khabarhunt.in

खबर का शिकार

इंटर्नशिप के दौरान सेल्फी बना मौत का कारण: हरियाणा के सोनीपत में 19 वर्षीय युवक की दर्दनाक मौत, परिवार में मचा कोहराम

Selfie during internship became the cause of death: Tragic death of a 19-year-old youth in Sonipat, Haryana, uproar in the family

हरियाणा के सोनीपत जिले के राई थाना क्षेत्र से एक बेहद दर्दनाक और चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जिसने ना सिर्फ एक परिवार को तबाह कर दिया, बल्कि युवाओं में बढ़ती सेल्फी की दीवानगी को लेकर एक गंभीर सवाल भी खड़ा कर दिया है। यहां राई औद्योगिक क्षेत्र की एक कंपनी की चौथी मंजिल से गिरकर 19 वर्षीय युवक संकेत की मौत हो गई। वह कंपनी में इंटर्नशिप कर रहा था और हादसे के वक्त वह सेल्फी ले रहा था।

सेल्फी की चाह ने छीन ली जिंदगी

जानकारी के मुताबिक, मृतक युवक का नाम संकेत है और वह भिवानी जिले के गांव चांग का रहने वाला था। वह पॉलिटेक्निक का छात्र था और राई औद्योगिक क्षेत्र की एक निजी कंपनी में इंटर्नशिप के लिए आया था। उसके साथ बिहार के आदित्य नामक छात्र की भी उसी कंपनी में इंटर्नशिप लगी थी। घटना के दिन दोनों कंपनी की चौथी मंजिल पर पहुंचे, जहां संकेत सेल्फी लेने के लिए खड़ा हो गया।

इसी दौरान आदित्य को डर महसूस हुआ और वह नीचे उतर आया। लेकिन संकेत उसी जगह पर खड़ा रहा और अचानक संतुलन बिगड़ने से वह नीचे गिर गया। चौथी मंजिल से गिरने के कारण संकेत की मौके पर ही मौत हो गई। हादसे की सूचना मिलते ही कंपनी कर्मचारियों ने पुलिस को सूचित किया।

पुलिस जांच में जुटी, CCTV फुटेज आया सामने

सूचना पाकर राई थाना पुलिस तुरंत घटनास्थल पर पहुंची और मौके का मुआयना किया। शव को कब्जे में लेकर सोनीपत नागरिक अस्पताल भिजवाया गया, जहां पोस्टमार्टम के बाद शव को परिजनों को सौंप दिया गया।

पुलिस प्रवक्ता रविंद्र कुमार के अनुसार, “संकेत सेल्फी लेने के लिए चौथी मंजिल पर गया था, जहां से गिरने के कारण उसकी मौत हुई। परिजनों के बयान दर्ज कर लिए गए हैं और पुलिस गंभीरता से मामले की जांच कर रही है।” उन्होंने यह भी बताया कि इस घटना की CCTV फुटेज भी सामने आई है, जो इस दुर्घटना की पुष्टि करती है।

माता-पिता का इकलौता बेटा था संकेत

संकेत के पिता बलबीर सिंह ने बताया कि उसका बेटा परिवार का इकलौता बेटा था और उसकी हाल ही में इंटर्नशिप लगी थी। वह पॉलिटेक्निक की पढ़ाई कर रहा था और काफी होनहार छात्र था। संकेत के माता-पिता उसकी मौत की खबर सुनकर बदहवास हो गए और परिवार में मातम का माहौल है।

बलबीर सिंह ने बताया कि उनका बेटा मेहनती था और हमेशा कुछ सीखने की चाह रखता था। उन्होंने यह भी कहा कि कंपनी को अपनी इमारत की सुरक्षा व्यवस्था दुरुस्त करनी चाहिए थी। यदि छत पर रेलिंग होती या वहां चढ़ने की अनुमति न होती, तो शायद यह हादसा नहीं होता।

सवालों के घेरे में कंपनी की सुरक्षा व्यवस्था

इस पूरी घटना के बाद सवाल यह भी उठता है कि आखिर कंपनी में सुरक्षा के मानक क्यों नहीं थे? एक इंटर्न को किस अनुमति से छत पर जाने दिया गया? क्या छत पर चेतावनी बोर्ड या सुरक्षा गार्ड मौजूद था? क्या यह हादसा महज एक चूक थी या लापरवाही का नतीजा?

CCTV फुटेज से यह साफ हो चुका है कि संकेत छत पर गया था, लेकिन यह भी ज़रूरी है कि कंपनी द्वारा इंटर्न्स के लिए क्या दिशा-निर्देश दिए गए थे, इस पर भी जांच होनी चाहिए।

युवाओं को चेतावनी: सेल्फी के लिए न करें जोखिम

इस घटना ने एक बार फिर यह चेताया है कि सेल्फी का शौक जानलेवा साबित हो सकता है। भारत में सेल्फी के दौरान होने वाली मौतों की संख्या लगातार बढ़ रही है। कई बार युवा अपनी जान की परवाह किए बिना खतरनाक स्थानों पर सेल्फी लेने की कोशिश करते हैं, जो अंततः जानलेवा साबित होती है।

संकेत की मौत से सीख ली जानी चाहिए कि एक फोटो के लिए अपनी जिंदगी को खतरे में डालना किसी भी तरह से समझदारी नहीं है।

निष्कर्ष

सोनीपत की यह घटना न सिर्फ एक परिवार के लिए गहरा दुख लेकर आई, बल्कि देशभर के युवाओं को भी सोचने पर मजबूर करती है। एक होनहार छात्र, जो सिर्फ कुछ महीनों के लिए इंटर्नशिप पर गया था, सेल्फी के जुनून में अपनी जान गंवा बैठा।

अब जरूरी है कि कंपनियां अपने परिसर में सुरक्षा मानकों को मजबूत करें, खासकर उन जगहों पर जहां कर्मचारियों या इंटर्न्स की आवाजाही रहती है। साथ ही, समाज और परिवारों को भी युवाओं को जागरूक करने की ज़रूरत है कि टेक्नोलॉजी के इस दौर में जीवन की कीमत सबसे ऊपर है — एक तस्वीर की नहीं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *