श्री मुक्तसर साहिब: मुख्यमंत्री भगवंत मान ने रविवार को शिअद अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल,एसजीपीसी, और विपक्षी नेताओं पर बड़ा राजनीतिक हमला बोला।
श्री मुक्तसर साहिब के गुरु गोबिंद सिंह खेल स्टेडियम में आयोजित एक समारोह में बोलते हुए मान ने कहा कि पिछली सरकारों ने मिलकर नशा कारोबार चलाया रिश्वतखोरी की और खुद की संपत्तियां बनाईं।
मान ने कहा — > “मैं जांच करवाने में थोड़ा लेट जरूर हूं, लेकिन हाथ पक्का डालूंगा। सुखबीर बादल और उनके साथी पंजाब की जनता को बरसों तक धोखा देते रहे हैं।”
शिअद और एसजीपीसी पर कटाक्ष
मुख्यमंत्री मान ने एसजीपीसी को भी निशाने पर लिया। उन्होंने कहा कि अगर एसजीपीसी के अधीन आने वाले सभी गुरुद्वारों से गोलक (दानपात्र) हटा दी जाएं,
> “तो इनके 95 प्रतिशत कर्मचारी नौकरी छोड़ देंगे।”
उन्होंने एसजीपीसी अध्यक्ष एडवोकेट हरजिंदर सिंह धामी को भी “शिअद का कार्यकर्ता” बताते हुए कहा कि वो धार्मिक संस्था नहीं, बल्कि राजनीतिक एजेंडा चला रहे हैं।
सुखबीर बादल पर हमला
मान ने कहा कि सुखबीर बादल को श्री अकाल तख्त साहिब की कोई परवाह नहीं है।
उन्होंने याद दिलाया कि कोटकपूरा और बरगाड़ी की घटनाओं के दौरान सुखबीर ने श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की बेअदबी के मामलों में अकाल तख्त पर गलती स्वीकार की थी, लेकिन बाद में बयान बदल लिया।
> “इतिहास माफ नहीं करता। गुनाहों की माफी नहीं होती, सजा होती है,”
> उन्होंने कहा।
मुख्यमंत्री ने व्यंग्य करते हुए कहा —
> “बीबी हरसिमरत कौर कहती हैं कि उनके राज में किसी को ‘चिट्टा’ का नाम नहीं पता था। यह सही है, क्योंकि उस समय मजीठिया को ही ‘चिट्टा’ कहा जाता था।”
पूर्व CM कैप्टन अमरिंदर पर भी तंज
भगवंत मान ने कैप्टन अमरिंदर सिंह पर कटाक्ष करते हुए कहा,
> “कैप्टन साहब को तो बस सत्ता से प्यार है। मुगलों के राज में मुगलों के साथ, अंग्रेजों के राज में अंग्रेजों के साथ, कांग्रेस के राज में कांग्रेस के साथ, अब बीजेपी के साथ हैं।”
उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष जनता को “**शतरंज की गोटी**” समझता है, जबकि उन्हें जनता से डरना चाहिए।
भ्रष्टाचार और नशे पर खुलकर बोले मान
मान ने कहा कि पंजाब में पिछली सरकारों ने मिलकर नशा बेचा, ट्रांसपोर्ट पर कब्जा किया, और रिश्वत के पैसे से प्रॉपर्टी खड़ी की।
अब सभी की जांच चल रही है और सरकार भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त कार्रवाई कर रही है।
‘वोट का मतलब अक्ल का दान है’
जनता से अपील करते हुए मान ने कहा,
> “मतदान का मतलब है — अपनी अक्ल का दान करना। वोट कभी पैसे लेकर मत दीजिए। अगर रुपये लेकर वोट डालेंगे तो वो सरकार अगले पांच साल आपकी अक्ल बेच देगी।”
शिक्षा सुधार और विकास पर बोले
मान ने कहा कि आप सरकार के कार्यकाल में शिक्षा व्यवस्था में ऐतिहासिक सुधार हुए हैं।
> “आज सरकारी स्कूलों के बच्चे हर एग्जाम में टॉप कर रहे हैं। हमारी नीयत साफ है, इसलिए काम धीरे-धीरे सही दिशा में हो रहा है।”
उन्होंने कहा कि अब जनता को समझना होगा कि सोने का चम्मच लेकर जन्मे नेता जनता का भला नहीं कर सकते।
















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