khabarhunt.in

खबर का शिकार

छत्तीसगढ़ में दर्दनाक हादसा: गुटखा थूकने के लिए दरवाज़ा खोलने पर 100 किमी/घंटा रफ्तार से इनोवा पलटी, एक की मौत, दो घायल

छत्तीसगढ़ में दर्दनाक हादसा: गुटखा थूकने के लिए दरवाज़ा खोलने पर 100 किमी/घंटा रफ्तार से इनोवा पलटी, एक की मौत, दो घायल

छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले से एक बेहद दर्दनाक और चौंकाने वाला हादसा सामने आया है, जिसने एक बार फिर यह दिखा दिया कि वाहन चलाते समय एक छोटी सी लापरवाही कैसे जीवन का अंत कर सकती है। सोमवार को यह दुर्घटना तब हुई जब एक तेज रफ्तार इनोवा कार के चालक ने चलती गाड़ी में गुटखा थूकने के लिए दरवाजा खोल दिया। कार 100 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ रही थी, और जैसे ही दरवाजा खोला गया, चालक का नियंत्रण वाहन से हट गया। इसके बाद जो हुआ वह किसी डरावने हादसे से कम नहीं था।

दुर्घटना का पूरा विवरण

यह दुर्घटना बिलासपुर के बाहरी इलाके चकरभाठा में हुई। टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, 31 वर्षीय जैकी गेही, जो एक कपड़ा व्यापारी थे और बिलासपुर में रहते थे, इस दुर्घटना में अपनी जान गंवा बैठे। वे रायपुर से करीब 100 किलोमीटर दूर स्थित बिलासपुर लौट रहे थे।

रविवार की देर रात, जैकी एक पार्टी में गए हुए थे। रात लगभग 1:30 बजे उन्होंने अपने दोस्त आकाश चंदानी को उन्हें लेने के लिए बुलाया। आकाश अपने एक और मित्र पंकज छाबड़ा के साथ जैकी को लेने पार्टी स्थल पर पहुंचा। आकाश इनोवा गाड़ी चला रहा था, पंकज आगे की सीट पर बैठे थे, और जैकी पीछे की सीट पर बैठे थे।

जब ये तीनों रायपुर-बिलासपुर हाईवे पर सफर कर रहे थे, उस समय गाड़ी की स्पीड लगभग 100 किमी/घंटा थी। इसी दौरान, आकाश ने चलती गाड़ी से गुटखा थूकने के लिए ड्राइवर साइड का दरवाज़ा खोल दिया, जिससे उसका संतुलन बिगड़ गया और गाड़ी पूरी तरह से अनियंत्रित हो गई।

भीषण टक्कर और कई बार पलटी

जैसे ही गाड़ी से नियंत्रण हटा, वह सीधे डिवाइडर से टकराई और कई बार पलटी खाई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि इनोवा में सवार तीनों लोग गाड़ी से बाहर फेंक दिए गए

  • जैकी गेही इतनी तेज़ी से उछले कि वे डिवाइडर से लगी एक धातु की संरचना से जा टकराए, जिससे उनकी छाती, सिर और कंधे पर गंभीर चोटें आईं।
  • डॉक्टरों के आने से पहले ही जैकी ने मौके पर ही दम तोड़ दिया
  • आकाश और पंकज दोनों भी ज़मीन पर गिरकर बुरी तरह घायल हो गए।

अन्य वाहनों से टक्कर

तेज रफ्तार इनोवा एक खड़ी वाणिज्यिक वाहन से भी टकराई, जिससे उसका भी चालक घायल हो गया। इसके बाद इनोवा गाड़ी ने चार से पांच बार पलटी खाई और अंत में एक खड़ी अर्टिगा से जा टकराई। अर्टिगा चालक के पास अपनी गाड़ी हटाने या इंजन चालू करने का भी समय नहीं था।

सीसीटीवी फुटेज में कैद हुआ भयावह हादसा

यह पूरा हादसा सीसीटीवी कैमरे में रिकॉर्ड हो गया, जिसका वीडियो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। फुटेज में देखा जा सकता है कि इनोवा किस तरह सड़क पर लुढ़कती है और उसमें सवार यात्री बाहर निकलकर हवा में उछलते हैं। एक दृश्य में साफ़ दिखाई देता है कि एक यात्री तेज़ी से एक खंभे से टकराता है — वही जैकी थे।

हादसे के बाद राहत और बचाव कार्य

हादसे के तुरंत बाद, राहगीरों ने स्थानीय पुलिस और आपातकालीन सेवाओं को सूचना दी। कुछ ही मिनटों में आपातकालीन प्रतिक्रिया दल मौके पर पहुंचा और घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया। पुलिस ने पूरे इलाके को घेर लिया और दुर्घटनाग्रस्त वाहनों को सड़क से हटाया।

पुलिस की प्रतिक्रिया और जांच

पुलिस के अनुसार, शुरुआती जांच में यह बात सामने आई है कि वाहन की तेज गति और चालक की लापरवाही ही इस भयानक हादसे का मुख्य कारण थी। पुलिस ने दुर्घटना के कारणों की जांच शुरू कर दी है और चालक के खिलाफ लापरवाही से वाहन चलाने के आरोप में मामला दर्ज किया गया है।

सामाजिक प्रतिक्रिया: “गुटखा की आदत ने छीनी ज़िंदगी”

इस हादसे के बाद सोशल मीडिया पर लोगों का आक्रोश देखने को मिला। कई लोगों ने सवाल उठाया कि गुटखा जैसी हानिकारक आदतें न केवल स्वास्थ्य के लिए ख़तरनाक हैं, बल्कि इस तरह की दुर्घटनाओं का कारण भी बन सकती हैं। विशेषज्ञों और आम जनता ने एक सुर में यह कहा कि गाड़ी चलाते समय मोबाइल फोन, तंबाकू या किसी भी तरह की लापरवाही जानलेवा हो सकती है

जैकी गेही: एक व्यापारी की असमय मृत्यु

जैकी गेही बिलासपुर में एक लोकप्रिय कपड़ा व्यापारी थे। वे सामाजिक रूप से भी सक्रिय माने जाते थे और कई स्थानीय संगठनों से जुड़े हुए थे। उनकी अचानक मृत्यु ने पूरे समुदाय को शोक में डाल दिया है। परिवार और परिचितों के अनुसार, जैकी खुशमिजाज और मददगार स्वभाव के थे।

उनके निधन पर स्थानीय व्यापार मंडल, सामाजिक संस्थाओं और दोस्तों ने गहरा दुख जताया। उनके अंतिम संस्कार में भारी भीड़ उमड़ी, जिसमें बिलासपुर और रायपुर के कई व्यापारी और स्थानीय लोग शामिल हुए।

हादसे से क्या सीखा जा सकता है?

इस दुर्घटना ने एक बार फिर यह सिद्ध कर दिया है कि:

  • वाहन चलाते समय पूरी सतर्कता जरूरी है।
  • गाड़ी की तेज रफ्तार किसी भी समय नियंत्रण से बाहर जा सकती है।
  • छोटी-सी लापरवाही, जैसे कि गुटखा थूकने के लिए दरवाजा खोलना, जानलेवा साबित हो सकती है।
  • सड़क पर वाहन चलाते समय ड्राइवर को किसी भी स्थिति में ध्यान भटकाने वाले व्यवहार से बचना चाहिए।

निष्कर्ष

बिलासपुर में हुई यह दुर्घटना केवल एक दुर्घटना नहीं, बल्कि एक सीख है — एक चेतावनी है कि कैसे एक छोटी सी लापरवाही एक की ज़िंदगी छीन सकती है और कई ज़िंदगियों को हमेशा के लिए बदल सकती है।

हर व्यक्ति जो सड़क पर वाहन चलाता है, उसे इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि उसकी एक गलती से किसी का पूरा परिवार उजड़ सकता है। सुरक्षित ड्राइविंग की आदतें और आत्म-नियंत्रण ही ऐसी घटनाओं को रोक सकते हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *