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‘हाउस अरेस्ट’ शो बना OTT पर अश्लीलता का प्रतीक: उल्लू, ALTT और हलचल सहित 25 प्लेटफॉर्म्स पर बैन, सरकार की सख्ती का पूरा विश्लेषण

‘House Arrest’ show became a symbol of obscenity on OTT: Ban on 25 platforms including Ullu, ALTT and Halchal, full analysis of government's strictness

भारत सरकार ने 25 जुलाई 2025 को एक बड़ा कदम उठाते हुए 25 ओटीटी (OTT) प्लेटफॉर्म्स पर बैन लगा दिया। इनमें सबसे प्रमुख नाम हैं—उल्लू (Ullu), ALTT और हलचल (Hulchul)। इन सभी पर अश्लील और पोर्नोग्राफिक कंटेंट को बढ़ावा देने का आरोप लगा है। इस कार्रवाई की पृष्ठभूमि में उल्लू का शो ‘हाउस अरेस्ट’ एक बड़ा ट्रिगर बना। इस रिपोर्ट में हम विस्तार से जानेंगे कि ‘हाउस अरेस्ट’ शो में क्या हुआ, सरकार को क्यों दखल देना पड़ा, किस तरह नियमों को तोड़ा गया, और अब आगे डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के लिए क्या संदेश गया है।


‘हाउस अरेस्ट’ शो: OTT पर अश्लीलता का नया चेहरा

‘हाउस अरेस्ट’ एक रियलिटी शो है जिसे उल्लू ऐप पर मई 2025 तक प्रसारित किया जा रहा था। शो के होस्ट थे अभिनेता अजाज़ खान, और इसमें कुछ प्रतिभागियों को एक घर में बंद कर दिया गया था—एक कैद आधारित शो जिसकी तर्ज़ ‘बिग बॉस’ से ली गई थी।

शो ने पहली बार विवाद तब खड़ा किया जब एक एपिसोड में अजाज़ खान ने एक महिला प्रतियोगी से “सेक्स पोज़िशन्स” पर सवाल पूछे और जब वह जवाब नहीं दे पाईं, तो दो अन्य प्रतिभागियों से “उस पोजिशन को enact” करने को कहा।

इस घटना की वीडियो क्लिप सोशल मीडिया पर वायरल हो गई, जिसके बाद ट्विटर (अब एक्स) पर लोगों ने इसे “OTT पर अब तक का सबसे घिनौना और भद्दा कंटेंट” बताया।

एक अन्य वायरल क्लिप में कुछ महिला प्रतिभागियों को कैमरे के सामने “चुनौती” दी गई कि वे अपने कपड़ों के नीचे से अपनी अंडरगारमेंट्स निकालें।


सरकारी हस्तक्षेप और DPCGC की कार्रवाई

सूचना और प्रसारण मंत्रालय ने इस मामले में सीधे हस्तक्षेप किया और मई 2025 में ‘हाउस अरेस्ट’ शो को हटाने के लिए उल्लू ऐप को आदेश दिया। उल्लू ने उसे हटाया तो सही, लेकिन सूत्रों के अनुसार बाद में या तो वह शो दोबारा अपलोड किया गया या फिर उसके दूसरे असंपादित वर्ज़न अपलोड किए गए।

Digital Publisher Content Grievances Council (DPCGC)—जो एक स्व-नियामक संस्था है और जिसकी अध्यक्षता एक पूर्व सुप्रीम कोर्ट जज करते हैं—ने उल्लू और ALTT को पहले भी 100 से अधिक वेब सीरीज़ हटाने के निर्देश दिए थे। परंतु, शिकायतकर्ता के अनुसार,

“प्लेटफ़ॉर्म अस्थायी रूप से एडिट करते हैं या हटाते हैं और बाद में फिर से वही कंटेंट अपलोड कर देते हैं। यह चेतावनियों को दरकिनार करना है।”


NCW की सख्ती और अजाज़ खान की पेशी

शो की अश्लीलता को लेकर राष्ट्रीय महिला आयोग (NCW) ने सख्त कार्रवाई की। उल्लू के संस्थापक विभु अग्रवाल और होस्ट अजाज़ खान दोनों को समन जारी किया गया।

NCW की अध्यक्षा रेखा शर्मा ने कहा:

“OTT पर इस तरह की सामग्री महिलाओं के खिलाफ भेदभाव और लैंगिक शोषण को सामान्य करती है। ‘हाउस अरेस्ट’ न केवल महिलाओं को वस्तु की तरह पेश करता है बल्कि यह आपराधिक आचरण को मनोरंजन का नाम दे रहा है।”


जनता और सोशल मीडिया की नाराज़गी

सोशल मीडिया पर इस शो के खिलाफ काफी गुस्सा देखने को मिला। एक X यूज़र ने केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव को टैग करते हुए लिखा:

“HOUSE ARREST. OTT: ULLU. This show is not only disgusting but beyond the definition of vulgar. The host Ajaz Khan is crossing boundaries. It’s a cheapest copy of Bigg Boss. The reels of this show are viral. Please ban this show ASAP.”

वायरल हुई रील्स में कंटेस्टेंट्स के बीच आपत्तिजनक शर्तें, न्यूडिटी के संकेत, सेक्सुअल एक्ट के enactment और ‘डार्क फैंटेसी’ जैसे विषयों को मुख्य आकर्षण के रूप में दिखाया गया।


25 प्लेटफॉर्म्स पर बैन: कौन-कौन शामिल?

सरकार द्वारा प्रतिबंधित प्लेटफॉर्म्स की सूची में निम्न प्रमुख नाम शामिल हैं:

  1. उल्लू (Ullu)
  2. ALTT (ALT Balaji का रीब्रांडेड वर्ज़न)
  3. हलचल
  4. NeonX
  5. Hotshots
  6. NueFliks
  7. Prime Play
  8. Cineprime
    …और अन्य 17 छोटे या नए OTT प्लेटफॉर्म्स, जो ‘डिजिटल पोर्नोग्राफी के केंद्र’ के रूप में देखे जा रहे थे।

कानून क्या कहता है?

भारत में अभी तक OTT प्लेटफॉर्म्स के लिए कोई अलग कानून नहीं है, लेकिन ये सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के 2021 के आईटी रूल्स के अंतर्गत आते हैं, जिसमें 3-टियर रेगुलेशन सिस्टम है:

  1. आंतरिक स्तर पर सेल्फ-रेगुलेशन।
  2. स्व-नियामक निकाय जैसे DPCGC की निगरानी।
  3. सरकारी मंत्रालय की अंतिम कार्रवाई का अधिकार।

उल्लू जैसे प्लेटफॉर्म्स ने इन सभी स्तरों को बार-बार तोड़ा है।


क्या ‘पोर्न’ पर बैन है?

भारत में पोर्न की प्रसारण/प्रकाशन पर प्रतिबंध है, लेकिन व्यावसायिक रूप से निर्मित ‘इरॉटिक’ या ‘एडल्ट कंटेंट’ को कई बार क्रिएटिव फ्रीडम की आड़ में प्रमोट किया जाता है।

परंतु, जब कंटेंट में यौन क्रियाओं का प्रदर्शन, जबरन कपड़े उतरवाना, महिला की गरिमा को ठेस पहुंचाना और हिंसा को सेक्सुअलाइज़ करना शामिल हो, तब यह स्पष्ट रूप से भारतीय दंड संहिता (IPC) और आईटी एक्ट का उल्लंघन करता है।


उल्लू का इतिहास और विवाद

उल्लू ऐप की स्थापना विभु अग्रवाल ने 2018 में की थी। यह प्लेटफॉर्म शुरू से ही ‘एडल्ट ओरिएंटेड’ कंटेंट के लिए जाना जाता रहा है।

2022 में ‘चरमसुख’ और ‘पलंगतोड़’ जैसी सीरीज को लेकर FIR दर्ज की गई थी। बाद में विभु अग्रवाल पर एक महिला मॉडल को धमकाने और सेक्सुअल फेवर मांगने के आरोप भी लगे थे।


सरकार का स्पष्ट संदेश: “डिजिटल स्पेस में अनुशासन जरूरी है”

सूचना एवं प्रसारण मंत्री अनुराग ठाकुर ने एक प्रेस ब्रीफिंग में कहा:

“OTT प्लेटफॉर्म्स को अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता दी गई है, लेकिन यदि वे पोर्नोग्राफ़ी या महिलाओं के शोषण को बढ़ावा देते हैं, तो कानून सख्ती से निपटेगा।”


आगे क्या?

सरकार अब OTT कंटेंट की निगरानी के लिए तकनीकी टूल्स विकसित कर रही है। इसके तहत:

  • AI आधारित मॉनिटरिंग सिस्टम लागू किया जाएगा।
  • बच्चों के लिए ‘पैरेंटल कंट्रोल’ अनिवार्य बनाया जाएगा।
  • Self-regulatory bodies की जवाबदेही तय की जाएगी।

निष्कर्ष: क्रिएटिविटी बनाम वल्गैरिटी

OTT प्लेटफॉर्म्स डिजिटल युग में अभिव्यक्ति का बड़ा मंच हैं, लेकिन ‘हाउस अरेस्ट’ जैसे शो इस स्पेस को वल्गैरिटी और शोषण का अड्डा बना देते हैं। सरकार की यह कार्रवाई न केवल जरूरी थी बल्कि यह एक नज़ीर भी बनेगी कि कोई भी डिजिटल मंच “मनोरंजन के नाम पर यौन शोषण या अश्लीलता” नहीं परोस सकता।

इस पूरे विवाद का संदेश स्पष्ट है—रचनात्मकता का अधिकार ज़िम्मेदारी के साथ आता है।


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