भूमिका
मुंबई की 17.8 किलोमीटर लंबी मीठी नदी, जो विहार और पवई झीलों के अतिप्रवाह से निकलती है और अंततः अरब सागर में जाकर मिलती है, एक बार फिर विवादों में है। इस बार मामला सिर्फ नदी की सफाई या गाद निकालने का नहीं, बल्कि एक बड़ा घोटाला और उससे जुड़ी मनी लॉन्ड्रिंग का है, जिसमें बॉलीवुड अभिनेता डिनो मोरिया और उनके भाई का नाम सामने आया है।
क्या है मीठी नदी सफाई घोटाला?
2005 में मुंबई में आई भयावह बाढ़, जिसमें 1,000 से अधिक लोगों की मौत हुई थी, ने मीठी नदी की सफाई और उसके गाद निकासी की आवश्यकता को प्रमुखता से सामने रखा। इसके बाद नगर निकाय बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) ने मानसून से पहले हर साल नदी से गाद निकालने का अभियान शुरू किया।
हालांकि, 2024 में मुंबई पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (EOW) ने एक सनसनीखेज खुलासा किया — 65 करोड़ रुपये का गड़बड़झाला केवल गाद निकासी के काम में! आरोप था कि सफाई और मशीनों की आपूर्ति के नाम पर बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार किया गया। जांच में यह भी पता चला कि मशीनें वास्तव में उस क्षेत्र में काम कर ही नहीं रही थीं, जिनका बिल BMC को दिया गया था।
घोटाले में कौन-कौन आरोपी?
इस घोटाले में मुख्य आरोपी केतन कदम हैं, जिन्हें मई की शुरुआत में गिरफ्तार किया गया। उनके साथ जय जोशी, BMC के कुछ अधिकारी, और केरल की एक निजी फर्म को भी सह-आरोपी बनाया गया है।
लेकिन मामला और गंभीर तब हुआ जब जांच एजेंसियों को पता चला कि केतन कदम के कॉल डिटेल्स में लगातार संपर्क बॉलीवुड अभिनेता डिनो मोरिया और उनके भाई सैंटिनो मोरिया से हो रहा था। यहीं से इस घोटाले में फिल्म इंडस्ट्री की एंट्री हुई।
ईडी की कार्रवाई: डिनो मोरिया के घर छापा
6 जून 2025 को प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने मनी लॉन्ड्रिंग की जांच के तहत मुंबई और कोच्चि के 15 से अधिक ठिकानों पर छापेमारी की। इसमें डिनो मोरिया का मुंबई स्थित आवास, उनके भाई सैंटिनो का निवास, कई ठेकेदारों और संबंधित कंपनियों के दफ्तर शामिल थे।
छापेमारी 6 घंटे से अधिक समय तक चली और इस दौरान डिनो मोरिया कथित तौर पर घर पर ही मौजूद थे। ईडी की टीम ने उनके बैंक खातों, डिजिटल उपकरणों और दस्तावेज़ों की जांच की।
मनी लॉन्ड्रिंग का एंगल कैसे जुड़ा?
प्रारंभिक जांच में पाया गया कि गाद निकालने के काम में फर्जी बिलिंग, नकली मशीन किराया, और मशीनों की वास्तविक स्थिति छिपाने जैसे कई तरीके अपनाए गए थे। इसके बाद इन फर्जी बिलों से आए पैसे को अलग-अलग खातों और फर्जी कंपनियों में ट्रांसफर किया गया। इसमें कथित तौर पर डिनो मोरिया और उनके भाई की कंपनियों का नाम सामने आया।
ईडी को संदेह है कि इन पैसों को शेल कंपनियों के माध्यम से वैध रूप देने का प्रयास किया गया। इसी को लेकर ईडी ने PMlA (धन शोधन निवारण अधिनियम) के तहत मामला दर्ज किया।
आर्थिक अपराध शाखा की भूमिका
ईओडब्ल्यू ने इससे पहले मई में डिनो मोरिया और उनके भाई से लगभग आठ घंटे तक पूछताछ की थी। पूछताछ में उन्होंने केतन कदम के साथ व्यापारिक संबंध स्वीकार किए लेकिन घोटाले में सीधा जुड़ाव होने से इनकार किया। हालांकि, जांच एजेंसियों को मोबाइल डेटा, ईमेल और व्हाट्सएप चैट से कुछ ऐसे संकेत मिले हैं जो इस केस को और गहरा बना रहे हैं।
डिनो मोरिया की प्रतिक्रिया
अभी तक अभिनेता डिनो मोरिया ने इस मामले में कोई सार्वजनिक बयान नहीं दिया है। उनके वकील ने एक संक्षिप्त बयान में कहा कि वे “पूरी तरह से जांच में सहयोग कर रहे हैं” और उन्हें उम्मीद है कि सच्चाई जल्द सामने आएगी।
मीठी नदी: दशकों से भ्रष्टाचार का शिकार
मीठी नदी केवल एक प्राकृतिक जलधारा नहीं, बल्कि मुंबई की शहरी नियोजन की विफलता और भ्रष्टाचार का जीवंत उदाहरण बन चुकी है। 2005 की बाढ़ के बाद से इसमें सफाई के नाम पर हर साल करोड़ों रुपये खर्च किए गए हैं, लेकिन नदी की हालत में खास सुधार नहीं हुआ। हर बार मानसून से पहले गाद निकासी के नाम पर घोटाले सामने आते हैं।
राजनीतिक प्रतिक्रिया
इस मामले ने राजनीतिक तूल भी पकड़ लिया है। विपक्ष ने BMC और महाराष्ट्र सरकार पर सवाल उठाए हैं कि क्यों हर साल इतनी बड़ी रकम खर्च करने के बावजूद नदी की हालत खराब है? और कैसे एक अभिनेता और उनके परिवार के सदस्य भ्रष्टाचार के इस दायरे में आ गए?
कुछ नेताओं ने यह भी आरोप लगाया कि “फिल्म इंडस्ट्री और सत्ता में गठजोड़” इस प्रकार के घोटालों को जन्म देता है।
क्या हो सकता है आगे?
अब इस मामले में कई एजेंसियां सक्रिय हैं:
- ईडी (Enforcement Directorate) मनी लॉन्ड्रिंग के एंगल की जांच कर रहा है।
- ईओडब्ल्यू (Economic Offenses Wing) मूल भ्रष्टाचार और वित्तीय गड़बड़ी की जांच कर रहा है।
- बीएमसी ने अपने स्तर पर जांच समिति गठित की है कि क्यों और कैसे इतने बड़े घोटाले को अंजाम दिया गया।
अगर डिनो मोरिया और उनके भाई पर आरोप सिद्ध होते हैं, तो उन्हें PMlA के तहत कठोर सजा मिल सकती है जिसमें संपत्ति की जब्ती, गिरफ्तारी, और लंबी कानूनी प्रक्रिया शामिल है।
निष्कर्ष
मीठी नदी सफाई घोटाला सिर्फ एक भ्रष्टाचार की कहानी नहीं है, यह उस विफल प्रणाली का आइना है जहां जनता का पैसा, प्राकृतिक संसाधनों की उपेक्षा और सत्ता-सेठ गठजोड़ एक साथ काम करते हैं। अब जबकि एक नामी अभिनेता भी जांच के घेरे में हैं, यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि क्या यह मामला न्याय तक पहुंचेगा, या अन्य घोटालों की तरह फाइलों में दफन हो जाएगा।















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