Aircraft Accident Investigation India: हालिया विमान दुर्घटना को लेकर चल रही राजनीतिक बयानबाजी के बीच नागरिक उड्डयन मंत्रालय की ओर से बड़ा बयान सामने आया है। मंत्रालय से जुड़े सूत्रों ने साफ किया है कि जांच प्रक्रिया पूरी तरह तय नियमों और अंतरराष्ट्रीय मानकों के तहत होती है। किसी भी व्यक्ति या संगठन को बचाने का सवाल ही नहीं उठता।
सूत्रों के मुताबिक, विमान हादसों की जांच भारत की Aircraft Accident Investigation Bureau (AAIB) और अंतरराष्ट्रीय संस्था International Civil Aviation Organization (ICAO) के दिशा-निर्देशों के अनुरूप की जाती है। यह प्रक्रिया तकनीकी तथ्यों, सबूतों और पारदर्शिता पर आधारित होती है, जिसमें राजनीति की कोई भूमिका नहीं होती।
मंत्रालय ने कहा कि बेबुनियाद आरोप लगाने के बजाय जांच एजेंसियों को स्वतंत्र रूप से काम करने देना चाहिए, ताकि वास्तविकता सामने आ सके। किसी वरिष्ठ नेता की दुखद मौत को राजनीतिक मुद्दा बनाना दुर्भाग्यपूर्ण बताया गया है।

रोहित पवार ने लगाए थे गंभीर आरोप
इस मामले में रोहित पवार ने हाल ही में कई सवाल उठाए थे। उनका कहना था कि विमान में पर्याप्त ईंधन मौजूद था और अतिरिक्त फ्यूल कैन भी रखे गए थे। उन्होंने दावा किया कि हादसे में लापरवाही हुई और कुछ पक्षों को बचाने की कोशिश की जा रही है।
कंपनी को बचाने का आरोप
उन्होंने आरोप लगाया कि वीएसआर नाम की कंपनी को संरक्षण दिया जा रहा है। साथ ही यह मांग भी की कि जब तक जांच पूरी न हो जाए, तब तक नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू को पद से हटाया जाए।
फ्लाइट प्लान और मौसम पर उठाए सवाल
रोहित पवार के अनुसार, आधिकारिक फ्लाइट प्लान संबंधित अधिकारियों को नहीं भेजा गया था। उन्होंने यह भी कहा कि सुबह के समय कोहरे के कारण दृश्यता कम रहती है, ऐसे में उड़ान नहीं भरनी चाहिए थी। नियमों के मुताबिक सुरक्षित लैंडिंग संभव न हो तो विमान को वापस लौटना चाहिए था। उनका दावा है कि पर्याप्त ईंधन होने के बावजूद फ्लाइट को अनावश्यक रूप से घुमाया गया, जिसके चलते हादसा हुआ।
फिलहाल, जांच एजेंसियां पूरे मामले की बारीकी से पड़ताल कर रही हैं और अंतिम रिपोर्ट के बाद ही सच्चाई स्पष्ट होगी।













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