देहरादून: उत्तराखंड सरकार ने बुधवार को हुई कैबिनेट बैठक में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए। अब राज्य में दुकान और प्रतिष्ठानों में महिलाओं को रात 9 बजे से सुबह 6 बजे तक नाइट शिफ्ट में काम करने की अनुमति मिल गई है। इसके साथ ही मानव-वन्यजीव संघर्ष में मृत्यु होने पर मुआवजा भी छह लाख से बढ़ाकर 10 लाख रुपये कर दिया गया है।
इन निर्णयों पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में हुई बैठक में मुहर लगी। कैबिनेट के फैसलों की जानकारी अपर सचिव एवं सूचना महानिदेशक बंशीधर तिवारी ने दी।
महिलाओं को नाइट शिफ्ट में काम की मंजूरी
राज्य सरकार ने दुकानों एवं प्रतिष्ठानों में महिला कर्मकारों को नाइट शिफ्ट में कार्य करने की सशर्त अनुमति दे दी है।
मुख्य प्रावधान:
रात 9 बजे से सुबह 6 बजे तक काम करने की अनुमति
सुरक्षा एवं संरक्षण के पुख्ता इंतज़ाम अनिवार्य
संबंधित महिला कर्मचारी की पूर्व लिखित सहमति आवश्यक
इससे महिलाओं के रोजगार अवसर बढ़ेंगे और आर्थिक सशक्तिकरण को बढ़ावा मिलेगा
मानव-वन्यजीव संघर्ष में मुआवजा बढ़ा
अब किसी भी मानव-वन्यजीव संघर्ष में मृत्यु होने पर आश्रितों को 10 लाख रुपये का मुआवजा मिलेगा।
पहले यह राशि 6 लाख रुपये थी।
मुख्यमंत्री धामी पहले ही घोषणा कर चुके हैं कि जंगली जानवरों के हमले में घायल व्यक्तियों के इलाज का खर्च सरकार उठाएगी।
चार जिलों में एपीओ के 46 नए पद सृजित
अभियोजन विभाग को मज़बूत करने के लिए कैबिनेट ने 46 नए सहायक अभियोजन अधिकारी (APO) पदों को मंजूरी दी।
ये पद जिन जिलों में सृजित होंगे:
देहरादून
हरिद्वार
ऊधमसिंह नगर
नैनीताल
अभियोजन संवर्ग में पहले से 142 पदों के सापेक्ष 91 पद स्वीकृत हैं। अदालतों में मामलों की प्रभावी पैरवी सुनिश्चित करने के लिए संरचना का पुनर्गठन किया जा रहा है।
शिक्षा विभाग के दो प्रस्ताव लौटाए गए
बैठक में कुल 10 प्रस्ताव रखे गए थे।
8 को मंजूरी मिली
2 शिक्षा संबंधी प्रस्ताव पुनः परीक्षण के लिए वापस भेज दिए गए
















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