घटनाक्रम: राजधानी में 3 दिन, 11 धमकियाँ
देश की राजधानी दिल्ली एक बार फिर साइबर आतंक की चपेट में आ गई है। बीते तीन दिनों में राजधानी के कम-से-कम 10 स्कूलों और एक प्रतिष्ठित कॉलेज (सेंट स्टीफन कॉलेज, दिल्ली विश्वविद्यालय) को बम विस्फोट की ईमेल धमकी मिली है। इन सभी मेल्स को दो अज्ञात नामों से साइन किया गया – ‘Roadkill’ और ‘Benji’।
इन ईमेल्स में लिखा गया कि स्कूल की कक्षाओं में बच्चों के बैग्स में विस्फोटक लगाए गए हैं और यह एक “bloodbath” यानी नरसंहार होगा। मेल भेजने वालों ने खुद को “सज़ा देने वाले” बताया और मीडिया से अपनी पहचान उजागर करने की माँग भी की।
कौन-कौन से स्कूल बने निशाना?
बुधवार को निम्नलिखित पाँच प्रमुख स्कूलों को बम की धमकी मिली:
- St. Thomas School, द्वारका
- Vasant Valley School, वसंत कुंज
- Mother’s International School, हौज खास
- Richmond Global School, पश्चिम विहार
- Sardar Patel Vidyalaya, लोधी एस्टेट
इसके अतिरिक्त, सोमवार और मंगलवार को तीन अन्य स्कूलों और St. Stephen’s College को भी इसी तरह की धमकी ईमेल प्राप्त हुई।
धमकी में क्या लिखा था?
ईमेल में कुछ इस तरह का संदेश था:
“Explosive devices are hidden inside backpacks and placed around the classrooms of the school. This is extremely serious. You will all pay for your sins. Roadkill and Benji are the people responsible for this bloodbath. Release our names to the press/media.“
(“कक्षा में रखे बैग्स में विस्फोटक रखे गए हैं। यह बहुत गंभीर है। तुम सबको अपने पापों की कीमत चुकानी होगी। इस नरसंहार के ज़िम्मेदार रोडकिल और बेनजी हैं। हमारे नाम मीडिया में उजागर करो।”)
प्रशासन की त्वरित प्रतिक्रिया
जैसे ही ईमेल्स मिले, तुरंत:
- दिल्ली पुलिस
- फायर टेंडर्स
- बम डिटेक्शन एंड डिस्पोजल स्क्वॉड
- डॉग स्क्वॉड
को इन स्कूलों और कॉलेज में भेजा गया।
सभी परिसरों को खाली कराया गया, सघन तलाशी ली गई और कई घंटों तक छात्र, शिक्षक व अभिभावक दहशत में रहे। कहीं भी कोई विस्फोटक वस्तु नहीं मिली और सभी धमकियाँ झूठी (hoax) साबित हुईं।
कौन हैं ‘Roadkill’ और ‘Benji’?
इन दोनों नामों ने पूरे मामले को और रहस्यमयी बना दिया है।
1. Roadkill
- सामान्यतः इसका अर्थ होता है सड़क पर मरे हुए जानवर।
- लेकिन ऑनलाइन और गेमिंग कम्युनिटी में यह एक “edgy या dark यूज़रनेम” के रूप में देखा जाता है।
- BBC One पर 2020 में आया एक ब्रिटिश पॉलिटिकल थ्रिलर “Roadkill” भी चर्चित रहा, जिसमें मुख्य किरदार की ज़िंदगी राजनीतिक स्कैंडलों के चलते बिखर जाती है।
2. Benji
- 1974 में रिलीज़ हुई हॉलिवुड फिल्म Benji के जरिए मशहूर हुआ यह नाम, जिसमें एक कुत्ता बच्चों को अपहरणकर्ताओं से बचाता है।
- समय के साथ यह नाम ऑनलाइन गेमिंग, सोशल मीडिया और रैप कल्चर में नर्म लेकिन शरारती पहचान के रूप में जाना जाने लगा।
संभावना है कि मेल भेजने वालों ने यह नाम जानबूझकर ‘कल्चरल डिसऑनेंस’ और दहशत फैलाने के लिए चुने हों।
जांच की दिशा: साइबर क्राइम यूनिट एक्टिव
दिल्ली पुलिस ने पुष्टि की है कि सभी धमकियाँ ईमेल के ज़रिए भेजी गईं। अब साइबर क्राइम यूनिट:
- मेल के आईपी एड्रेस को ट्रेस कर रही है,
- मेल सर्वर की लोकेशन पता लगाने की कोशिश की जा रही है,
- और ‘रोडकिल’ व ‘बेनजी’ जैसे हैंडल्स का सोशल मीडिया, गेमिंग और डार्क वेब में विश्लेषण कर रही है।
अब तक किसी भी संदिग्ध की पहचान या गिरफ्तारी नहीं हो सकी है।
क्या है इन धमकियों का उद्देश्य?
पुलिस सूत्रों और साइबर विश्लेषकों के अनुसार, तीन संभावनाएं प्रमुख हैं:
1. साइबर प्रैंक / ट्रोलिंग
- कुछ असामाजिक तत्व केवल “attention-seeking” के लिए या पैनिक फैलाने के लिए इस तरह की हरकत करते हैं।
2. डार्क वेब प्रेरित मनोविकृति
- डार्क वेब या हिंसात्मक गेमिंग फोरम्स में “ब्लडबाथ”, “vengeance” जैसे शब्द आम हैं।
- यह भी संभव है कि मानसिक रूप से असंतुलित किसी व्यक्ति या समूह ने यह किया हो।
3. प्रशासन को चुनौती देना
- संस्थानों को निशाना बनाकर पुलिस, सरकार और आपदा प्रबंधन की तत्परता को “टेस्ट” करने की प्रवृत्ति।
मनोवैज्ञानिक प्रभाव: डर, भ्रम और अस्थिरता
इस तरह की धमकियाँ सबसे ज़्यादा असर डालती हैं छात्रों, अभिभावकों और शिक्षकों पर।
- लगातार आ रहे मेल्स ने अभिभावकों में भय और असुरक्षा की भावना भर दी है।
- स्कूल प्रशासन अब तक अपने रूटीन में स्थिरता नहीं ला पाया है।
- मनोवैज्ञानिक कहते हैं कि बच्चों के मन में यह घटना दीर्घकालिक असुरक्षा और अविश्वास पैदा कर सकती है।
सरकार की प्रतिक्रिया
अब तक दिल्ली सरकार ने सीधे तौर पर बयान नहीं दिया, लेकिन दिल्ली पुलिस और आपदा प्रबंधन एजेंसियाँ सक्रिय रूप से:
- सभी स्कूलों में सुरक्षा समीक्षा कर रही हैं,
- ईमेल निगरानी प्रणाली को मज़बूत करने की योजना पर काम हो रहा है,
- और ‘कॉमन साइबर इन्वेस्टीगेशन टास्कफोर्स’ बनाने की सिफारिश केंद्र को भेजी गई है।
निष्कर्ष: झूठी धमकी, लेकिन असली चुनौती
दिल्ली में इस साइबर आतंकी प्रकरण ने एक बार फिर साबित किया कि:
- स्कूलों और शिक्षण संस्थानों की सुरक्षा सिर्फ CCTV और गार्ड से पूरी नहीं होती।
- साइबर मॉनिटरिंग, सोशल मीडिया इंटेलिजेंस और ऑनलाइन व्यवहार विश्लेषण अब सुरक्षा रणनीति का हिस्सा बनना होगा।
Roadkill और Benji भले ही काल्पनिक नाम हों, लेकिन उनके पीछे छिपे चेहरों ने देश की राजधानी में डर का असली बीज बो दिया है।
अब देखना है कि दिल्ली पुलिस और साइबर एजेंसियाँ कितनी जल्दी इन डिजिटल चेहरों से नकाब हटाती हैं — और क्या यह मामला किसी और बड़े मंसूबे का हिस्सा है?














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