हिमाचल प्रदेश की मंडी लोकसभा सीट से बीजेपी सांसद और बॉलीवुड अभिनेत्री कंगना रनौत की कानूनी परेशानी एक बार फिर बढ़ गई है।
स्पेशल एमपी-एमएलए कोर्ट, आगरा ने अधिवक्ता रमा शंकर शर्मा द्वारा दायर रिवीजन याचिका को स्वीकार कर लिया है।
क्या है मामला
अधिवक्ता रमा शंकर शर्मा ने कंगना रनौत के खिलाफ यह याचिका इसलिए दायर की थी क्योंकि उन्होंने दिल्ली बॉर्डर पर बैठे किसानों और महात्मा गांधी को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी की थी। वादी का कहना है कि कंगना की टिप्पणी से जनभावनाएं आहत हुईं और यह देशद्रोह की श्रेणी में आती है।
निचली अदालत ने किया था वाद निरस्त
इससे पहले निचली अदालत ने इस वाद को पोषणीय न मानते हुए निरस्त कर दिया था।
इसके खिलाफ अधिवक्ता ने रिवीजन याचिका दाखिल की थी। वादी ने यह भी आपत्ति जताई कि निचली अदालत ने बिना पुलिस रिपोर्ट के निर्णय सुनाया था।
अब क्या कहा कोर्ट ने
रिवीजन याचिका स्वीकार करते हुए न्यायालय ने निचली अदालत को निर्देश दिए हैं कि वह मामले को विधि संगत तरीके से सुनकर उचित निर्णय ले।
इस आदेश के बाद अब कंगना रनौत को इस प्रकरण में कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है।
राजनीतिक और कानूनी असर
बीजेपी सांसद बनने के बाद यह मामला कंगना रनौत के लिए एक नई चुनौती के रूप में देखा जा रहा है।
कानूनी जानकारों के अनुसार, यदि अदालत ने वाद को सुनवाई योग्य माना, तो यह उनके लिए राजनीतिक रूप से भी असहज स्थिति पैदा कर सकता है।















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