दिल्ली बीजेपी ने जीत ली है। दिल्ली की जनता ने दिल से बीजेपी को चुना है। आप का टॉप आर्डर इस चुनावी खेल में बुरी तरह फेल हुआ है। वहीं शाहदरा की जनता ने अपने बेहतर भविष्य के लिए ‘संजय’ को चुना है। संजय गोयल के लिए जीत आसान नहीं थी पर अपने विरोधियों के हर दांव पेंच को संजय ने बखूबी परखते हुए मात दिया। शाहदरा सीट पूर्वी दिल्ली लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र का हिस्सा है। शाहदरा का इलाका दिल्ली के चांदनी चौक और यूपी के गाजियाबाद के करीब है। शाहदरा विधानसभा सीट दिल्ली की हाई प्रोफाइल सीटों में से एक सीट है और 2020 के विधानसभा चुनाव से आम आदमी पार्टी का कब्जा था पर इस बार संजय के समीकरण ने विरोधियों के सारे समीकरण को धत्ता बता दिया है। संजय गोयल ने 5178 वोटों के अंतर से जीत दर्ज की। गोयल ने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी आप के कैंडिडेट जीतेन्द्र सिंह शंटी को हराया है।
शाहदरा सीट पर संजय गोयल की जीत के कई प्रमुख कारण हैं:-
– भाजपा के जमीनी कार्यकर्ता हैं संजय गोयल, जनता से डायरेक्ट जुड़ाव है
– क्षेत्र के सबसे बड़े समाजसेवी हैं, सबकी मदद करने के लिए लोकप्रिय हैं
– संजय गोयल चैरिटेबल अस्पताल के जरिए जनता की सेवा करते आएं हैं
– लोगों के सुख-दुख में बढ़चढ़कर शामिल होते हैं संजय
– क्षेत्र की समस्याओं को संज्ञान में लेकर काम करते हैं संजय
– बिना भेद-भाव किये हर जाति-समुदाय के साथ खड़े दिखाई देते हैं संजय
– पिछले कई सालों से केजरीवाल सरकार के कारनामों को उजागर करने का काम कर रहे हैं संजय गोयल
शाहदरा यमुनापार का सबसे पुराना इलाका है। कारोबार के लिहाज से छोटा बाजार, बड़ा बाजार, फर्श बाजार, अनाज मंडी और तेलीवाड़ा मशहूर है। यहां के व्यपारियों ने भी पिछली बार की अपेक्षा इस बार एकजुट होकर संजय गोयल को वोट दिया।1993 में दिल्ली विधानसभा के अस्तित्व में आने के बाद से शाहदरा से वैश्य समाज का विधायक चुना गया है। इस बार भी वैश्य समाज के साथ-साथ पंजाबी समाज ने संजय गोयल के पाले में वोट किया, साथ ही ब्राह्मण वोटर्स ने भी इस बार भाजपा को फूल सपोर्ट किया है।














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