरी झंडी

योगी सरकार ने पूर्वी पाकिस्तान (वर्तमान बांग्लादेश) से विस्थापित होकर उत्तर प्रदेश में रह रहे 99 हिंदू बंगाली परिवारों के स्थायी पुनर्वासन को मंजूरी दे दी है। यह निर्णय मेरठ जिले से जुड़े एक लंबे समय से लंबित मानवीय मुद्दे पर लिया गया।

मवाना तहसील के ग्राम नंगला गोसाई में झील की भूमि पर रह रहे इन परिवारों को अब कानपुर देहात जिले की रसूलाबाद तहसील में बसाया जाएगा। ग्राम भैंसाया और ताजपुर तरसौली में पुनर्वास विभाग के नाम दर्ज भूमि पर सभी परिवारों को स्थानांतरित किया जाएगा।

प्रत्येक परिवार को 0.50 एकड़ भूमि 30 वर्ष के पट्टे पर दी जाएगी, जिसे आगे बढ़ाया जा सकेगा। अधिकतम 90 वर्षों तक पट्टा वैध रहेगा। इस फैसले से पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ विस्थापित परिवारों को सम्मानजनक और सुरक्षित जीवन मिलेगा।

उत्तर प्रदेश को मैन्युफैक्चरिंग हब बनाने की दिशा में कदम

प्रदेश सरकार ने उत्तर प्रदेश को औद्योगिक और मैन्युफैक्चरिंग हब के रूप में विकसित करने के लिए ऊर्जा क्षेत्र को अपनी शीर्ष प्राथमिकताओं में रखा है। सरकार का मानना है कि सस्ती, स्थिर और 24 घंटे निर्बाध बिजली आपूर्ति निवेश और रोजगार सृजन की नींव है।

बीते वर्षों में नए बिजली संयंत्रों की स्थापना, ट्रांसमिशन नेटवर्क के विस्तार और सब-स्टेशनों के निर्माण से बिजली व्यवस्था को मजबूत किया गया है। औद्योगिक क्षेत्रों और एक्सप्रेसवे कॉरिडोर के आसपास बिजली अवसंरचना को विशेष रूप से उन्नत किया गया है।

वर्ष 2017 से नवंबर 2025 के बीच प्रदेश में 15 लाख से अधिक डिस्ट्रीब्यूशन ट्रांसफॉर्मर लगाए गए हैं, सैकड़ों नए सब-स्टेशन बने हैं और हजारों पुराने उपकेंद्रों की क्षमता बढ़ाई गई है। सस्ती बिजली से उद्योगों की लागत घटेगी और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।

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