khabarhunt.in

खबर का शिकार

एमपी में खांसी सिरप कांड: 16 बच्चों की मौत, CM मोहन यादव ने अधिकारियों पर गिरी गाज

मध्य प्रदेश में खांसी की सिरप *कोल्ड्रिफ* (Coldrif) से जुड़ी बच्चों की मौत के मामले ने सनसनी फैला दी है। छिंदवाड़ा और बैतूल जिलों में 16 मासूमों की जान जाने के बाद मुख्यमंत्री मोहन यादव ने सख्त कदम उठाए हैं।

सीएम ने डिप्टी ड्रग कंट्रोलर और ड्रग इंस्पेक्टर को तुरंत निलंबित करने के आदेश दिए और तमिलनाडु सरकार से दवा बनाने वाली कंपनी पर कड़ी कार्रवाई करने का आग्रह किया। तमिलनाडु सरकार ने भी गंभीरता दिखाते हुए कंपनी के सभी उत्पादों पर प्रतिबंध लगा दिया है। सीएम ने कहा कि राज्य सरकार पीड़ित परिवारों के साथ खड़ी है और दोषियों को किसी हाल में बख्शा नहीं जाएगा।

डॉक्टर की गिरफ्तारी और बयान
16 बच्चों की मौत के बाद पुलिस ने वरिष्ठ शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. प्रवीन सोनी को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी से पहले उन्होंने मीडिया से बातचीत में कहा कि डॉक्टर दवा की *फॉर्मुलेशन* तय नहीं करते, बल्कि उन्हें हमेशा सील पैक और तैयार दवाएं मिलती हैं। उन्होंने बताया कि वह सालों से इस कंपनी की दवाएं लिखते आए हैं और कई मरीजों को इसका प्रिस्क्रिप्शन दिया था।

जांच में खौफनाक खुलासा
लैब रिपोर्ट में सामने आया कि कोल्ड्रिफ सिरप में 48.6% *डाइएथिलीन ग्लाइकोल (DEG)* मिला, जो एक जहरीला रसायन है। यह किडनी फेल करने के साथ बच्चों की मौत तक का कारण बन सकता है।

मौत का सिलसिला
छिंदवाड़ा और बैतूल जिलों में अब तक 16 बच्चों की जान गई। इनमें से 11 मौतें परासिया उपखंड में, 2 छिंदवाड़ा शहर में, 1 चौरई तहसील में और 2 मौतें बैतूल जिले में हुईं। यह हादसा दवा उद्योग की निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े करता है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *