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खबर का शिकार

दिल्ली-एनसीआर में झमाझम बारिश से मौसम सुहावना, तापमान में गिरावट और हवा हुई साफ

Heavy rain in Delhi-NCR makes the weather pleasant, temperature drops and air becomes clean

सोमवार सुबह दिल्ली और उससे सटे राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) के लोगों ने राहत की सांस ली, जब तेज़ हवाओं, गरज के साथ हल्की से मध्यम बारिश ने न केवल मौसम को सुहावना बना दिया बल्कि तापमान में भी उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई।

रविवार रात से शुरू हुई बारिश

भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, बारिश का यह सिलसिला रविवार रात से ही शुरू हो गया था। सोमवार सुबह 8:30 बजे तक सफदरजंग वेधशाला — जो दिल्ली की प्रमुख मौसम निगरानी इकाई है — ने 14 मिमी बारिश दर्ज की। पालम क्षेत्र में 16.2 मिमी और लोधी रोड इलाके में 17.3 मिमी वर्षा रिकॉर्ड की गई।

तीन-तीन घंटे के अंतराल पर होने वाले IMD के वर्षा डेटा के मुताबिक, सोमवार तड़के 2:30 बजे से 5:30 बजे के बीच सबसे अधिक बारिश नजफगढ़ में हुई, जहां 5.5 मिमी वर्षा दर्ज की गई। इसके बाद सफदरजंग में 4.4 मिमी, जबकि पालम, पूसा और नरेला में 1-1 मिमी बारिश हुई।

तापमान में गिरावट से राहत

इस बारिश के चलते राजधानी में दिन का तापमान सामान्य से कई डिग्री नीचे चला गया। सोमवार सुबह 8:30 बजे सफदरजंग केंद्र पर न्यूनतम तापमान 24 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो इस मौसम के औसत से 3.9 डिग्री कम था। यह गिरावट विशेषकर उन लोगों के लिए राहत लेकर आई जो पिछले कुछ दिनों से उमस और गर्म हवाओं से परेशान थे।

मौसम विभाग का कहना है कि आने वाले 24 घंटों के दौरान भी हल्की से मध्यम बारिश जारी रह सकती है, जिससे तापमान में और गिरावट आने की संभावना है।

हवा की गुणवत्ता में सुधार

बारिश का एक और बड़ा फायदा यह रहा कि राजधानी की हवा की गुणवत्ता में सुधार देखने को मिला। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) द्वारा सोमवार सुबह 9 बजे जो एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) जारी किया गया, वह 73 रहा, जो कि रविवार शाम के 83 के मुकाबले बेहतर था।

AQI के मानकों के अनुसार:

  • 0–50: अच्छा
  • 51–100: संतोषजनक
  • 101–200: मध्यम
  • 201–300: खराब
  • 301–400: बहुत खराब
  • 401–500: गंभीर

इस लिहाज से दिल्ली की वायु गुणवत्ता अभी ‘संतोषजनक’ श्रेणी में है, लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि लगातार बारिश की स्थिति में यह ‘अच्छी’ श्रेणी में भी आ सकती है।

NCR के अन्य हिस्सों में भी बारिश

दिल्ली के अलावा एनसीआर के अन्य प्रमुख शहरों — जैसे कि नोएडा, गाज़ियाबाद, फरीदाबाद और गुरुग्राम — में भी गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई।

यह बारिश केवल तापमान में राहत नहीं लाई, बल्कि किसानों के लिए भी एक अच्छी खबर है, खासकर हरियाणा और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के उन इलाकों में जहां खरीफ की बुवाई शुरू हो चुकी है।

मौसम विभाग की चेतावनी और अलर्ट

भारतीय मौसम विभाग ने सोमवार सुबह के लिए एक नाउकास्ट चेतावनी भी जारी की थी, जिसमें हल्की बारिश, गरज-चमक और 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज़ हवाएं चलने की संभावना जताई गई थी।

दिल्ली के चारों प्रमुख क्षेत्रों — उत्तर-पश्चिम, उत्तर-पूर्व, दक्षिण-पश्चिम और दक्षिण-पूर्व — के लिए अलग-अलग चेतावनियां जारी की गईं।

दिल्ली और एनसीआर के अधिकांश हिस्सों के लिए पीला अलर्ट (Yellow Alert) जारी किया गया है, जिसका मतलब है कि “सावधान रहें”। वहीं झज्जर, भिवानी और पानीपत जैसे कुछ क्षेत्रों को हरा क्षेत्र (Green Zone) में रखा गया है, जहां कोई विशेष चेतावनी नहीं है।

IMD ने आम लोगों को सलाह दी है कि वे गरज-चमक के समय खुले स्थानों में खड़े न हों, बिजली के खंभों और पेड़ों से दूरी बनाए रखें, और निचले इलाकों में संभावित जलभराव को लेकर सतर्क रहें।

जलभराव और यातायात की स्थिति

दिल्ली में बारिश के बाद कई इलाकों में जलभराव की खबरें भी आईं। दक्षिण दिल्ली के कुछ हिस्सों, जैसे कि महरौली, अंबेडकर नगर, और लाजपत नगर में हल्का जलभराव देखा गया जिससे सुबह के समय कार्यालय जाने वालों को थोड़ी परेशानी हुई।

ट्रैफिक पुलिस ने कुछ मार्गों पर डायवर्जन भी लगाए और लोगों को गैर-जरूरी यात्रा से बचने की सलाह दी।

नागरिकों ने सोशल मीडिया पर साझा की राहत की तस्वीरें

सोमवार की सुबह राजधानी के सोशल मीडिया पर भी खासा चर्चा में रही। ट्विटर, इंस्टाग्राम और फेसबुक पर लोगों ने बारिश की तस्वीरें और वीडियो साझा किए, जिनमें बच्चे बारिश में खेलते नजर आए, और सड़कों पर भी एक नयी ताजगी का अनुभव लोगों ने साझा किया।

निष्कर्ष

दिल्ली-एनसीआर में सोमवार को हुई बारिश ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि मानसून की एक बौछार भी कितनी राहत दे सकती है। इससे जहां गर्मी से झुलसती राजधानी को राहत मिली, वहीं प्रदूषण में भी कुछ कमी दर्ज की गई।

मौसम विभाग के अनुसार अगले कुछ दिन और ऐसे ही बने रह सकते हैं, जिससे उम्मीद है कि वायु गुणवत्ता और तापमान दोनों में और सुधार होगा।

लोगों को बस यही सलाह दी जा रही है कि मौसम की जानकारी से अपडेट रहें, बिजली गिरने के समय सतर्क रहें और जलभराव वाले क्षेत्रों में अनावश्यक यात्रा से बचें।

मानसून की यह सौगात फिलहाल दिल्लीवालों के लिए सुकून और उम्मीद दोनों लेकर आई है।

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