मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में पंजाब सरकार ने राज्य के युवाओं को रोजगार देने के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2022 से अब तक 1.5 लाख से अधिक युवाओं को सरकारी, निजी और संविदा क्षेत्र में रोजगार प्रदान किया जा चुका है।
सरकार का दावा है कि ये सभी नियुक्तियाँ पूरी तरह से पारदर्शी और मेरिट आधारित भर्ती प्रक्रिया के ज़रिए की गई हैं। मुख्यमंत्री मान ने कहा,
> “यह पंजाब के लिए गर्व की बात है कि अब तक 54,933 सरकारी नौकरियाँ बिना किसी सिफारिश या रिश्वत के, केवल मेहनत और योग्यता के आधार पर दी गई हैं।”
उन्होंने यह भी कहा कि यह नई पीढ़ी सिर्फ नौकरी नहीं कर रही, बल्कि सेवा भाव से जनता की उम्मीदों पर खरा उतरने का संकल्प ले रही है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि पंजाब सरकार का सबसे बड़ा एजेंडा युवाओं को सशक्त बनाना है, क्योंकि जब युवा मजबूत होंगे, तभी राज्य आगे बढ़ेगा। उन्होंने कहा,
> “हमारा लक्ष्य है कि पंजाब में अब कोई युवा बेरोजगार न रहे। ये नौकरियाँ सिर्फ रोजगार नहीं, बल्कि नए पंजाब की तक़दीर बदलने की शुरुआत हैं।
विभागवार आंकड़ों के अनुसार, सबसे अधिक भर्तियाँ शिक्षा, स्वास्थ्य, पुलिस और ऊर्जा विभागों में की गईं।
शिक्षा विभाग में 2,000 से अधिक शिक्षकों की नियुक्ति हुई, जिनमें 725 स्पेशल एजुकेटर और मास्टर कैडर शिक्षक शामिल हैं।
पुलिस विभाग में 1,746 कांस्टेबल भर्ती किए गए — इनमें से 1,261 जिला पुलिस और 485 आर्म्ड पुलिस के हैं।
ऊर्जा विभाग (PSPCL) में 2,500 असिस्टेंट लाइनमैन की नियुक्ति हुई, जिनमें 837 पद महिलाओं के लिए आरक्षित रखे गए।
वहीं स्वास्थ्य विभाग में 1,000 से अधिक मेडिकल ऑफिसर, नर्स और अन्य कर्मियों को सेवा में जोड़ा गया।
मुख्यमंत्री मान ने कहा कि पिछली सरकारों ने युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ किया था, जहाँ नौकरी के लिए सिफारिश और रिश्वत चलती थी। लेकिन अब पंजाब में मेहनत ही पहचान है और योग्यता ही अवसर। उन्होंने कहा कि आज का पंजाब विकास, ईमानदारी और पारदर्शिता की नई मिसाल कायम कर रहा है — जहाँ हर मेहनती युवा को उसकी क्षमता के अनुसार मंच मिल रहा है।
















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