देहरादून : उत्तराखंड राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर देहरादून स्थित पुलिस लाइन में एक विशेष समारोह का आयोजन किया गया, जिसमें मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राज्य निर्माण आंदोलन के नायकों को सम्मानित किया। इस मौके पर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष, सांसद, मंत्री और कई वरिष्ठ नेता भी मौजूद रहे।
कार्यक्रम की शुरुआत संस्कृति विभाग द्वारा प्रस्तुत लोकनृत्य और पारंपरिक संगीत से हुई, जिसने पूरे वातावरण को उत्तराखंड की लोक संस्कृति से सराबोर कर दिया।
राज्य आंदोलनकारियों के लिए सीएम धामी की बड़ी घोषणाएं
मुख्यमंत्री धामी ने समारोह के दौरान राज्य आंदोलनकारियों के सम्मान और कल्याण के लिए कई अहम घोषणाएं कीं —
1. शहीद आंदोलनकारियों के नाम पर उनके क्षेत्रों का नामकरण किया जाएगा।
2. शहीद स्मारकों का सौंदर्यकरण कराया जाएगा।
3. शहीद परिजनों की पेंशन ₹3,000 से बढ़ाकर ₹5,000 प्रतिमाह की जाएगी।
4. घायल आंदोलनकारियों की पेंशन ₹6,000 से बढ़ाकर ₹7,000 प्रतिमाह होगी।
5. जेल गए आंदोलनकारियों की पेंशन ₹4,500 से बढ़ाकर ₹5,500 प्रतिमाह की जाएगी।
6. पूर्ण रूप से दिव्यांग आंदोलनकारियों की पेंशन ₹20,000 से बढ़ाकर ₹30,000 प्रतिमाह की जाएगी।
7. प्रत्येक दिव्यांग आंदोलनकारी के लिए एक मेडिकल अटेंडेंट की नियुक्ति होगी।
8. सरकारी गेस्ट हाउसों में ठहरने पर** आंदोलनकारियों को विशेष छूट दी जाएगी।
इन घोषणाओं के बाद समारोह स्थल तालियों की गूंज से भर उठा, और उपस्थित आंदोलनकारियों ने मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया।
संघर्ष को माना गया सम्मान
आंदोलनकारी अमित ओबेरॉय ने कहा —
> “यह सिर्फ सम्मान नहीं बल्कि हमारे संघर्ष और बलिदान को याद रखने की प्रतिबद्धता है। मुख्यमंत्री ने जिन मांगों को वर्षों से सुना था, अब उन पर अमल शुरू हो गया है। यह राज्य निर्माण की भावना को पुनर्जीवित करने वाला कदम है।”
सीएम धामी ने अपने संबोधन में कहा कि राज्य निर्माण में योगदान देने वाले हर आंदोलनकारी का त्याग “अविस्मरणीय” है और उत्तराखंड सरकार हमेशा उनके योगदान को याद रखेगी।
















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