कुछ दिनों से अफवाहें उड़ रही थीं कि भारत इस बार G7 शिखर सम्मेलन में शामिल नहीं होगा क्योंकि इसकी मेजबानी कनाडा कर रहा है और भारत-कनाडा के रिश्ते हाल ही में तनाव में रहे हैं। इसी को लेकर कांग्रेस ने भी सरकार पर तंज कसते हुए कहा था कि 15 जून 2025 को होने वाले सम्मेलन में पीएम मोदी की गैरमौजूदगी भारत के लिए एक बड़ा कूटनीतिक झटका होगी।

लेकिन अब खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इन तमाम अटकलों पर विराम लगा दिया है। पीएम मोदी ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर बताया कि उन्होंने कनाडा के नए प्रधानमंत्री मार्क कार्नी से फोन पर बात की और G7 सम्मेलन में शामिल होने का न्योता स्वीकार किया है।
क्या कहा पीएम मोदी ने?

पीएम मोदी ने एक्स पर लिखा—
“कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी से बात करके खुशी हुई। उन्हें चुनाव में जीत की बधाई दी और इस महीने के अंत में कनाडा में होने वाले G7 सम्मेलन में आमंत्रण देने के लिए धन्यवाद दिया। भारत और कनाडा लोकतांत्रिक देश हैं और साझा हितों पर मिलकर काम करेंगे। सम्मेलन में मुलाकात का इंतजार है।”
भारत-कनाडा रिश्तों में क्यों आई थी दूरियां?

साल 2023 में कनाडा के पूर्व प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने भारत पर खालिस्तानी आतंकी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या के आरोप लगाए थे, जिससे दोनों देशों के रिश्ते खराब हो गए थे। इसके बाद ट्रूडो को देश के अंदर भारी विरोध का सामना करना पड़ा और उन्हें इस्तीफा देना पड़ा। अब मार्क कार्नी कनाडा के नए प्रधानमंत्री हैं।
G7 सम्मेलन क्या है?

G7 सम्मेलन दुनिया की सात सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं का मंच है — अमेरिका, ब्रिटेन, जापान, जर्मनी, फ्रांस, इटली और कनाडा। इस मंच पर वैश्विक मुद्दों जैसे कि सुरक्षा, जलवायु परिवर्तन, और व्यापार पर चर्चा होती है। भारत जैसे बड़े और प्रभावशाली देश को इससे बाहर करना कनाडा के लिए खुद एक बड़ी गलती होती।
















Leave a Reply