गुजरात से एक बड़ी कार्रवाई सामने आई है, जहाँ आतंकवाद विरोधी दस्ते (ATS) ने पंजाब पुलिस द्वारा वांछित एक आतंकी को गिरफ्तार कर बड़ी साजिश को नाकाम कर दिया। गिरफ्तार आरोपी पर हथियारों की तस्करी और आतंकी हमलों की योजना बनाने के गंभीर आरोप हैं।
हलोल से गिरफ्तार हुआ ISI लिंक वाला आतंकी
ATS ने बताया कि पकड़े गए शख्स की पहचान गुरप्रीत सिंह उर्फ गोपी बिल्ला के रूप में हुई है। उसे पंचमहल जिले के हलोल शहर से गिरफ्तार किया गया। पंजाब पुलिस ने आरोपी के बारे में खुफिया जानकारी गुजरात ATS के साथ साझा की थी, जिसके आधार पर यह कार्रवाई की गई।
गिरफ्तारी के तुरंत बाद ATS ने साफ किया कि आरोपी को जल्द ही पंजाब पुलिस को सौंप दिया जाएगा।
ISI के इशारे पर पंजाब में ग्रेनेड हमलों की साजिश
प्रारंभिक जांच में सामने आया कि गुरप्रीत सिंह पंजाब में हाल में दर्ज उन मामलों से जुड़ा हुआ है, जिनमें ग्रेनेड विस्फोट, हथियारों की तस्करी, और पाकिस्तान स्थित आतंकी नेटवर्क की मदद जैसे आरोप शामिल हैं।
पुलिस की जांच में पता चला कि इस मॉड्यूल के मास्टरमाइंड—
मनु अगवान और मनींदर बिल्ला—इस समय मलेशिया में हैं और ISI के निर्देश पर पंजाब में आतंक फैलाने के लिए युवाओं की भर्ती कर रहे थे। उनका लक्ष्य पंजाब और अन्य राज्यों के भीड़भाड़ वाले इलाकों में ग्रेनेड हमले करवाना था।
दो ग्रेनेड और दो पिस्तौल की तस्करी में भूमिका
पंजाब पुलिस ने हाल ही में गिरफ्तार किए गए दो अन्य आरोपियों से पूछताछ के दौरान गुरप्रीत सिंह के नाम का खुलासा किया। पता चला कि गुरप्रीत ने दो ग्रेनेड और दो पिस्तौल की तस्करी की थी और योजनाबद्ध हमलों की साजिश में शामिल था।
सूचना मिलने के बाद गुजरात ATS की टीम हलोल पहुँची और छानबीन में पता चला कि गुरप्रीत स्थानीय फैक्ट्री में मजदूर के रूप में काम कर रहा था। ATS ने उसे एक होटल से गिरफ्तार किया और आगे की पूछताछ के लिए हिरासत में लिया।
पूछताछ में कबूली साजिश में भूमिका
गिरफ्तारी के बाद हुई पूछताछ में गुरप्रीत सिंह ने ग्रेनेड हमले की साजिश में अपनी सक्रिय भूमिका स्वीकार कर ली।
ATS और पंजाब पुलिस अब मॉड्यूल के बाकी सदस्यों और ISI कनेक्शन की गहराई से जांच कर रहे हैं।















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