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Share Bazar: शेयर बाजार में भारी गिरावट, अखिलेश यादव ने सरकार को घेरा

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शेयर बाजार की गिरावट से निवेशकों को बड़ा नुकसान

शुक्रवार (28 फरवरी) को भारतीय शेयर बाजार में भारी गिरावट देखने को मिली, जिससे निवेशकों का करीब 18 फीसदी पैसा डूब गया। इस गिरावट के पीछे कई कारण बताए जा रहे हैं।

अखिलेश यादव का भाजपा सरकार पर हमला

समाजवादी पार्टी के प्रमुख और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने इस मुद्दे पर प्रतिक्रिया देते हुए बीजेपी सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि ‘युवा निवेशकों’ के शेयर बाजार में लगाए अरबों रुपये डूब गए हैं, और इसके पीछे भ्रामक एप व चालाक स्टॉक माफिया का खेल चल रहा है।

स्टॉक माफिया निवेशकों का पैसा डुबा रहे

अखिलेश यादव ने आगे लिखा कि शेयर बाजार में कुछ चालाक तंत्र सक्रिय हैं, जो खरीदने और बेचने दोनों पर लाभ कमाते हैं, लेकिन निवेशकों के नुकसान से उन्हें कोई फर्क नहीं पड़ता। नए युवा निवेशकों की पूंजी को सुरक्षित रखना सरकार और निगरानी तंत्र की जिम्मेदारी है।

सरकारी तंत्र की विफलता, निगरानी तंत्र को भंग करने की मांग

उन्होंने सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि यदि यह सरकारी निगरानी तंत्र अपनी जिम्मेदारी निभाने में विफल है, तो इस पर करोड़ों रुपये खर्च करने का कोई औचित्य नहीं है और इसे तुरंत भंग कर देना चाहिए।

अर्थव्यवस्था पर पड़ेगा व्यापक प्रभाव

इस भारी गिरावट का असर केवल निवेशकों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि यह पूरी अर्थव्यवस्था को प्रभावित करेगा। युवा पीढ़ी के नुकसान का असर उनके ईएमआई पर लिए गए घरों और अन्य वित्तीय दायित्वों पर भी पड़ेगा। इससे बैंक और वित्तीय संस्थान भी संकट में आ सकते हैं।

सरकार को तुरंत उठाने चाहिए ठोस कदम

अखिलेश यादव ने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि 6 महीने से गिर रहे बाजार को बचाने के उपाय नहीं किए गए, तो यह स्पष्ट हो जाएगा कि सरकार पूरी तरह विफल हो चुकी है और बाजार को ही सरकार चला रही है।

भाजपा सरकार को जवाबदेह बनाना जरूरी

उन्होंने कहा कि बीजेपी सरकार नागरिकों को केवल ग्राहक समझकर उनका शोषण कर रही है। सरकार को युवाओं और आम जनता के निवेश की सुरक्षा सुनिश्चित करनी चाहिए और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए।

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युवा निवेशकों के लिए अहम सलाह

अखिलेश यादव ने युवा निवेशकों से अपील की कि वे अपनी मेहनत की कमाई को बहुत सोच-समझकर लगाएं और किसी भी भ्रामक प्रचार या लुभावने वादों में न आएं। उन्होंने सरकार से जवाबदेही की मांग की और कहा कि युवा अपनी एक-एक पाई का हिसाब लेकर रहेंगे।

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