दिल्ली विधानसभा में शुक्रवार को दिल्ली परिवहन निगम (डीटीसी) की कैग रिपोर्ट पर चर्चा के दौरान मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता द्वारा पुलिसकर्मियों के लिए ‘ठुल्ला’ शब्द का इस्तेमाल विवादों में आ गया। कैग रिपोर्ट पर चर्चा करते हुए रेखा गुप्ता ने एक किस्सा सुनाया, जिसमें उन्होंने पुलिसकर्मियों को ‘ठुल्ला’ कहा। इस बयान के बाद सदन में हंगामा मच गया। दरअसल, इससे पहले दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल भी पुलिसकर्मियों के लिए यही शब्द इस्तेमाल कर चुके थे, जिसके बाद उन्हें माफी मांगनी पड़ी थी।
सदन में विपक्ष का हंगामा
सीएम रेखा गुप्ता के इस बयान पर विपक्ष ने कड़ी आपत्ति जताई, जिसके बाद विधानसभा के स्पीकर ने इस शब्द को सदन की कार्यवाही से हटा दिया। आम आदमी पार्टी के विधायक सौरभ भारद्वाज ने कहा, “मुझे याद है जब केजरीवाल जी ने ‘ठुल्ला’ शब्द का इस्तेमाल किया था तो कई दिनों तक हंगामा हुआ था। लेकिन इस बार कोई ऐसा शब्द नहीं इस्तेमाल किया गया जिससे किसी के सम्मान को ठेस पहुंचे।”

सीएम रेखा गुप्ता का बयान
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सदन में एक किस्सा सुनाते हुए पुलिस पर टिप्पणी की। उन्होंने कहा, “एक गांव में एक दुकानदार के यहां चोरी हो गई। वह थाने में रिपोर्ट लिखाने गया। पुलिस वहां थी, जैसे पंजाब पुलिस होती है। फिर दो ठुल्ले इधर, दो ठुल्ले उधर खड़े हो गए। वे बादाम खा रहे थे और चोरी के बारे में पूछते जा रहे थे। दुकानदार ने कहा कि इस समय दिल्ली सरकार की यही स्थिति थी।”
केजरीवाल का विवादित बयान
इससे पहले, लगभग एक दशक पहले, आम आदमी पार्टी के संयोजक और तत्कालीन मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने एक न्यूज चैनल को दिए इंटरव्यू में ‘ठुल्ला’ शब्द का इस्तेमाल किया था। इस पर बड़ा विवाद हुआ था और उन्हें माफी मांगनी पड़ी थी। केजरीवाल ने कहा था, “दिल्ली पुलिस का ठुल्ला अगर किसी रेहड़ी-पटरी वाले से पैसे मांगता है, तो उसके खिलाफ केस क्यों नहीं दर्ज होता?” उनके इस बयान को लेकर दिल्ली पुलिस और अन्य नेताओं ने कड़ी आपत्ति जताई थी।
पुलिस का विरोध
तत्कालीन दिल्ली पुलिस कमिश्नर बीएस बस्सी ने इस बयान पर आपत्ति जताते हुए कहा था, “यह शब्द अपमानजनक है। किसी को भी पुलिस के खिलाफ ऐसे शब्दों का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए।” अब, सीएम रेखा गुप्ता के इस बयान के बाद विपक्ष ने भी इस मुद्दे को उठाया और सरकार से स्पष्टीकरण मांगा है।













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