दिल्ली में इस साल मार्च में ही अत्यधिक गर्मी का रिकॉर्ड टूट गया है। बुधवार को दिल्ली का तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया। यमुना के किनारे स्थित इलाकों में तापमान 40.1 डिग्री रिकॉर्ड किया गया, जो पिछले साल के मुकाबले अधिक था। मार्च 2022 में तापमान 39.6 डिग्री तक पहुंचा था, लेकिन इस बार यह 3 साल बाद सबसे अधिक देखा गया। पीतमपुरा, दिल्ली का सबसे गर्म इलाका रहा, जहां तापमान 40.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ।
आने वाले दिनों में बढ़ सकती है गर्मी
मौसम विभाग के अनुसार, पश्चिमी विक्षोभ की वजह से अगले दो दिनों तक तापमान स्थिर रहेगा, लेकिन उसके बाद गर्मी और बढ़ सकती है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने आने वाले दिनों में लू चलने की संभावना जताई है। हालांकि, बुधवार का तापमान 40 डिग्री को पार कर गया, लेकिन मौसम विभाग ने इसे हीटवेव नहीं माना है। अगर यह तापमान लगातार दो दिन तक 40 डिग्री के पार रहता है, तो हीटवेव की घोषणा की जा सकती है।
बिजली की बढ़ी हुई मांग
गर्मी बढ़ने के साथ ही बिजली की मांग में भी वृद्धि हो सकती है। एक अध्ययन के मुताबिक, अगले दशक में भारत में 13-15 करोड़ नए रूम एयर कंडीशनर (एसी) जुड़ने की उम्मीद है, जिससे 2035 तक देश की अधिकतम बिजली मांग 180 गीगावाट (जीडब्ल्यू) तक पहुंच सकती है। इससे बिजली आपूर्ति पर गंभीर दबाव पड़ सकता है। बर्कले विश्वविद्यालय (यूसी) में किए गए अध्ययन में यह भी बताया गया है कि भारत अगले 10 सालों में एसी की ऊर्जा दक्षता को दोगुना करके बिजली की गंभीर कमी से बच सकता है और उपभोक्ताओं को 2.2 लाख करोड़ रुपये (26 अरब डॉलर) तक की बचत हो सकती है।
भारत में एसी की बढ़ती मांग
भारत में हर साल 1-1.5 करोड़ नए एसी की मांग है। अगर नीतिगत हस्तक्षेप नहीं किया गया तो एसी की मांग 2030 तक 120 गीगावाट और 2035 तक 180 गीगावाट तक बिजली की मांग बढ़ा सकती है, जो कि कुल बिजली की मांग का लगभग 30 प्रतिशत होगा। विशेषज्ञों का कहना है कि यह वृद्धि भारत की बिजली आपूर्ति से आगे निकल जाएगी और वर्ष 2026 तक बिजली की गंभीर कमी हो सकती है।
हीटवेव से निपटने के लिए स्वास्थ्य मंत्रालय की पहल

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने राज्यों को हीटवेव से निपटने के लिए निर्देश दिए हैं। मंत्रालय ने इस संबंध में राज्यों को एक चिट्ठी भेजी है, ताकि गर्मी के मौसम में होने वाली परेशानियों से निपटा जा सके। गर्मी बढ़ने के साथ, एयर कंडीशनर की बिक्री में भी 40-50 प्रतिशत की वृद्धि हुई है, जिससे यह साफ होता है कि गर्मी के साथ बिजली की मांग भी तेजी से बढ़ने वाली है।













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