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Priyanka Chaturvedi Political Future: प्रियंका चतुर्वेदी की विदाई के बाद नई सियासी राह की तलाश

Priyanka Chaturvedi political future

Priyanka Chaturvedi political future: मार्च 2026 में राज्यसभा के 59 सदस्यों का कार्यकाल पूरा हुआ और 18 मार्च को उन्हें औपचारिक विदाई दी गई। इन सदस्यों में शिवसेना (यूबीटी) की प्रियंका चतुर्वेदी भी शामिल थीं। विदाई के बाद प्रियंका ने सोशल मीडिया पर अपनी मौजूदगी इस तरह दर्ज कराई कि पूरा ध्यान उन्हीं पर केंद्रित हो गया। प्रधानमंत्री के साथ तस्वीर साझा करते हुए उन्होंने धन्यवाद संदेश लिखा, जो तेजी से वायरल हुआ। विज्ञापन और पीआर की पृष्ठभूमि से आने वाली प्रियंका को अपनी छवि बनाए रखने की कला अच्छी तरह आती है। जहां अधिकांश सेवानिवृत्त सांसदों के नाम चर्चा में नहीं आए, वहीं प्रियंका ने खुद को सुर्खियों में बनाए रखा।

कांग्रेस से शिवसेना तक का सफर

प्रियंका चतुर्वेदी ने अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत कांग्रेस की प्रवक्ता के रूप में की थी। वर्ष 2019 में उन्होंने शिवसेना का दामन थामा और अगले ही साल राज्यसभा पहुंचीं। संसद में उन्होंने सक्रिय भूमिका निभाई और अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। शिवसेना में विभाजन के दौरान उन्होंने उद्धव ठाकरे गुट के साथ रहना चुना। कार्यकाल समाप्त होने पर उन्हें दोबारा मौका नहीं मिला, लेकिन उन्होंने इसे राजनीति से दूरी नहीं बल्कि एक छोटा विराम बताया।

Priyanka Chaturvedi political future

मुंबई से जुड़ाव, मथुरा से जड़ें

प्रियंका का जन्म और परवरिश मुंबई में हुई, लेकिन उनका परिवार मूल रूप से मथुरा से जुड़ा है। उनके पिता पुरुषोत्तम लाल चतुर्वेदी मुंबई में चार्टर्ड अकाउंटेंट रहे और सामाजिक व पारिवारिक संबंधों के कारण मथुरा से उनका संपर्क बना रहा। प्रियंका भी समय-समय पर मथुरा आती रहती हैं और पारंपरिक आयोजनों में भाग लेती हैं। इससे स्थानीय समाज में उनकी पहचान बनी हुई है।

शिक्षा और शुरुआती करियर

उन्होंने मुंबई के सेंट जोसेफ हाई स्कूल से पढ़ाई की और नरसी मोंजी कॉलेज से कॉमर्स में स्नातक किया। राजनीति में आने से पहले उन्होंने कॉरपोरेट और पीआर क्षेत्र में काम किया। 2010 में कांग्रेस में शामिल होकर उन्होंने राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाई। बाद में शिवसेना में शामिल होकर उन्होंने अपनी राजनीतिक दिशा बदली और राज्यसभा तक पहुंचीं।

राजनीति में संभावनाएं बरकरार

47 वर्ष की उम्र में प्रियंका चतुर्वेदी को सक्रिय राजनीति के लिए अभी लंबा समय माना जा रहा है। सोशल मीडिया पर उनकी सक्रियता और विभिन्न नेताओं से संवाद यह संकेत देता है कि वे नई संभावनाओं की तलाश में हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि वे आने वाले समय में विपक्ष या किसी अन्य भूमिका में फिर सक्रिय दिखाई दे सकती हैं।

सामाजिक जुड़ाव से मजबूती

प्रियंका का सामाजिक कार्यक्रमों में भाग लेना और सांस्कृतिक आयोजनों से जुड़ाव उनकी सार्वजनिक छवि को मजबूत करता है। मुंबई और मथुरा दोनों जगह उनकी मौजूदगी उन्हें व्यापक पहचान दिलाती है। यही कारण है कि भले उनका सीधा वोट बैंक सीमित हो, लेकिन सामाजिक नेटवर्किंग उन्हें भविष्य में लाभ दे सकती है।

विराम के बाद अगला कदम?

राज्यसभा से विदाई को प्रियंका ने अपने करियर का अंत नहीं बल्कि एक ब्रेक बताया है। उनकी सक्रियता से संकेत मिलता है कि वे जल्द ही नई भूमिका में नजर आ सकती हैं। राजनीतिक गलियारों में अब सवाल यही है कि यह विराम कितने समय का होगा और उनकी अगली सियासी मंजिल क्या होगी।

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