प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 6 जून को जम्मू-कश्मीर के कटरा में जनसभा को संबोधित करते हुए पाकिस्तान को आतंकवाद पर आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि पहलगाम हमला इंसानियत और कश्मीरियत पर सीधा वार था, लेकिन इससे जम्मू-कश्मीर का विकास नहीं रुकेगा। साथ ही उन्होंने ₹46,000 करोड़ से अधिक की परियोजनाओं की शुरुआत कर राज्य के भविष्य की नींव रखी।
1. पहलगाम आतंकी हमला: एक कायराना हरकत
22 अप्रैल 2025 को जम्मू-कश्मीर के सुंदर पर्यटन स्थल पहलगाम में आतंकवादियों ने एक दिल दहला देने वाला हमला किया। इस आतंकी हमले में 26 लोगों की जान चली गई, जिनमें से अधिकांश पर्यटक थे। यह हमला तब हुआ जब घाटी में पर्यटन अपने चरम पर था और स्थानीय लोग पर्यटन से आजीविका कमा रहे थे। इस हमले का उद्देश्य न केवल जान-माल की हानि पहुंचाना था, बल्कि कश्मीर के शांतिपूर्ण वातावरण और आर्थिक गतिविधियों को बाधित करना भी था।
2. प्रधानमंत्री मोदी का जवाब: आतंक के खिलाफ निर्णायक रुख
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 6 जून को जम्मू-कश्मीर की अपनी यात्रा के दौरान कटरा में जनसभा को संबोधित करते हुए इस हमले को लेकर पाकिस्तान को आड़े हाथों लिया। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा:
“पाकिस्तान ने पहलगाम में इंसानियत और कश्मीरियत पर हमला किया है। इसका इरादा दंगे भड़काना और कश्मीर के युवाओं के सपनों को कुचलना था।”
उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि इस तरह के हमले भारत को कमजोर नहीं कर सकते और जम्मू-कश्मीर के विकास की गति को नहीं रोक सकते।
3. सैयद आदिल हुसैन शाह: आतंकवाद के खिलाफ साहस की मिसाल
अपने भाषण में प्रधानमंत्री मोदी ने सैयद आदिल हुसैन शाह का विशेष रूप से उल्लेख किया, जो एक स्थानीय टट्टू मालिक थे। जब हमलावरों ने पर्यटकों को निशाना बनाया, तो आदिल ने साहस दिखाते हुए उन्हें बचाने की कोशिश की। लेकिन इस बहादुरी की कीमत उन्हें अपनी जान देकर चुकानी पड़ी। प्रधानमंत्री ने कहा:
“आदिल जैसे वीरों की कुर्बानी बेकार नहीं जाएगी। उनका बलिदान हमारे लिए प्रेरणा है कि हम आतंकवाद से न डरें और अपने कर्तव्यों से पीछे न हटें।”
4. ऑपरेशन ‘सिंदूर’: भारत का करारा जवाब
हमले के दो हफ्ते बाद, 7 मई को भारतीय सशस्त्र बलों ने ऑपरेशन सिंदूर नामक एक सर्जिकल स्ट्राइक को अंजाम दिया। इस ऑपरेशन में पाकिस्तान और पाक अधिकृत कश्मीर (PoK) में स्थित आतंकी शिविरों को निशाना बनाया गया।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा:
“6 मई की रात पाकिस्तान के लिए कयामत साबित हुई। ऑपरेशन सिंदूर में हमने उनके आतंकी ठिकानों को मिनटों में मलबे में बदल दिया। अब पाकिस्तान जब भी ‘ऑपरेशन सिंदूर’ सुनेगा, उसे अपनी शर्मनाक हार याद आएगी।”
यह बयान न केवल भारत की सुरक्षा नीति की दृढ़ता को दर्शाता है, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी एक सशक्त संदेश देता है।
5. विकास का रोडमैप: ₹46,000 करोड़ की परियोजनाएं
प्रधानमंत्री मोदी की इस यात्रा का एक बड़ा उद्देश्य था जम्मू-कश्मीर के विकास कार्यों का अवलोकन और नई परियोजनाओं की शुरुआत। उन्होंने कटरा में ₹46,000 करोड़ से अधिक की विकास परियोजनाओं की आधारशिला रखी और कई को राष्ट्र को समर्पित किया। प्रमुख परियोजनाओं में शामिल हैं:
(i) चिनाब ब्रिज – दुनिया का सबसे ऊँचा रेलवे आर्च ब्रिज
- यह ब्रिज चिनाब नदी पर बना है और इसकी ऊंचाई 359 मीटर है।
- यह भारत की इंजीनियरिंग क्षमता और सामरिक दृष्टिकोण से अत्यंत महत्वपूर्ण है।
(ii) अंजी ब्रिज – भारत का पहला केबल-स्टेड रेल ब्रिज
- यह कटरा और रियासी को जोड़ता है।
- कठिन भूगोल में रेलवे कनेक्टिविटी का अनूठा उदाहरण है।
(iii) वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेनों की शुरुआत
- कटरा और श्रीनगर के बीच दो नई वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेनों को रवाना किया गया।
- इससे पर्यटन और तीर्थाटन को नई गति मिलेगी।
इन परियोजनाओं से जम्मू-कश्मीर की भौगोलिक एकता और आर्थिक आत्मनिर्भरता को मजबूती मिलेगी।
6. संदेश साफ है: आतंक नहीं, विकास होगा
प्रधानमंत्री मोदी ने साफ-साफ कहा कि जो भी कश्मीर के युवाओं के भविष्य के रास्ते में आएगा, उसे मुझसे पहले टकराना होगा। इसका अर्थ केवल राजनीतिक संकल्प नहीं, बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा को लेकर भारत की स्पष्ट नीति है।
“हमारा पड़ोसी देश न तो इंसानियत में विश्वास करता है, न ही विकास में। वह गरीबों को रोटी कमाने से भी रोकना चाहता है।”
7. पर्यटन और रोजगार: मोदी सरकार की प्राथमिकता
प्रधानमंत्री ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में कश्मीर में पर्यटन तेजी से बढ़ा है, जिससे हजारों परिवारों को रोज़गार मिला है। आतंकवादियों ने इसी को नुकसान पहुंचाने के लिए पर्यटकों को निशाना बनाया। लेकिन भारत पीछे नहीं हटेगा। सरकार का लक्ष्य है कि:
- कश्मीर को पर्यटन की राजधानी बनाया जाए।
- स्थानीय युवाओं को रोजगार के अवसर दिए जाएं।
- संवेदनशील क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे को मजबूत किया जाए।
निष्कर्ष: आतंकवाद पर जीरो टॉलरेंस, विकास ही रास्ता
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की इस जम्मू-कश्मीर यात्रा ने कई दृष्टिकोणों से ऐतिहासिक महत्व प्राप्त किया है। एक तरफ़ उन्होंने पाकिस्तान के छद्म युद्ध और आतंकवाद को सख्त शब्दों में लताड़ा, वहीं दूसरी ओर उन्होंने विकास की नई रेखाएं खींचीं। इससे यह स्पष्ट होता है कि भारत अब न केवल आतंक का मुँहतोड़ जवाब देने में सक्षम है, बल्कि शांति, समृद्धि और रोजगार के रास्ते पर निरंतर अग्रसर है।
यह यात्रा कश्मीर के युवाओं के लिए एक संदेश है — “डर से नहीं, विकास से आगे बढ़ो।”















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