बर्फीली हवाओं ने राजधानी को बना दिया ‘कोल्ड चैंबर’, वहीं बेहद खराब हवा ने बढ़ाई लोगों की परेशानियां
राजधानी दिल्ली इस समय मौसम की दोहरी मार झेल रही है। एक ओर पहाड़ों से आ रही सर्द हवाओं ने ठंड को बेहद तीखा बना दिया है, तो दूसरी ओर प्रदूषण ने हवा को सांस लेने लायक नहीं छोड़ा है। गुरुवार की सुबह दिल्ली में इतनी ठंड रही कि कई मशहूर पहाड़ी पर्यटन स्थल भी पीछे छूट गए। राजधानी में इस सीजन की अब तक की सबसे ठंडी सुबह दर्ज की गई।
मौसम विभाग के मुताबिक, पालम इलाके में न्यूनतम तापमान गिरकर 2.3 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। यह जनवरी 2023 के बाद का सबसे कम तापमान है। हैरानी की बात यह रही कि दिल्ली का तापमान आज जम्मू, देहरादून और शिमला जैसे पहाड़ी शहरों से भी नीचे दर्ज किया गया। 15 जनवरी को जम्मू में न्यूनतम तापमान 4.4 डिग्री, देहरादून में 4.8 डिग्री और शिमला में 7 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।

दिल्ली के अलग-अलग इलाकों में न्यूनतम तापमान इस प्रकार रहा
- पालम: 2.3 डिग्री सेल्सियस (2010 के बाद सबसे कम)
- आयानगर: 2.7 डिग्री सेल्सियस
- सफदरजंग: 2.9 डिग्री सेल्सियस
- लोधी रोड: 3.4 डिग्री सेल्सियस
- रिज क्षेत्र: 4.5 डिग्री सेल्सियस
पालम में ठंड ने पिछले 15 वर्षों का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। इससे पहले वर्ष 2013 में यहां तापमान 2.6 डिग्री सेल्सियस तक गिरा था।
प्रदूषण ने बढ़ाई परेशानी
भीषण ठंड के बीच दिल्ली-एनसीआर की हवा बेहद जहरीली बनी हुई है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के अनुसार, दिल्ली का औसत एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 349 दर्ज किया गया, जो ‘बेहद खराब’ श्रेणी में आता है। नेहरू नगर (397), पंजाबी बाग (386) और चांदनी चौक (384) जैसे इलाकों में हवा ‘गंभीर’ स्तर के करीब पहुंच गई है। वहीं पूसा क्षेत्र में AQI 399 दर्ज किया गया, जो स्वास्थ्य के लिए अत्यंत खतरनाक माना जाता है।
अगले 24 घंटे रहेंगे और मुश्किल
मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि आने वाले कुछ दिनों तक दिल्ली शीत लहर की चपेट में बनी रह सकती है। आसमान साफ रहने के कारण रात के तापमान में और गिरावट की संभावना है। ठंड और प्रदूषण के इस खतरनाक मेल ने खासकर बुजुर्गों और बच्चों की सेहत को लेकर चिंता बढ़ा दी है।













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