दिल्ली की मंडोली जेल से एक सनसनीखेज खबर सामने आई है। कुख्यात गैंगस्टर सालमन त्यागी ने शनिवार को जेल के अंदर आत्महत्या कर ली। त्यागी को जेल के वार्ड नंबर-15 में रखा गया था और वह कई महीनों से न्यायिक हिरासत में था। उस पर हत्या, रंगदारी, अवैध हथियार रखने समेत दर्जनों आपराधिक मामले दर्ज थे।
आत्महत्या की घटना
जेल प्रशासन के मुताबिक, सालमन त्यागी का शव वार्ड में संदिग्ध हालत में मिला। शुरुआती जांच में यह मामला सुसाइड का लग रहा है। हालांकि, पुलिस और जेल प्रशासन ने पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है ताकि यह साफ हो सके कि यह वाकई आत्महत्या है या किसी साजिश का नतीजा।
सालमन त्यागी का आपराधिक रिकॉर्ड
सालमन त्यागी पश्चिमी उत्तर प्रदेश और दिल्ली-एनसीआर में सक्रिय एक बड़ा नाम रहा है। वह लंबे समय से आपराधिक गतिविधियों में शामिल था और उसके खिलाफ कई मामले दर्ज थे, जिनमें—
- हत्या और हत्या की कोशिश
- रंगदारी वसूलना
- अवैध हथियारों की सप्लाई
- जमीन कब्जाने के मामले
त्यागी का नेटवर्क दिल्ली और उत्तर प्रदेश के कई जिलों तक फैला हुआ था। पुलिस ने उसे कई बार पकड़ने की कोशिश की, लेकिन वह हर बार बच निकलता था। कुछ साल पहले ही वह बड़े एनकाउंटर अभियान के बाद गिरफ्तार हुआ था।
जेल प्रशासन पर सवाल
जेल के भीतर इस तरह से किसी कैदी का आत्महत्या करना जेल सुरक्षा और निगरानी प्रणाली पर गंभीर सवाल खड़ा करता है। मंडोली जेल पहले भी कैदियों की आपसी झड़पों और अवैध गतिविधियों के कारण चर्चा में रही है।
विशेषज्ञों का कहना है कि कुख्यात अपराधियों की लगातार निगरानी होनी चाहिए, ताकि इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।
पुलिस और परिवार की प्रतिक्रिया
पुलिस ने सालमन त्यागी के शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है। वहीं, त्यागी के परिजनों का कहना है कि वह मानसिक तनाव में था। हालांकि, कुछ करीबी लोगों का मानना है कि हो सकता है यह आत्महत्या न होकर सोची-समझी हत्या हो।
अपराध जगत के लिए संदेश
सालमन त्यागी का इस तरह अंत होना अपराध जगत के लिए एक बड़ा संदेश है। उसका नाम कभी दिल्ली-एनसीआर के गैंगवार और रंगदारी से जोड़ा जाता था, लेकिन अब वह खुद जेल की चारदीवारी के भीतर दम तोड़ गया।
निष्कर्ष
मंडोली जेल की यह घटना कई सवाल खड़े करती है—क्या जेल प्रशासन पर्याप्त सतर्क है? क्या गैंगस्टर सालमन त्यागी वास्तव में आत्महत्या कर सकता था या इसके पीछे कोई गैंगवार की साजिश है?
जांच पूरी होने के बाद ही सच सामने आ पाएगा, लेकिन फिलहाल यह साफ है कि अपराध की दुनिया में चाहे कितना भी दबदबा हो, अंत अक्सर अकेलेपन और असमय मौत के रूप में सामने आता है।















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