विधानसभा गेट पर हंगामा, आप ने लगाया तानाशाही का आरोप
दिल्ली विधानसभा में आम आदमी पार्टी (AAP) के 21 निष्कासित विधायकों को गुरुवार को प्रवेश नहीं दिया गया। पुलिस ने विधानसभा गेट पर बैरिकेड लगाकर उन्हें रोक दिया, जबकि अमानतुल्लाह खान को अंदर जाने की अनुमति दी गई। आम आदमी पार्टी ने इसे तानाशाही करार देते हुए कहा कि ऐसा दिल्ली के इतिहास में पहली बार हुआ है कि चुने हुए विधायकों को सदन में जाने से रोका गया।

विधानसभा गेट पर आप नेता आतिशी और अधिकारियों के बीच तीखी बहस भी हुई। आतिशी ने सोशल मीडिया पर बीजेपी पर हमला बोलते हुए कहा कि सत्ता में आते ही उन्होंने लोकतंत्र की हदें पार कर दीं।
निलंबन के कारण विधानसभा में प्रवेश वर्जित
25 फरवरी को विधानसभा में उपराज्यपाल के अभिभाषण के दौरान हंगामे के बाद स्पीकर ने AAP के 21 विधायकों को 3 दिन के लिए सस्पेंड कर दिया था। इस निलंबन की अवधि 28 फरवरी तक है। चूंकि अमानतुल्लाह खान उस दिन अनुपस्थित थे, इसलिए उन्हें प्रतिबंध से छूट दी गई।
जय भीम के नारे पर निष्कासन का आरोप
पूर्व सीएम आतिशी ने कहा कि आप विधायकों को सिर्फ इसलिए निष्कासित किया गया क्योंकि उन्होंने “जय भीम” के नारे लगाए, जबकि बीजेपी विधायकों को “मोदी मोदी” के नारे लगाने पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी ने सरकारी दफ्तरों में डॉ. भीमराव अंबेडकर की तस्वीर हटाकर पीएम मोदी की तस्वीरें लगा दीं। उन्होंने इसे बीजेपी की दलित विरोधी मानसिकता करार दिया और कहा कि जनता इसका जवाब देगी।














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