मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विधानसभा सत्र के दौरान कहा कि राज्य में भूमि कानून (Uttarakhand Land Law) को लेकर सरकार ने जनता की जनभावनाओं और अपेक्षाओं के अनुरूप ठोस कदम उठाया है। अब प्रदेश में औद्योगिक, पर्यटन, शैक्षणिक, स्वास्थ्य और कृषि जैसे क्षेत्रों में भूमि खरीद पर सख्त निगरानी रखी जाएगी।
मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार और जिलाधिकारी स्तर से अब तक कुल 1883 भूमि क्रय की अनुमति दी गई है। इनमें से 599 मामलों में भू-उपयोग उल्लंघन पाए गए हैं। इन प्रकरणों में से 572 मामलों में न्यायालय में वाद दायर किए गए हैं, जबकि 16 मामलों का निस्तारण करते हुए करीब 9.47 हेक्टेयर भूमि राज्य सरकार में निहित की गई है। शेष मामलों में कार्रवाई जारी है।
धामी ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में राज्य में रोजगार देने के नाम पर बाहरी कंपनियों और व्यक्तियों द्वारा भूमि की अनियमित खरीद-फरोख्त की जा रही थी। लेकिन अब नया भू-प्रबंधन एवं भू-सुधार कानून लागू होने से इस पर पूरी तरह लगाम लगाई जाएगी।
उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में पर्वतीय और मैदानी दोनों क्षेत्र हैं, जिनकी भौगोलिक परिस्थितियाँ और चुनौतियाँ अलग-अलग हैं। इसी बात को ध्यान में रखते हुए भूमि कानून को संतुलित और व्यवहारिक रूप में लाया गया है ताकि विकास के साथ-साथ स्थानीय हितों की भी रक्षा हो सके। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा — भूमि का दुरुपयोग किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सरकार पारदर्शिता और जनहित को सर्वोपरि रखकर आगे बढ़ेगी।
















Leave a Reply