उत्तर प्रदेश सरकार ने एक ऐतिहासिक और महत्वाकांक्षी पहल की शुरुआत की है। प्रदेश को गरीब मुक्त (Zero Poverty UP) बनाने के लिए राज्य सरकार ने एक विशेष राज्य स्तरीय शासकीय प्राधिकरण का गठन किया है। यह प्राधिकरण उत्तर प्रदेश को गरीबी की रेखा से पूरी तरह मुक्त राज्य बनाने के मिशन पर काम करेगा।
इस प्राधिकरण की अध्यक्षता मुख्य सचिव एस.पी. गोयल करेंगे। उनके नेतृत्व में गठित यह निकाय राज्य के सभी संबंधित विभागों के साथ समन्वय स्थापित करेगा ताकि गरीबी उन्मूलन की दिशा में योजनाओं को धरातल पर तेजी से लागू किया जा सके।
सरकार ने दावा किया है कि वर्ष 2025 में शुरू हुए इस अभियान के तहत उत्तर प्रदेश जल्द ही ऐसा राज्य बनेगा जहां एक भी व्यक्ति गरीबी रेखा के नीचे नहीं रहेगा। इस तरह का कदम उठाने वाला उत्तर प्रदेश देश का पहला राज्य बन गया है।
नए गठित इस प्राधिकरण में कुल 19 सदस्य शामिल किए गए हैं। इसका उद्देश्य सभी विभागों के बीच तालमेल बनाकर गरीबी उन्मूलन से जुड़ी नीतियों को प्रभावी ढंग से लागू करना है।
इस प्राधिकरण के साथ जो विभाग जोड़े गए हैं, उनमें —
ग्राम्य विकास, खाद्य एवं रसद, बेसिक शिक्षा, पंचायती राज, समाज कल्याण, महिला कल्याण, दिव्यांगजन सशक्तीकरण, व्यावसायिक शिक्षा, चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, ऊर्जा, नमामि गंगे एवं ग्रामीण जलापूर्ति, श्रम, कृषि, आईटी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स, महिला एवं बाल कल्याण तथा एमएसएमई विभाग शामिल हैं।
सरकार का मानना है कि इन विभागों के समन्वित प्रयास से प्रदेश के हर नागरिक तक विकास की रोशनी पहुंचेगी और उत्तर प्रदेश को “गरीब मुक्त प्रदेश” बनाने का सपना जल्द साकार होगा। यह पहल उत्तर प्रदेश को सामाजिक-आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर और समावेशी विकास की दिशा में एक नया आयाम देने वाली मानी जा रही है।















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