घटना का संक्षिप्त विवरण
मध्य प्रदेश के इंदौर निवासी 30 वर्षीय व्यवसायी राजा रघुवंशी और उनकी पत्नी सोनम रघुवंशी ने 11 मई को शादी के बाद मेघालय के शिलांग (Sohra) में हनीमून के लिए यात्रा की थी। 23 मई को परिवार से आखिरी बार संपर्क होने के बाद दोनों का कोई पता नहीं चला। 2 जून को राजा का शव चेरापूंजी के पास एक गहरी घाटी में मिला, जबकि सोनम अब तक लापता हैं।
हत्या की पुष्टि और जांच की दिशा
प्रारंभ में यह मामला आकस्मिक मौत माना जा रहा था, लेकिन पुलिस ने घटनास्थल से खून से सना हुआ हथियार बरामद किया, जिससे हत्या की संभावना जताई गई। इसके बाद, मेघालय पुलिस ने विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया और मामले की गंभीरता से जांच शुरू की। ([timesofindia.indiatimes.com][1])
सीसीटीवी फुटेज और नए सुराग
हाल ही में शिलांग के एक होटल से सीसीटीवी फुटेज सामने आया है, जिसमें राजा और सोनम को चेक-आउट करते हुए देखा गया है। इस फुटेज से यह स्पष्ट होता है कि दोनों होटल से बाहर गए थे, लेकिन इसके बाद उनका कोई पता नहीं चला। इससे मामले में अपहरण की संभावना भी जताई जा रही है।
परिवार की चिंता और सीबीआई जांच की मांग
राजा के भाई विपुल रघुवंशी और सोनम के भाई गोविंद ने आरोप लगाया है कि स्थानीय पुलिस मामले को गंभीरता से नहीं ले रही है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान से मामले की केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) से जांच कराने की मांग की है। ([timesofindia.indiatimes.com][2])
मुख्यमंत्री का बयान और राज्य सरकार की कार्रवाई
मेघालय के मुख्यमंत्री कॉनराड के संगमा ने घटना पर दुख व्यक्त किया है और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का आश्वासन दिया है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार मामले की गंभीरता से जांच कर रही है और जल्द ही परिणाम सामने आएंगे।
निष्कर्ष
यह घटना न केवल एक नवविवाहित जोड़े की दुखद कहानी है, बल्कि यह पर्यटन स्थलों की सुरक्षा और स्थानीय प्रशासन की जिम्मेदारी पर भी सवाल खड़ा करती है। परिवार और समाज की उम्मीद है कि मामले की निष्पक्ष और त्वरित जांच हो, ताकि दोषियों को सजा मिल सके और सोनम की सुरक्षित वापसी हो।















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