Mussoorie Snowfall Today: उत्तराखंड में मौसम का मिजाज लगातार खराब बना हुआ है। पहाड़ी क्षेत्रों में ठंड बढ़ने के साथ बारिश और बर्फबारी का सिलसिला जारी है। मौसम विभाग के अनुसार बागेश्वर, चमोली, देहरादून, पिथौरागढ़, रुद्रप्रयाग, टिहरी गढ़वाल, उत्तरकाशी समेत पुरोला, गंगोत्री, केदारनाथ, बदरीनाथ, मुनस्यारी, कपकोट और आसपास के इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश के साथ बर्फबारी होने की संभावना बनी हुई है।
मसूरी में जमी बर्फ, बढ़ी ठिठुरन
पहाड़ों की रानी मसूरी में देर रात हल्की बर्फबारी दर्ज की गई। बर्फ गिरने के बाद तापमान में गिरावट आई है, जिससे ठंड और बढ़ गई है। तेज हवाओं के चलते लोगों को अतिरिक्त परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

यमुनोत्री हाईवे बंद, रंवाई घाटी का संपर्क टूटा
लगातार हो रही बारिश और बर्फबारी के कारण यमुनोत्री हाईवे राना चट्टी से आगे और राड़ी टॉप के पास यातायात के लिए बंद कर दिया गया है। इसके चलते उत्तरकाशी जिले की रंवाई घाटी का जिला मुख्यालय से संपर्क पूरी तरह कट गया है।
स्कूलों में अवकाश घोषित
मौसम की चेतावनी को देखते हुए प्रशासन ने एहतियातन पौड़ी, उत्तरकाशी, टिहरी, रुद्रप्रयाग, अल्मोड़ा, पिथौरागढ़ और ऊधमसिंह नगर जिलों में एक दिन के लिए स्कूल बंद रखने के आदेश जारी किए हैं।
हिमस्खलन को लेकर अलर्ट
उत्तराखंड राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी और हिमस्खलन की आशंका को देखते हुए सभी संबंधित जिलों को सतर्क किया है। रक्षा भू-सूचना अनुसंधान संस्थान (DGRE) के पूर्वानुमान के अनुसार बुधवार शाम तक प्रदेश के कई ऊंचाई वाले इलाकों में हिमस्खलन की संभावना बनी हुई है।
डीजीआरई की चेतावनी के तहत उत्तरकाशी, चमोली और रुद्रप्रयाग जिलों को नारंगी श्रेणी (लेवल-3) में रखा गया है, जहां हिमस्खलन संभावित मार्गों पर भारी और अस्थिर बर्फ जमी हुई है। पिथौरागढ़ जिले को पीली श्रेणी (लेवल-2) में रखा गया है, जहां कुछ क्षेत्रों में अस्थिर बर्फ के कारण छोटे प्राकृतिक हिमस्खलन की आशंका बनी रहती है।
वहीं, बागेश्वर जिले को हरी श्रेणी (लेवल-1) में शामिल किया गया है, जहां स्थिति अपेक्षाकृत सामान्य है, हालांकि कुछ स्थानों पर स्थानीय स्तर पर बर्फ की अस्थिरता देखी जा सकती है।
आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास विभाग के सचिव विनोद कुमार सुमन के निर्देशों के तहत राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र ने सभी संबंधित जिलाधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे संवेदनशील क्षेत्रों में लगातार निगरानी रखें और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम सुनिश्चित करें।















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