लखनऊ: आयुष्मान भारत योजना के तहत फर्जी कार्ड बनाकर इलाज कराने और उसका बिल वसूलने वाले अस्पताल अब जांच के घेरे में आ गए हैं। स्टेट एजेंसी फार काम्प्रिहेंसिव हेल्थ एंड इंटीग्रेटेड सर्विसेज (SACHIS) ने ऐसे अस्पतालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की तैयारी शुरू कर दी है, जिन्होंने संदिग्ध कार्डों से इलाज कर भुगतान का दावा किया था।
जानकारी के अनुसार, इन अस्पतालों ने फर्जी कार्ड के आधार पर मरीजों का इलाज दिखाकर भुगतान के लिए आवेदन किया था। अब पुराने इलाज से संबंधित रिकॉर्ड और भुगतान दावों की जांच की जा रही है। जांच में गड़बड़ी साबित होने पर संबंधित अस्पतालों पर कार्रवाई होगी।
जिले में कुल 12,82,440 लाभार्थियों के कार्ड बनाए जाने हैं, जिनमें से अब तक 12,23,136 कार्ड जारी हो चुके हैं। लाभार्थियों को सुविधा देने के लिए जिले में 28 सरकारी और 204 निजी अस्पताल पंजीकृत हैं।
हाल ही में सामने आया कि आयुष्मान भारत पोर्टल में सेंधमारी कर हैकरों ने सैकड़ों फर्जी कार्ड बनाए, जिनसे कई अस्पतालों में इलाज भी कराया गया। जांच में इन कार्डों को संदिग्ध पाए जाने पर निरस्त कर दिया गया है।
अब उन अस्पतालों की पुराने इलाज के बिलों और मरीजों की फाइलों की गहन जांच की जा रही है, जिन्होंने इन फर्जी कार्डों के आधार पर भर्ती और इलाज किया था। इसके साथ ही पिछले छह महीनों में बने कार्डों की सत्यापन प्रक्रिया और लाभार्थियों से सीधी पूछताछ भी शुरू की जा रही है।
प्रशासन का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद दोषी अस्पतालों और संबंधित एजेंटों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी ताकि भविष्य में ऐसी धोखाधड़ी दोबारा न हो।















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