Haryana Budget Benefits 2026: संसद में पेश केंद्रीय बजट 2026-27 ने हरियाणा के विकास को नई दिशा देने का रास्ता तैयार किया है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा घोषित 53.5 लाख करोड़ रुपये के कुल बजट में पूंजीगत व्यय को बढ़ाकर 12.2 लाख करोड़ रुपये कर दिया गया है, जो पिछले वर्ष की तुलना में करीब 9 प्रतिशत अधिक है। इस बढ़ोतरी का सीधा फायदा हरियाणा जैसे औद्योगिक और कृषि प्रधान राज्य को मिलने की उम्मीद है, जिसकी एनसीआर से नजदीकी निवेश और रोजगार के अवसरों को बढ़ाएगी।
बजट में राज्यों के लिए 1.4 लाख करोड़ रुपये के अतिरिक्त कर हिस्से का प्रावधान किया गया है और राज्यों की हिस्सेदारी 41 प्रतिशत पर बरकरार रखी गई है। इससे हरियाणा को शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क और ग्रामीण विकास परियोजनाओं के लिए अतिरिक्त संसाधन मिलेंगे।

इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर में बढ़े कैपेक्स से रेल, सड़क, आरआरटीएस कॉरिडोर, ईवी चार्जिंग नेटवर्क और औद्योगिक टाउनशिप को गति मिलेगी। खरखोदा, मानेसर और अन्य औद्योगिक क्षेत्रों में नए निवेश आने की संभावना है, जिससे रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।
सेमिकंडक्टर मिशन 2.0 और मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देने वाली योजनाएं राज्य के इलेक्ट्रॉनिक्स और ऑटो सेक्टर के लिए फायदेमंद साबित होंगी। एमएसएमई, स्टार्टअप और बायोफार्मा में निवेश से युवाओं के लिए नए रोजगार के रास्ते खुलेंगे।
कृषि क्षेत्र में फसल विविधीकरण, जल संरक्षण और किसानों की आय बढ़ाने पर जोर दिया गया है। साथ ही मेडिकल टूरिज्म, स्किल डेवलपमेंट और एआई जैसे क्षेत्रों में भी नई पहल की गई है।
स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए राज्य में नए अस्पताल और आयुर्वेदिक केंद्र खोले जा रहे हैं। रेवाड़ी, यमुनानगर और महेंद्रगढ़ में स्वास्थ्य ढांचे के विस्तार पर करोड़ों रुपये खर्च किए जाएंगे। सरकार का लक्ष्य शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में बेहतर चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराना है।
















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