भारतीय सेना ने म्यांमार सीमा से सटे मणिपुर के चंदेल जिले में एक बड़ा ऑपरेशन चलाकर 10 उग्रवादियों को मार गिराया है। यह कार्रवाई खेगजॉय तहसील के पास न्यू समतल गांव में की गई, जहां खुफिया जानकारी के आधार पर उग्रवादियों की मौजूदगी की पुष्टि हुई थी। सेना की ईस्टर्न कमांड ने देर रात एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर इस ऑपरेशन की जानकारी साझा की। यह ऑपरेशन ऐसे समय पर हुआ है जब हाल ही में भारत ने “ऑपरेशन सिंदूर” के तहत पाकिस्तान में आतंकी ठिकानों पर एयर स्ट्राइक की थी, जिससे भारत-पाक सीमा पर पहले से ही तनाव का माहौल है। अब मणिपुर के बॉर्डर पर हुई इस कार्रवाई ने पूर्वोत्तर सीमा पर भी हलचल बढ़ा दी है।

मणिपुर में सेना का बड़ा ऑपरेशन, 10 उग्रवादी मारे गए
भारतीय सेना ने मणिपुर के चंदेल जिले के खेंगजॉय तहसील में एक बड़े ऑपरेशन को अंजाम दिया है, जिसमें 10 उग्रवादियों को ढेर कर दिया गया है। सेना ने बताया कि यह ऑपरेशन न्यू समतल गांव के पास चलाया गया, जहां उग्रवादियों की मौजूदगी की पक्की जानकारी मिली थी। जैसे ही सेना की टुकड़ी पहुंची, उग्रवादियों ने फायरिंग शुरू कर दी, जिसके जवाब में सेना ने संयम और रणनीति के साथ कार्रवाई की। इस मुठभेड़ में 10 उग्रवादी मारे गए और भारी मात्रा में हथियार और गोलाबारूद बरामद किया गया। सेना के अनुसार, यह ऑपरेशन 14 मई को शुरू किया गया और अब भी जारी है। इसे मणिपुर में जारी तनाव और हिंसा के बीच एक बड़ी सफलता माना जा रहा है।

ऑपरेशन अभी भी जारी है
मणिपुर में चल रहे ऑपरेशन का सिलसिला अभी भी जारी है। यह कार्रवाई भारत के पूर्वी सीमा पर ऐसे समय हुई है, जब हाल ही में भारत ने ऑपरेशन सिंदूर के तहत पाकिस्तान में आतंकी ठिकानों पर एयर स्ट्राइक की थी। इस एयर स्ट्राइक के बाद भारत-पाकिस्तान सीमा पर तनाव बढ़ गया है। ऐसे में पूर्वोत्तर में हुई यह सुरक्षा कार्रवाई काफी महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

भारत-म्यांमार सीमा पर कड़ी सुरक्षा, बाड़ और सड़क निर्माण का फैसला
पिछले साल केंद्र सरकार ने भारत और म्यांमार के बीच 1,610 किलोमीटर लंबी अंतरराष्ट्रीय सीमा पर सुरक्षा बढ़ाने का बड़ा फैसला लिया है। मणिपुर में घुसपैठ रोकने के लिए सरकार ने सीमा पर बाड़ लगाने और नई सड़कों का निर्माण करने की मंजूरी दी है। म्यांमार से घुसपैठिए मणिपुर में प्रवेश कर रहे हैं, इसलिए अब भारत-म्यांमार सीमा पर मुक्त आवाजाही की व्यवस्था को खत्म कर दिया गया है। सुरक्षा से जुड़ी मंत्रिमंडलीय समिति ने इस काम के लिए करीब 31 हजार करोड़ रुपये की राशि मंजूर की है। इस योजना के तहत सीमा पर बाड़ लगाने और सड़क निर्माण का काम जल्द शुरू होगा।
















Leave a Reply