भारत सरकार ने ‘ऑपरेशन शील्ड’ के तहत सीमावर्ती राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में नागरिक सुरक्षा मॉक ड्रिल की नई तारीखें घोषित की हैं। यह अभ्यास पाकिस्तान समर्थित आतंकवादी हमलों के बढ़ते खतरे के मद्देनजर नागरिकों और सुरक्षा एजेंसियों की आपातकालीन प्रतिक्रिया क्षमता को बढ़ाने के उद्देश्य से आयोजित किया जा रहा है।

ड्रिल का उद्देश्य और पृष्ठभूमि
22 अप्रैल 2025 को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले में 26 नागरिकों की मौत के बाद, भारत ने 7 मई को ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में स्थित आतंकवादी ठिकानों पर सर्जिकल स्ट्राइक की थी। इसके बाद से भारत-पाकिस्तान सीमा पर तनाव बढ़ गया है, जिससे नागरिक सुरक्षा उपायों की आवश्यकता महसूस की गई।
मॉक ड्रिल की प्रमुख गतिविधियाँ
‘ऑपरेशन शील्ड’ के तहत आयोजित मॉक ड्रिल में निम्नलिखित गतिविधियाँ शामिल होंगी:
- एयर रेड सायरन: संभावित हवाई हमलों की चेतावनी के लिए सायरन बजाए जाएंगे।
- ब्लैकआउट अभ्यास: नागरिक क्षेत्रों में बिजली बंद करके ब्लैकआउट की स्थिति का अभ्यास किया जाएगा।
- मॉक निकासी: ड्रोन या मिसाइल हमलों की स्थिति में सैन्य ठिकानों से परिवारों की निकासी का अभ्यास।
- आपातकालीन प्रतिक्रिया: चिकित्सा टीमों की तैनाती, रक्त इकाइयों का परिवहन और अन्य आपातकालीन उपायों का परीक्षण।

राज्यवार नई तारीखें
- राजस्थान: 31 मई को शाम 5 बजे से राज्य के सभी 41 जिलों में मॉक ड्रिल आयोजित की जाएगी।
- पंजाब: 3 जून को सभी जिलों में मॉक ड्रिल का आयोजन किया जाएगा।
- हरियाणा: 29 मई को राज्य के सभी 22 जिलों में मॉक ड्रिल आयोजित की गई।
- गुजरात, जम्मू-कश्मीर और चंडीगढ़: इन क्षेत्रों में मॉक ड्रिल की नई तारीखों की घोषणा शीघ्र की जाएगी।
सरकारी निर्देश और तैयारी
गृह मंत्रालय के अधीन नागरिक सुरक्षा और होम गार्ड्स के महानिदेशालय ने सभी संबंधित राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को मॉक ड्रिल की तैयारी के लिए निर्देश जारी किए हैं। इसमें स्थानीय प्रशासन, पुलिस, सैन्य बलों और नागरिक सुरक्षा इकाइयों के बीच समन्वय सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया है।

नागरिकों के लिए दिशा-निर्देश
- मॉक ड्रिल के दौरान शांति बनाए रखें और सरकारी निर्देशों का पालन करें।
- ब्लैकआउट के समय अनावश्यक रूप से बाहर न निकलें।
- आपातकालीन सेवाओं के लिए निर्धारित हॉटलाइन नंबरों को नोट करें।
- ड्रिल के दौरान अफवाहों से बचें और केवल आधिकारिक स्रोतों से जानकारी प्राप्त करें।
निष्कर्ष
‘ऑपरेशन शील्ड’ के तहत आयोजित मॉक ड्रिल भारत की नागरिक सुरक्षा प्रणाली को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इससे न केवल आपातकालीन स्थितियों में प्रतिक्रिया क्षमता बढ़ेगी, बल्कि नागरिकों में जागरूकता भी बढ़ेगी। सरकार का उद्देश्य है कि सभी नागरिक संभावित खतरों के प्रति सतर्क रहें और आवश्यक तैयारियाँ सुनिश्चित करें।
















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