बागेश्वर धाम के बाबा पंडित धीरेंद्र शास्त्री हाल ही में एक समिट में शामिल होने के लिए पहुंचे, जहां उन्होंने कई मुद्दों पर खुलकर बातचीत की। इस दौरान उन्होंने समाज में हो रहे बदलावों से लेकर औरंगजेब तक विभिन्न विषयों पर अपनी राय दी। बाबा ने कहा कि उनका यह उद्देश्य है कि कोई भी व्यक्ति हिंदू, मुसलमान या ईसाई न रहे, बल्कि सभी सनातनी बन जाएं।
समिट के दौरान उनसे पूछा गया कि आप बुंदेलखंड से आते हैं, जहां गंगा-जमुनी तहजीब की मिसाल दी जाती है, लेकिन उन्होंने इसे खारिज करते हुए कहा कि बुंदेलखंड में गंगा-जमुनी तहजीब नहीं है। जब उनसे यह पूछा गया कि इस क्षेत्र में इसके अनगिनत उदाहरण रहे हैं, तो उन्होंने जवाब दिया कि हो सकता है, लेकिन एक समय था जब हमारे दादा जी खुद को प्रधानमंत्री कहते थे। इसलिए हमें पुरानी बातें छोड़नी चाहिए।

“500 मुसलमान हमारे भक्त हैं”
जब उनसे पूछा गया कि क्या कभी उनका बचपन किसी मुस्लिम दोस्त के साथ बीता है, तो उन्होंने कहा कि बीता तो है और अभी भी उनके मुस्लिम दोस्त हैं, लेकिन वह अच्छे और कायदे वाले लोग हैं। बाबा ने यह भी कहा कि उन्हें मुसलमानों से कोई दिक्कत नहीं है, क्योंकि लगभग 500 मुसलमान उनके भक्त हैं, जो जानते हैं कि वह गलत नहीं हैं।
धीरेंद्र शास्त्री के मुसलमान दोस्त
धीरेंद्र शास्त्री ने अपने कुछ मुस्लिम दोस्तों का नाम भी लिया। उन्होंने बताया कि एक जलील खान हैं, जो उनके बहुत प्रिय रहे हैं। इसके अलावा मुबारक खान भी उनके जीवन में महत्वपूर्ण रहे हैं और उन्हें अब भी बहुत मानते हैं। उन्होंने एक और रफीक खान का भी जिक्र किया, जो उनके यहां सुंदरकांड के दौरान ढोलक बजाते थे। हालांकि रफीक खान के गुरु उन्हें अक्सर कुछ बुरा बोलते थे।
जब उनसे यह सवाल किया गया कि क्या उनके हिंदू राष्ट्र बनाने वाले बयान से बुंदेलखंड के किसी गांव के शेख मुबारक और धीरेंद्र शास्त्री के बीच कोई खटास नहीं आएगी, तो उन्होंने जवाब दिया कि ऐसा नहीं होगा, क्योंकि शेख मुबारक खुद भी कन्वर्ट होकर हिंदू बन चुके हैं। इसके अलावा उन्होंने यह भी कहा कि अगर कोई बाप को बाप नहीं कहे, तो यह बेटे की गलती है।














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