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‘पापा मुझे बचा लो’ — ईरान में फंसे पंजाब के युवक, अर्धनग्न कर पीटा…अपहरणकर्ताओं ने मांगे 50 लाख रुपये

पंजाब से विदेश जाने का सपना कई युवाओं के लिए अब डरावना सपना बन चुका है। ट्रैवल एजेंटों के झांसे में फंसे युवकों को न सिर्फ धोखे से ईरान जैसी जगहों पर भेजा जा रहा है, बल्कि अब उनके अपहरण कर परिवारों से करोड़ों रुपये की फिरौती मांगी जा रही है। हाल ही में तरनतारन और जालंधर के दो परिवारों ने अपने बेटों के ईरान में अगवा होने की दर्दनाक कहानी बताई है।

तरनतारन जिले के गांव रत्ता गुद्दा, तहसील पट्टी के रहने वाले हरजिंदर सिंह ने बताया कि उन्होंने अपने 22 वर्षीय बेटे रोबनप्रीत सिंह को ऑस्ट्रेलिया भेजने के लिए एक ट्रैवल एजेंट से 27 लाख 75 हजार रुपये में सौदा किया था। 3 अक्टूबर को एजेंटों ने रोबनप्रीत को अमृतसर एयरपोर्ट से ऑस्ट्रेलिया के लिए रवाना करने का दावा किया। अगले ही दिन एजेंट चरणजीत कौर ने उनसे 12 लाख रुपये नकद और 25 हजार रुपये ऑनलाइन ले लिए।

फिर कार्तिका और बलजीत कौर नाम की दो अन्य महिला एजेंटों ने तरनतारन में उनसे और 12 लाख रुपये वसूले। लेकिन अगले ही दिन एक विदेशी नंबर से कॉल आई —

> “आपका बेटा अब हमारे कब्जे में है, वह तेहरान (ईरान) में है। अगर 50 लाख रुपये नहीं दिए तो उसे मार दिया जाएगा।”

परिजनों ने जब बेटे से बात की, तो रोबनप्रीत की आवाज़ कांप रही थी। वह रोते हुए बोला —

> “पापा… मुझे बचा लो।”

परिवार को भेजे गए वीडियो में युवक को अर्धनग्न हालत में पीटा जा रहा था, और उसे रस्सियों से बांधा गया था।

दूसरा मामला — जालंधर के अजय सिंह का अपहरण

इसी तरह का एक मामला जिला जालंधर के गट्टा मुंडी कासू गांव का है। गुरनाम सिंह ने बताया कि ट्रैवल एजेंट कार्तिका ने उनके बेटे अजय सिंह (18 वर्ष) को ऑस्ट्रेलिया भेजने के लिए 20 लाख रुपये मांगे थे। 2 अक्टूबर को अजय को अमृतसर से कोलकाता ले जाया गया और वहां से दुबई भेज दिया गया।

कुछ दिनों बाद उन्हें भी उसी पैटर्न की कॉल आई —

> “आपका लड़का ईरान में है, हमने उसका अपहरण कर लिया है। अगर 50 लाख रुपये नहीं दिए तो उसे जान से मार देंगे।”

परिवार ने जब अजय से वीडियो कॉल पर बात की, तो वह डरा हुआ और बेबस नजर आया।

ट्रैवल एजेंटों का जाल और बढ़ता खतरा

पंजाब के कई जिलों में फर्जी ट्रैवल एजेंटों का गिरोह सक्रिय है। ये एजेंट विदेश भेजने के नाम पर लाखों रुपये ऐंठ लेते हैं, और फिर युवकों को ईरान, ओमान या दुबई के रास्ते ऐसे नेटवर्क्स के हवाले कर देते हैं जो मानव तस्करी में लिप्त हैं। कई मामलों में युवकों को निर्माण कार्य या जबरन मजदूरी के लिए बंधक बना लिया जाता है।

पुलिस सूत्रों के अनुसार,

> “ऐसे एजेंट विदेश भेजने की प्रक्रिया में वैध दस्तावेज़ों का इस्तेमाल नहीं करते। ज्यादातर पासपोर्ट विजिट या टूरिस्ट वीज़ा पर भेजे जाते हैं और वहां पहुंचते ही एजेंट संपर्क तोड़ देते हैं।”

निष्कर्ष:
यह घटना पंजाब के युवाओं को चेतावनी देती है कि बिना सत्यापन के किसी भी ट्रैवल एजेंट पर भरोसा न करें। विदेश में नौकरी या पढ़ाई का सपना पूरा करने से पहले एजेंट की लाइसेंस स्थिति, सरकारी रजिस्ट्रेशन और वैधता की जांच करना जरूरी है।
ईरान जैसे देशों में अवैध रास्ते से पहुंचना सीधा मानव तस्करी के खतरे में फंसना है।

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