19 जुलाई 2025 | नई दिल्ली: संसद के मानसून सत्र से पहले बीजेपी और कांग्रेस के बीच बढ़ती राजनीतिक टकराव पर विस्तृत रिपोर्ट।
संसद का मानसून सत्र सोमवार से शुरू होने जा रहा है, लेकिन उससे पहले ही देश की राजधानी दिल्ली में राजनीतिक पारा चढ़ गया है। शनिवार को भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने कांग्रेस नेता और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी पर तीखा हमला बोला। बीजेपी ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी अपने संवैधानिक पद का दुरुपयोग करके अपने परिवार के भ्रष्टाचार को बचाने की कोशिश कर रहे हैं।
यह ताजा विवाद उस समय शुरू हुआ जब राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में अपने बहनोई रॉबर्ट वाड्रा का बचाव किया। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने वाड्रा के खिलाफ हरियाणा के शिकोहपुर में जमीन सौदे से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में चार्जशीट दायर की है। राहुल गांधी ने अपनी पोस्ट में ईडी की कार्रवाई को ‘विचहंट’ (राजनीतिक प्रतिशोध) बताया और वाड्रा को ‘मेरे बहनोई’ कहकर संबोधित किया।
बीजेपी का आरोप: पारिवारिक मामले को राजनीतिक रूप देना
बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि राहुल गांधी ने व्यक्तिगत निष्ठा और संवैधानिक जिम्मेदारी की सीमाओं को पार कर दिया है। उन्होंने सवाल उठाया, “क्या राहुल गांधी यह बयान व्यक्तिगत तौर पर दे रहे हैं या विपक्ष के नेता के रूप में? यह एक बड़ा सवाल है। वह अपने परिवार के भ्रष्टाचार को बचाने के लिए एक संवैधानिक पद का दुरुपयोग कर रहे हैं।”
बीजेपी का कहना है कि गांधी का रॉबर्ट वाड्रा के समर्थन में बयान सिर्फ पारिवारिक चिंता नहीं, बल्कि एक कानूनी मुद्दे का राजनीतिकरण है। त्रिवेदी ने कहा, “वह अपने पद का इस्तेमाल संस्थाओं को कमजोर करने के लिए कर रहे हैं।”
उन्होंने यह भी याद दिलाया कि राहुल गांधी स्वयं नेशनल हेराल्ड केस में ज़मानत पर बाहर हैं। उन्होंने कहा, “जब एक व्यक्ति खुद भ्रष्टाचार के आरोपों में ज़मानत पर है और वही दूसरे आरोपियों का बचाव कर रहा है, तो यह गंभीर चिंता का विषय है।”
इंडिया गठबंधन में दरार का जिक्र
सुधांशु त्रिवेदी ने इस मौके पर विपक्षी INDIA गठबंधन पर भी हमला बोला। यह गठबंधन बीजेपी के मुकाबले एकजुट विपक्ष खड़ा करने के लिए बना था, लेकिन अंदरूनी टकराव और असहमति के चलते अब बिखरता नजर आ रहा है। आम आदमी पार्टी पहले ही गठबंधन से बाहर हो चुकी है। वहीं सीपीआई (एम) ने केरल सरकार पर राहुल गांधी के हमले के बाद उन्हें ‘भोला’ कहकर तंज कसा।
त्रिवेदी ने तंज करते हुए कहा, “जिसका हाल ऐसा है आज, उसका कल क्या होगा?” उन्होंने कहा कि विपक्षी गठबंधन का वर्तमान ही इतना कमजोर है तो भविष्य और भी धुंधला दिखता है।
ईडी की चार्जशीट और कांग्रेस की प्रतिक्रिया
प्रवर्तन निदेशालय की चार्जशीट के अनुसार, रॉबर्ट वाड्रा ने कथित रूप से गलत तरीकों से बेनामी संपत्तियां खरीदीं। यह मामला कई सालों से जांच के दायरे में है और हाल ही में इसमें तेजी आई है।
राहुल गांधी ने प्रतिक्रिया देते हुए ट्वीट किया, “यह एक राजनीतिक प्रतिशोध के अलावा कुछ नहीं है। मेरी बहन प्रियंका, उनके पति रॉबर्ट और उनके बच्चों को निशाना बनाया जा रहा है। लेकिन सच सामने आकर रहेगा और हम डरेंगे नहीं।”
बीजेपी का कहना है कि गांधी परिवार भ्रष्टाचार को निजी मामला बताकर लोगों की आंखों में धूल झोंकना चाहता है। त्रिवेदी ने कहा, “राहुल गांधी चाहते हैं कि लोग मान लें कि भ्रष्टाचार एक पारिवारिक विषय है।”
प्रियंका गांधी और भूपेश बघेल केस
इस पूरे विवाद में प्रियंका गांधी वाड्रा ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने पूर्व छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बेटे की ईडी द्वारा गिरफ्तारी के बाद केंद्र सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि भाजपा सत्ता का दुरुपयोग करके राजनीतिक विरोधियों को परेशान कर रही है।
बीजेपी ने पलटवार करते हुए कहा कि गांधी परिवार तब ही संस्थाओं की निष्पक्षता पर सवाल उठाता है जब उनके करीबी जांच के घेरे में आते हैं। त्रिवेदी बोले, “गांधी परिवार खुद को कानून से ऊपर समझता है।”
विदेश नीति पर राहुल बनाम मोदी सरकार
इस राजनीतिक टकराव का एक और मोर्चा विदेश नीति पर खुला है। राहुल गांधी ने हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की चीन नीति की आलोचना की। उन्होंने विदेश मंत्री एस. जयशंकर की चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग से मुलाकात वाली एक मीडिया रिपोर्ट को टैग करते हुए एक्स पर लिखा, “यह भारत की विदेश नीति को नष्ट करने वाला एक सर्कस है।”
इस पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए सुधांशु त्रिवेदी ने कहा, “यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि जो व्यक्ति विदेशों की सबसे अधिक यात्राएं करता है, उसे विदेश नीति की समझ ही नहीं है। राहुल गांधी को अपने ‘सर्किट’ की जांच करानी चाहिए, जो हर बार बयानबाजी में ‘सर्कस’ बन जाता है।”
निष्कर्ष
संसद का मानसून सत्र शुरू होने से पहले सियासी गर्मी चरम पर है। जहां कांग्रेस नेतृत्व अपनी छवि बचाने की कोशिश कर रहा है, वहीं बीजेपी लगातार हमलावर रुख अपनाए हुए है। रॉबर्ट वाड्रा केस, ईडी की जांच, विपक्षी गठबंधन की कमजोरी और विदेश नीति पर बयानबाजी—इन सभी मुद्दों ने इस सत्र को काफी गरमाने वाला बना दिया है। ऐसे में यह देखना दिलचस्प होगा कि संसद में यह सियासी संघर्ष किस रूप में सामने आता है और जनहित के मुद्दे इस बहस में कितनी प्राथमिकता पाते हैं।















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