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पटियाला-अंबाला हाईवे पर AGTF का बड़ा ऑपरेशन: लॉरेंस बिश्नोई गैंग के दो शार्पशूटर दबोचे

AGTF's major operation on Patiala-Ambala highway: Two sharpshooters of Lawrence Bishnoi gang arrested

पंजाब पुलिस की एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स (AGTF) ने स्वतंत्रता दिवस से ठीक पहले एक बड़ी सफलता हासिल की है। पटियाला-अंबाला हाईवे के शंभू गांव के पास हुए ऑपरेशन में लॉरेंस बिश्नोई गैंग के दो वांछित शार्पशूटर गिरफ्तार कर लिए गए।

इनके पास से 9 एमएम की एक अत्याधुनिक ग्लॉक पिस्टल और छह जिंदा कारतूस बरामद हुए। पुलिस का दावा है कि ये दोनों अपराधी हाल ही में नेपाल से लौटे थे और विदेश में बैठे गैंग सरगनाओं के आदेश पर पंजाब में किसी बड़े टारगेट को निशाना बनाने की फिराक में थे।


लॉरेंस बिश्नोई गैंग: पंजाब और देश में आतंक का नेटवर्क

लॉरेंस बिश्नोई का नाम पंजाब, हरियाणा, राजस्थान और दिल्ली में आपराधिक दुनिया का पर्याय बन चुका है।

  • गतिविधियां: सुपारी किलिंग, रंगदारी, हथियारों की तस्करी, और ड्रग्स नेटवर्क
  • संपर्क: पाकिस्तान से हथियार सप्लाई चैन और विदेश में बैठे शार्पशूटर्स
  • प्रोफेशनल एप्रोच: गैंग के सदस्य अक्सर हाई-टेक हथियार और विदेशी नेटवर्क का इस्तेमाल करते हैं

पुलिस सूत्रों के अनुसार, पकड़े गए शार्पशूटर गैंग के “एक्टिव हिट स्क्वॉड” का हिस्सा थे।


AGTF की रणनीति: खुफिया इनपुट से शुरू हुआ ऑपरेशन

इस ऑपरेशन की शुरुआत एक सप्ताह पहले मिले इनपुट से हुई थी।

  • खुफिया जानकारी: नेपाल से दो संदिग्ध पंजाब में दाखिल हुए
  • निगरानी: सीमावर्ती जिलों में होटलों, ढाबों और परिवहन मार्गों की चेकिंग
  • कोवर्ट ट्रैकिंग: मोबाइल लोकेशन, सीसीटीवी फुटेज और मुखबिरों के जरिए पीछा

AGTF की टीम ने यह सुनिश्चित किया कि ऑपरेशन में आम नागरिकों की सुरक्षा प्रभावित न हो।


गिरफ्तारी का पूरा घटनाक्रम

📍 स्थान: पटियाला-अंबाला हाईवे, शंभू गांव के पास
📅 समय: 14 अगस्त 2025, सुबह करीब 11:30 बजे

  1. AGTF की टीम को दोनों संदिग्धों के एक कार में आने की जानकारी मिली।
  2. टीम ने हाईवे पर ट्रैफिक को सामान्य बनाए रखते हुए एक “पॉइंट ब्लॉकेड” प्लान किया।
  3. जैसे ही कार पॉइंट पर पहुंची, पुलिस ने घेराबंदी कर दी।
  4. संदिग्धों ने भागने और हथियार निकालने की कोशिश की, लेकिन त्वरित एक्शन से उन्हें काबू कर लिया गया।

बरामद हथियार और गोलियां

पुलिस ने आरोपियों के पास से जो हथियार बरामद किए, वे बेहद खतरनाक माने जाते हैं:

  • ग्लॉक पिस्टल (9mm): यह पिस्तौल अपनी सटीकता और हल्के वजन के लिए जानी जाती है।
  • छह जिंदा कारतूस: किसी भी समय फायरिंग के लिए तैयार।

AGTF अधिकारियों के मुताबिक, यह हथियार नेपाल के रास्ते भारत में लाए गए थे।


नेपाल कनेक्शन और सरगनाओं के आदेश

जांच में सामने आया है कि दोनों आरोपी कुछ महीने पहले नेपाल भाग गए थे।
वहां उन्होंने नकली पहचान पर रहकर अपने गैंग के लिए हथियार खरीदने और ट्रेनिंग लेने का काम किया।
विदेश बैठे सरगनाओं ने उन्हें वापस पंजाब भेजा ताकि स्वतंत्रता दिवस से पहले किसी बड़े राजनीतिक या कारोबारी शख्स को टारगेट किया जा सके।


पुलिस की प्रेस कॉन्फ्रेंस: बड़े खुलासे की उम्मीद

पटियाला में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में AGTF के प्रभारी ने बताया:
“हमारे पास ठोस सबूत हैं कि यह गैंग पंजाब में अस्थिरता फैलाने की कोशिश कर रहा था। हम इस नेटवर्क के और सदस्यों तक पहुंचने के लिए लगातार छापेमारी कर रहे हैं।”


गैंगस्टर नेटवर्क पर बड़ा असर

इन दो शार्पशूटर्स की गिरफ्तारी से न केवल एक संभावित बड़ी वारदात टल गई है, बल्कि गैंग के मनोबल पर भी गहरा असर पड़ा है।

  • सुपारी कॉन्ट्रैक्ट कैंसिल
  • हथियार सप्लाई चेन में रुकावट
  • गैंग के बाकी सदस्यों में डर का माहौल

स्थानीय लोगों की प्रतिक्रिया

शंभू गांव और आसपास के इलाकों में लोगों ने राहत की सांस ली।
“हमने सुना था कि हाईवे पर कुछ संदिग्ध घूम रहे हैं। पुलिस ने समय रहते पकड़ लिया, वरना क्या होता पता नहीं।” – एक स्थानीय दुकानदार


विशेषज्ञ की राय: हाईवे ऑपरेशन्स की चुनौतियां

क्राइम और सुरक्षा मामलों के जानकार कहते हैं:

  • हाईवे पर ऑपरेशन का मतलब है तेज रफ्तार, सार्वजनिक जगह और ज्यादा खतरा।
  • एक गलती से न केवल अपराधी भाग सकते हैं, बल्कि आम लोगों को भी खतरा हो सकता है।
  • AGTF ने इस ऑपरेशन में प्रोफेशनलिज्म दिखाया है।

अगले कदम: पूछताछ और नेटवर्क का भंडाफोड़

पुलिस अब इन आरोपियों से पूछताछ कर रही है।
मुख्य फोकस:

  1. हथियार कहां से आए?
  2. टारगेट कौन था?
  3. गैंग में कितने सक्रिय सदस्य हैं?
  4. क्या कोई राजनीतिक या अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन है?

सुरक्षा एजेंसियों की चेतावनी

इस गिरफ्तारी के बाद पंजाब और हरियाणा में हाईवे, रेलवे स्टेशन, बस अड्डों और भीड़भाड़ वाले इलाकों में अतिरिक्त सुरक्षा तैनात कर दी गई है।
स्वतंत्रता दिवस के मद्देनजर सभी राज्यों की पुलिस को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।


निष्कर्ष: स्वतंत्रता दिवस से पहले बड़ी सफलता

पटियाला-अंबाला हाईवे पर AGTF का यह ऑपरेशन साबित करता है कि पंजाब पुलिस और उसकी विशेष इकाइयां गैंगस्टर और आतंक नेटवर्क के खिलाफ लगातार सक्रिय हैं।
स्वतंत्रता दिवस से पहले इस तरह की कार्रवाई न सिर्फ एक बड़ी वारदात को टाल देती है, बल्कि यह संदेश भी देती है कि राज्य में कानून का राज कायम रहेगा।

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