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श्री हरमंदिर साहिब को धमकी भरे ईमेल से दहशत, अमृतसर में हाई अलर्ट जारी

Panic due to threatening email to Shri Harmandir Sahib, high alert issued in Amritsar

पंजाब के अमृतसर में स्थित सिख धर्म के सबसे पवित्र स्थल श्री हरमंदिर साहिब (स्वर्ण मंदिर) को बार-बार धमकी भरे ईमेल मिलने से न सिर्फ शहर में सनसनी फैल गई है, बल्कि पूरे राज्य की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चिंता भी बढ़ गई है। बुधवार को फिर से एक धमकी भरा ईमेल मिलने के बाद अमृतसर पुलिस और अन्य सुरक्षा एजेंसियों ने चौकसी और बढ़ा दी है। अब तक इस मामले में कुल पांच धमकी भरे ईमेल सामने आ चुके हैं, जिससे यह स्पष्ट हो गया है कि यह कोई सामान्य शरारत नहीं बल्कि सुनियोजित योजना का हिस्सा हो सकता है।


क्या है पूरा मामला?

सूत्रों के अनुसार, अमृतसर के श्री हरमंदिर साहिब को पहला धमकी भरा ईमेल पिछले सप्ताह प्राप्त हुआ था, जिसमें मंदिर परिसर में विस्फोट की चेतावनी दी गई थी। इस मेल में अज्ञात शख्स ने स्वर्ण मंदिर की सुरक्षा को लेकर सीधा चुनौती भरा संदेश भेजा। शुरू में इसे अफवाह मानते हुए पुलिस ने गुप्त जांच शुरू की, लेकिन जब दूसरा, तीसरा, और अब तक कुल पांच मेल सामने आ गए, तो सुरक्षा एजेंसियों की नींद उड़ गई।


हाई अलर्ट और सर्च ऑपरेशन

बुधवार को जैसे ही पांचवां धमकी भरा ईमेल मिला, अमृतसर पुलिस ने पूरे शहर में हाई अलर्ट जारी कर दिया। मंदिर परिसर के अंदर और बाहर NSG कमांडोज़, पंजाब पुलिस, और सीआरपीएफ के जवानों की अतिरिक्त तैनाती कर दी गई है। साथ ही पूरे इलाके में सर्च ऑपरेशन भी चलाया गया। मंदिर के मुख्य प्रवेश द्वारों पर मेटल डिटेक्टर, फेस स्कैनिंग, और डॉग स्क्वाड को सक्रिय कर दिया गया है।


धमकी का स्रोत

पुलिस सूत्रों के अनुसार, ईमेल भेजने वाले की पहचान फिलहाल नहीं हो सकी है, लेकिन प्राथमिक जांच में यह ईमेल किसी अज्ञात IP एड्रेस से भेजा गया है जो विदेशी सर्वर से जुड़ा हुआ प्रतीत हो रहा है। इसकी जांच में इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB), एनआईए (NIA) और साइबर सेल की टीमें जुट गई हैं। सुरक्षा एजेंसियों को आशंका है कि यह ईमेल विदेशी आतंकी नेटवर्क या खालिस्तानी संगठनों से जुड़ा हो सकता है।


पंजाब पुलिस और प्रशासन की प्रतिक्रिया

इस मामले में पंजाब के डीजीपी गौरव यादव ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में जानकारी दी कि सुरक्षा एजेंसियां मामले को गंभीरता से ले रही हैं और हर एक ईमेल की फोरेंसिक जांच करवाई जा रही है। उन्होंने बताया:

“धमकी भरे ईमेल केवल डर फैलाने के लिए नहीं भेजे गए हैं, बल्कि इसके पीछे किसी गहरी साजिश की बू आ रही है। हम किसी भी सूरत में श्री हरमंदिर साहिब की सुरक्षा में कोई कोताही नहीं बरतेंगे।”

उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यदि किसी ने इस धार्मिक स्थल की शांति को भंग करने की कोशिश की, तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।


स्थानीय लोगों में भय और रोष

श्री हरमंदिर साहिब के आसपास रहने वाले स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं के बीच इस पूरे घटनाक्रम को लेकर भय का माहौल है। श्रद्धालुओं ने प्रशासन से मांग की है कि मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूत किया जाए। कई स्थानीय संगठनों और शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC) ने भी चिंता जाहिर करते हुए कहा है कि:

“श्री हरमंदिर साहिब केवल पंजाब का नहीं बल्कि पूरे सिख समुदाय की आस्था का प्रतीक है। इसकी सुरक्षा के साथ कोई समझौता नहीं किया जा सकता।”


राजनीतिक प्रतिक्रिया

धमकी भरे ईमेल के मुद्दे पर राजनीति भी गर्म हो गई है। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने ट्वीट करते हुए कहा:

“श्री हरमंदिर साहिब की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। हमने सभी एजेंसियों को सतर्क रहने और दोषियों को जल्द से जल्द पकड़ने का आदेश दिया है।”

वहीं, विपक्षी दलों ने राज्य सरकार की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं। कांग्रेस नेता प्रताप बाजवा ने कहा:

“लगातार धमकी भरे मेल आना दर्शाता है कि राज्य की खुफिया तंत्र पूरी तरह फेल हो गया है। यदि कोई साजिश हो रही है, तो उसे समय रहते नाकाम क्यों नहीं किया गया?”


SGPC की विशेष बैठक

SGPC अध्यक्ष एडवोकेट हरजिंदर सिंह धामी ने मामले की गंभीरता को देखते हुए एक आपात बैठक बुलाई, जिसमें मंदिर की आंतरिक सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूत करने पर जोर दिया गया। उन्होंने केंद्र सरकार से Z-श्रेणी की सुरक्षा और NSG की स्थायी तैनाती की मांग भी की।


ऐतिहासिक दृष्टिकोण

यह पहली बार नहीं है जब श्री हरमंदिर साहिब को सुरक्षा खतरे की सूचना मिली है। 1980 के दशक में ऑपरेशन ब्लूस्टार के दौरान यह धार्मिक स्थल आतंकी और सुरक्षा बलों के बीच टकराव का केंद्र बन चुका है। ऐसे में अब दोबारा किसी भी प्रकार की अस्थिरता या अशांति की आशंका सिख समुदाय और आम नागरिकों को चिंतित कर रही है।


आगे की रणनीति

पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों ने यह तय किया है कि श्री हरमंदिर साहिब की सुरक्षा के लिए एक स्थायी टास्क फोर्स का गठन किया जाएगा। साथ ही आने वाले त्योहारों और सप्ताहांतों पर ड्रोन सर्विलांस, शार्पशूटर्स, और स्नाइफर डॉग्स की तैनाती भी की जाएगी।


निष्कर्ष

धमकी भरे ईमेल भले ही एक तकनीकी अपराध लगें, लेकिन जब उनका निशाना धार्मिक स्थलों और आस्था के प्रतीकों पर हो, तो उनका प्रभाव केवल तकनीकी नहीं रहता, बल्कि सामाजिक, राजनीतिक और सांप्रदायिक तौर पर भी गहरा पड़ता है। श्री हरमंदिर साहिब को मिली इन पांच धमकियों ने यह साफ कर दिया है कि पंजाब की कानून-व्यवस्था को नए सिरे से पुनर्संगठित करने की जरूरत है और किसी भी साजिश को समय रहते नाकाम करना अब केवल विकल्प नहीं, बल्कि अनिवार्यता बन गया है।

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