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Ram Mandir Movement: राम मंदिर आंदोलन के कारसेवकों की पहचान में बड़ी चुनौती, 19 मार्च को राष्ट्रपति करेंगी सम्मान

Ram Mandir Movement

Ram Mandir Movement: राम मंदिर आंदोलन में योगदान देने वाले कारसेवकों और संघर्ष साथियों की पहचान करना प्रशासन और ट्रस्ट के लिए आसान नहीं साबित हो रहा है। वर्षों पहले चले इस आंदोलन से जुड़े हजारों कार्यकर्ताओं के नाम, पते और संपर्क जानकारी इकट्ठा करना जिम्मेदारों के लिए बड़ी चुनौती बन गया है। लगातार प्रयासों के बावजूद अभी तक सभी कारसेवकों की प्रमाणिक सूची तैयार नहीं हो पाई है।

जानकारी के अनुसार, इस कार्य में लगी समिति ने राम मंदिर ट्रस्ट से फरवरी तक का अतिरिक्त समय मांगा है। आंदोलन के समय अलग-अलग संगठनों और क्षेत्रों में सक्रिय रहे कार्यकर्ताओं का रिकॉर्ड अलग-अलग जगहों पर बिखरा पड़ा है, जिससे डाटा जुटाने की प्रक्रिया जटिल हो गई है।

कई लोग समय के साथ दूसरे स्थानों पर बस गए हैं, तो कई के मोबाइल और पते बदल चुके हैं। ऐसे में सत्यापन का काम और मुश्किल हो गया है।

Ram Mandir Movement

उधर, हिंदू नववर्ष के अवसर पर 19 मार्च को राम मंदिर ट्रस्ट की ओर से नव संवत्सर समारोह आयोजित किया जाएगा। इस कार्यक्रम में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहेंगी और करीब 400 श्रमिकों को सम्मानित करेंगी। समारोह के लिए लगभग पांच हजार मेहमानों को आमंत्रित करने की तैयारी है।

इन आमंत्रितों में 1984 से 2002 के बीच आंदोलन में सक्रिय रहे कारसेवकों और सहयोगियों को भी शामिल किया जाएगा। ट्रस्ट का कहना है कि किसी भी वास्तविक कार्यकर्ता का नाम छूट न जाए, इसलिए पुराने दस्तावेज, संगठनों के अभिलेख और स्थानीय स्तर पर संपर्क अभियान के जरिए जानकारी जुटाई जा रही है।

मेहमानों के ठहरने की विशेष व्यवस्था

समारोह में आने वाले अतिथियों के लिए अयोध्या में करीब दो हजार कमरों की बुकिंग की जा रही है। इसमें होम स्टे को प्राथमिकता दी जा रही है, ताकि स्थानीय लोगों को भी रोजगार का अवसर मिल सके।

सूत्रों के मुताबिक, विभिन्न प्रांतों से मेहमानों की सूची तैयार की जा रही है — लखनऊ क्षेत्र के चार प्रांतों से 500-500 लोग, मेरठ और ब्रज से 400-400, उत्तराखंड से 200 तथा अयोध्या से करीब 1500 लोगों को बुलाया जाएगा। साथ ही लगभग 500 साधु-संत भी समारोह में आमंत्रित किए जाएंगे।

तैयारियों को लेकर हुई अहम बैठक

कार्यक्रम को भव्य और व्यवस्थित बनाने के लिए कारसेवक पुरम में एक बैठक आयोजित की गई, जिसमें सुरक्षा, व्यवस्था और श्रद्धालुओं की सुविधाओं पर विस्तार से चर्चा हुई।

ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने निर्देश दिए कि आने वाले मेहमानों को किसी प्रकार की परेशानी न हो। उन्होंने सभी कार्यकर्ताओं से 15 फरवरी तक अपने-अपने क्षेत्रों की सूची सौंपने को कहा। साथ ही कार्यक्रम स्थल पर सजावट, प्रकाश व्यवस्था और सूचना तंत्र को बेहतर रखने पर जोर दिया गया।

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