Maharashtra Politics: महाराष्ट्र के परभणी महानगरपालिका में शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) की ओर से मुस्लिम पार्षद सैयद इकबाल को महापौर चुने जाने के बाद राज्य की राजनीति में तीखी बहस छिड़ गई है। इस फैसले को लेकर भारतीय जनता पार्टी और शिवसेना के शिंदे गुट ने उद्धव ठाकरे पर निशाना साधते हुए उनके नेतृत्व पर सवाल उठाए हैं।
महापौर पद के लिए हुए चुनाव में कांग्रेस और शिवसेना (यूबीटी) के गठबंधन ने बहुमत हासिल कर जीत दर्ज की। इसके बाद विपक्षी दलों ने इस मुद्दे को राजनीतिक रंग देते हुए तंज कसा। बीजेपी नेताओं ने कटाक्ष करते हुए कहा कि अब यह पार्टी ‘शिवसेना’ नहीं बल्कि ‘जनाबसेना’ बन गई है।
भाजपा के धार्मिक प्रकोष्ठ के अध्यक्ष आचार्य तुषार भोंसले ने बयान देते हुए कहा कि उद्धव ठाकरे ने मुस्लिम समुदाय के प्रति अपना झुकाव दिखाया है। उन्होंने आरोप लगाया कि जो फैसला मुंबई में संभव नहीं हो सका, उसे परभणी में लागू किया गया। उनके मुताबिक, इस कदम से पार्टी की पारंपरिक पहचान बदलती नजर आ रही है।

वहीं, मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना ने भी यूबीटी पर व्यंग्य करते हुए कहा कि मुंबई में जो राजनीतिक समीकरण नहीं बन पाए, उन्हें परभणी में साध लिया गया है।
दूसरी तरफ उपमहापौर पद के चुनाव में कांग्रेस के गणेश देशमुख ने 38 वोट पाकर जीत हासिल की, जबकि राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी की उम्मीदवार नाजीमा बेगम शेख अब्दुल रहीम को 27 मत मिले और उन्हें हार का सामना करना पड़ा।
इस तरह परभणी महानगरपालिका में महापौर पद शिवसेना (यूबीटी) के खाते में गया, जबकि उपमहापौर पद कांग्रेस को मिला। वहीं भाजपा और एनसीपी के प्रत्याशियों को इस चुनाव में सफलता नहीं मिल सकी।












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