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2025 के मानसून सत्र की तूफानी शुरुआत: संसद में ‘ऑपरेशन सिंदूर’, आतंकवाद, विमान दुर्घटना और ट्रंप के बयान पर विपक्ष का हंगामा

Stormy start to Monsoon Session 2025: Opposition creates ruckus in Parliament over 'Operation Sindoor', terrorism, plane crash and Trump's statement

2025 के मानसून सत्र की शुरुआत संसद भवन में भारी हंगामे के साथ हुई। जैसे ही लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही शुरू हुई, विपक्ष ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ पर चर्चा की मांग करते हुए शोरगुल मचाया और दोनों सदनों को कुछ ही मिनटों में दोपहर 12 बजे तक स्थगित कर दिया गया। यह सत्र न केवल विधायी दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है, बल्कि इसमें कई राजनीतिक मुद्दे भी केंद्र में हैं जिन्हें लेकर विपक्ष सरकार को घेरने के मूड में है।


ऑपरेशन सिंदूर पर विपक्ष का हमला

मानसून सत्र की शुरुआत में ही ‘ऑपरेशन सिंदूर’ को लेकर विपक्ष, खासतौर पर कांग्रेस ने संसद के भीतर जोरदार हंगामा किया। विपक्ष का आरोप है कि इस ऑपरेशन में पारदर्शिता की कमी है और सरकार इसके पीछे छिपे एजेंडे को सार्वजनिक नहीं कर रही। इस ऑपरेशन के तहत हाल ही में जम्मू-कश्मीर में की गई कार्रवाई को लेकर विपक्ष सरकार से जवाब चाहता है। कांग्रेस नेता मल्लिकार्जुन खड़गे और राहुल गांधी ने सरकार से तत्काल इस मुद्दे पर चर्चा कराने की मांग की।


कांग्रेस के एजेंडे में कई बड़े मुद्दे

सिर्फ ऑपरेशन सिंदूर ही नहीं, कांग्रेस ने इस मानसून सत्र में कई और महत्वपूर्ण राष्ट्रीय मुद्दों को उठाने की योजना बनाई है:

1. पहलगाम आतंकवादी हमला

हाल ही में जम्मू-कश्मीर के पहलगाम क्षेत्र में हुआ आतंकवादी हमला संसद के एजेंडे में शीर्ष पर है। इस हमले में कई सुरक्षाकर्मी शहीद हुए और कांग्रेस सरकार से सुरक्षा चूक को लेकर जवाब मांग रही है।

2. बिहार का विशेष पुनरीक्षण (SIR)

बिहार में मतदाता सूची के विशेष पुनरीक्षण अभियान (Special Intensive Revision) में कथित अनियमितताओं और दस्तावेजों के फर्जीवाड़े को लेकर विपक्ष सवाल उठा रहा है। कांग्रेस इसे ‘मतदाता धांधली’ का प्रयास करार दे रही है और चुनाव आयोग की भूमिका पर भी सवाल उठा रही है।

3. एयर इंडिया विमान दुर्घटना (AI 171)

अहमदाबाद में हाल ही में एयर इंडिया की फ्लाइट AI 171 के क्रैश की घटना को लेकर विपक्ष इस सत्र में जवाब मांग रहा है। कांग्रेस के अनुसार, सरकार की ओर से हादसे पर जो जानकारी दी गई है वह अधूरी है और पीड़ित परिवारों को अभी तक पर्याप्त सहायता नहीं मिली है।

4. डोनाल्ड ट्रंप का विवादित बयान

अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा हाल ही में दिए गए बयान में उन्होंने दावा किया कि उन्होंने मई 2025 में भारत और पाकिस्तान के बीच युद्धविराम कराने में मध्यस्थता की थी। इस बयान को लेकर कांग्रेस ने सरकार से स्पष्ट स्थिति रखने को कहा है। विपक्ष जानना चाहता है कि क्या वास्तव में ट्रंप की कोई भूमिका थी, और अगर थी, तो भारत सरकार ने उसे अब तक क्यों छुपाया।


मानसून सत्र की रूपरेखा

2025 का मानसून सत्र 32 दिनों की अवधि में आयोजित हो रहा है, जिसमें 21 बैठकें होंगी। 12 अगस्त से 18 अगस्त तक संसद की कार्यवाही स्थगित रहेगी। यह सत्र संसद के विधायी एजेंडे के लिहाज़ से भी महत्वपूर्ण है क्योंकि कई अहम बिलों को पारित किए जाने की संभावना है।


चर्चा के लिए प्रस्तावित प्रमुख विधेयक

इस सत्र में कई अहम विधेयकों को चर्चा और पारित होने के लिए पेश किया जाएगा:

1. आयकर संशोधन विधेयक (Income-Tax Bill)

बजट सत्र के दौरान पेश किए गए इस बिल में कुछ टैक्स स्लैब, छूटों, और कॉर्पोरेट टैक्स ढांचे में संशोधन प्रस्तावित हैं। माना जा रहा है कि यह बिल मध्यम वर्ग के लिए राहत देने वाला हो सकता है।

2. कोस्टल शिपिंग बिल, 2024 (Coastal Shipping Bill)

इस बिल के ज़रिए सरकार भारत की तटीय नौवहन प्रणाली को और मजबूत बनाना चाहती है। इसके तहत मल्टी-मोडल लॉजिस्टिक्स को बढ़ावा देने और पत्तन विकास में निजी भागीदारी की संभावनाएं बढ़ सकती हैं।

3. बिल्स ऑफ लेडिंग बिल (Bills of Lading Bill)

इस बिल का उद्देश्य नौवहन दस्तावेज़ों को डिजिटल बनाना, और वाणिज्यिक लेन-देन को आसान और पारदर्शी बनाना है। इससे विदेशी व्यापार को बढ़ावा मिलेगा और निर्यात-आयात प्रक्रियाएं सरल होंगी।

4. मणिपुर GST संशोधन विधेयक (Manipur Goods and Services Tax Amendment Bill)

इस बिल के माध्यम से मणिपुर राज्य में लागू GST नियमों में बदलाव कर उन्हें केंद्र सरकार की नई नीतियों के अनुरूप लाया जाएगा।

5. भारतीय प्रबंधन संस्थान संशोधन विधेयक (Indian Institutes of Management Amendment Bill)

इस संशोधन से IIM संस्थानों को अधिक स्वायत्तता मिलेगी। इसके अंतर्गत बोर्ड के पुनर्गठन, नियुक्तियों और शैक्षणिक स्वतंत्रता से संबंधित सुधार प्रस्तावित हैं।


संभावित बहसें और टकराव

कांग्रेस के अलावा अन्य विपक्षी दल जैसे तृणमूल कांग्रेस, आम आदमी पार्टी, डीएमके और वाम दल भी सरकार को विभिन्न मुद्दों पर घेर सकते हैं। इनमें शामिल हैं:

  • महंगाई और बेरोजगारी का मुद्दा
  • मणिपुर और जम्मू-कश्मीर की कानून-व्यवस्था
  • मीडिया की स्वतंत्रता और प्रेस पर दबाव
  • विपक्षी नेताओं पर केंद्रीय एजेंसियों की कार्रवाई

सरकार की रणनीति

सरकार का प्रयास रहेगा कि इस सत्र को विधायी दृष्टिकोण से सफल बनाया जाए और वह विपक्ष के हंगामे के बावजूद बिलों को पारित करवा सके। सूत्रों के अनुसार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और संसदीय कार्य मंत्री प्रह्लाद जोशी ने एक रणनीति तैयार की है जिसमें विपक्ष से संवाद और तालमेल के जरिये चर्चा को आगे बढ़ाने का प्रयास किया जाएगा।


निष्कर्ष

2025 का मानसून सत्र राजनीतिक रूप से काफी संवेदनशील और घटनापूर्ण रहने वाला है। विपक्ष की आक्रामकता, जनता से जुड़े मुद्दों की गंभीरता और प्रस्तावित विधेयकों की अहमियत को देखते हुए यह सत्र आने वाले लोकसभा चुनाव 2026 के लिए भी राजनीतिक सुर और रणनीतियों की दिशा तय कर सकता है। यह देखना दिलचस्प होगा कि सरकार और विपक्ष के बीच संवाद होता है या टकराव और बढ़ता है।

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