दिल्ली की कथित आबकारी नीति मामले में बड़ी कानूनी राहत देते हुए राउज एवेन्यू कोर्ट ने पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया को बरी कर दिया है। यह मामला केंद्रीय जांच ब्यूरो द्वारा दर्ज किया गया था। अदालत के फैसले के बाद केजरीवाल ने अपने घर से पार्टी कार्यालय तक रोड शो कर समर्थकों का अभिवादन किया।
फैसले के बाद आयोजित प्रेस वार्ता में केजरीवाल ने इसे ऐतिहासिक बताते हुए केंद्र सरकार पर साजिश रचने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी को राजनीतिक रूप से कमजोर करने के लिए झूठे मुकदमे बनाए गए। उन्होंने नरेंद्र मोदी और अमित शाह से देश से माफी मांगने की बात कही।
केजरीवाल ने प्रधानमंत्री को खुली चुनौती देते हुए कहा कि यदि दिल्ली में दोबारा चुनाव कराए जाएं तो उनकी पार्टी को भारी समर्थन मिलेगा। उन्होंने दावा किया कि विपक्ष दस से ज्यादा सीटें भी नहीं जीत पाएगा। साथ ही उन्होंने कहा कि उन्हें राजनीतिक तौर पर रोकने के लिए साजिशें रची जा रही हैं।

उन्होंने यह भी कहा कि जेल जाने का असर उनके परिवार पर पड़ता है, लेकिन उन्होंने हमेशा ईमानदारी से काम किया है। दिल्ली में शिक्षा, स्कूलों और बुनियादी ढांचे में किए गए कामों का जिक्र करते हुए उन्होंने भाजपा सरकार पर विकास की अनदेखी का आरोप लगाया।
केजरीवाल ने कहा कि अदालत के फैसले ने ‘झूठ की बुनियाद’ को गिरा दिया है। उनके मुताबिक, जांच एजेंसियों का इस्तेमाल कर चार साल तक उनकी पार्टी को निशाना बनाया गया, लेकिन कोर्ट ने माना कि मुकदमा चलाने लायक पर्याप्त सबूत भी नहीं हैं।
कांग्रेस द्वारा फैसले की टाइमिंग पर सवाल उठाने पर उन्होंने पलटवार करते हुए कहा कि विपक्ष को आत्ममंथन करना चाहिए। उन्होंने पूछा कि जब उनके नेताओं को जेल भेजा गया, तब अन्य दलों के नेताओं पर ऐसी कार्रवाई क्यों नहीं हुई।
सूत्रों के अनुसार, सीबीआई इस निर्णय को ऊपरी अदालत में चुनौती देने की तैयारी कर रही है। एजेंसी का आरोप था कि तथाकथित ‘साउथ लॉबी’ ने नीति को अपने पक्ष में कराने के लिए 100 करोड़ रुपये की रिश्वत दी। हालांकि बचाव पक्ष ने इन आरोपों को निराधार बताया और कहा कि रिश्वत लेने या मांगने का कोई प्रमाण मौजूद नहीं है।
गौरतलब है कि कोविड काल में लागू की गई दिल्ली आबकारी नीति 2021-22 पर अनियमितताओं के आरोप लगे थे, जिसके बाद जांच शुरू हुई और बाद में नीति को रद्द कर दिया गया। सीबीआई और ईडी दोनों अलग-अलग पहलुओं की जांच कर रही थीं।
फैसले के बाद केजरीवाल ने कहा कि उन्हें न्यायपालिका पर पूरा भरोसा है और सच की जीत हुई है।














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