भारत के विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर 8 जून से 14 जून तक एक अहम सात दिवसीय विदेश दौरे पर रहेंगे, जिसके तहत वह फ्रांस, बेल्जियम और यूरोपीय संघ का दौरा करेंगे। इस यात्रा का उद्देश्य भारत की रणनीतिक साझेदारियों को और मज़बूत करना और वैश्विक मंचों पर सहयोग के नए रास्ते तलाशना है।
विदेश मंत्रालय ने बताया कि जयशंकर इस दौरे के दौरान फ्रांस के पेरिस और मार्सिले, बेल्जियम के ब्रसेल्स, और यूरोपीय आयोग के शीर्ष अधिकारियों से मुलाकात करेंगे। इस दौरान वे न केवल द्विपक्षीय वार्ता करेंगे, बल्कि थिंक टैंक, मीडिया और प्रवासी भारतीय समुदाय से भी संवाद करेंगे।
फ्रांस यात्रा का एजेंडा
फ्रांस में वे यूरोप और विदेश मामलों के मंत्री जीन नोएल बरोट के साथ द्विपक्षीय चर्चा करेंगे। इस वर्ष भारत और फ्रांस की रणनीतिक साझेदारी के 25 वर्ष पूरे हो रहे हैं, जो दोनों देशों के बीच मजबूत विश्वास और सहयोग को दर्शाता है। इसके अलावा जयशंकर मार्सिले में आयोजित होने वाली भूमध्यसागरीय रायसीना डायलॉग के उद्घाटन समारोह में भी भाग लेंगे।
यूरोपीय संघ से रिश्तों को नई ऊंचाई
विदेश मंत्री यूरोपीय संघ के उच्च प्रतिनिधि और उपाध्यक्ष काजा कालास के साथ एक रणनीतिक वार्ता करेंगे। साथ ही यूरोपीय आयोग और यूरोपीय संसद के वरिष्ठ नेताओं से भी मुलाकात करेंगे। यह मुलाकातें व्यापार, टेक्नोलॉजी, सुरक्षा और वैश्विक मुद्दों पर सहयोग को और गहरा करेंगी।
बेल्जियम में भारत की बढ़ती पहुंच
बेल्जियम में एस. जयशंकर उप प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री मैक्सिम प्रीवोट के साथ द्विपक्षीय वार्ता करेंगे। इस दौरान हीरा उद्योग, हरित ऊर्जा, फार्मा और तकनीकी निवेश जैसे क्षेत्रों में सहयोग को लेकर बातचीत होगी। वे भारतीय समुदाय के सदस्यों से भी मुलाकात करेंगे।
निष्कर्ष:
डॉ. एस. जयशंकर की यह यात्रा भारत की विदेश नीति में एक नया मील का पत्थर साबित हो सकती है। वैश्विक मंचों पर भारत की भूमिका को मजबूती देने और रणनीतिक साझेदारियों को आगे बढ़ाने के लिए यह दौरा बेहद अहम माना जा रहा है।
















Leave a Reply