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अब भारत नहीं रोकेगा… पानी पाकिस्तान तक नहीं जाने देगा! सिंधु नदी के प्रोजेक्ट्स पर तेजी से काम शुरू

अब भारत नहीं रोकेगा... पानी पाकिस्तान तक नहीं जाने देगा! सिंधु नदी के प्रोजेक्ट्स पर तेजी से काम शुरू

नई दिल्ली: कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले के बाद केंद्र सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। भारत ने फिलहाल सिंधु जल संधि पर काम रोक दिया है और अब वह सिंधु नदी के पानी का अधिकतम इस्तेमाल देश में ही करने की तैयारी कर रही है। मोदी सरकार चाहती है कि जम्मू-कश्मीर में सिंधु नदी का पानी खेती, बिजली और पीने के लिए ज्यादा से ज्यादा काम आए।

सरकार की योजना है कि जो भी परियोजनाएं सिंधु नदी बेसिन से जुड़ी हैं, उन्हें जल्द से जल्द मंजूरी देकर पूरा किया जाए। इससे भारत अपने हिस्से के पानी का इस्तेमाल खुद कर सकेगा और पाकिस्तान को जाने वाला बहाव भी घटाया जा सकेगा।

पर्यावरण मंत्रालय भी अब इन रणनीतिक परियोजनाओं पर तेजी से काम शुरू कर रहा है। केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने कहा है कि मंत्रालय ग्रीन क्लियरेंस और बाकी सारी पर्यावरणीय मंजूरी जल्द देगा। हालांकि, सभी वैज्ञानिक और पर्यावरणीय मापदंडों का भी पूरा ध्यान रखा जाएगा।

सिर्फ बिजली के लिए नहीं, बल्कि सिंचाई और जल संचय के लिए भी ये परियोजनाएं जरूरी हैं। उरी स्टेज-2 (240 मेगावाट), किरथई-2 (930 मेगावाट) और सावलकोट (1856 मेगावाट) जैसी पनबिजली परियोजनाएं तैयार हैं, जिन्हें बस मंजूरी मिलने की देर है। इनसे बड़े-बड़े जलाशय बनेंगे, जो न सिर्फ बिजली देंगे बल्कि पानी की समस्या भी काफी हद तक हल करेंगे।

सरकार पहले ही ग्रीन क्लीयरेंस की प्रक्रिया को आसान और तेज़ बना चुकी है। इसके लिए सिंगल विंडो पोर्टल भी बनाया गया है ताकि कोई परियोजना कागज़ी अड़चनों में न अटके। सरकार अब पूरी प्राथमिकता के साथ इन रणनीतिक प्रोजेक्ट्स को तेजी से पूरा करना चाहती है।

इन प्रोजेक्ट्स से भारत को तो कई फायदे होंगे – बिजली, सिंचाई और जल भंडारण – लेकिन पाकिस्तान के लिए ये चिंता की बात है। जैसे-जैसे भारत अपने हिस्से के पानी पर पकड़ मजबूत करेगा, पाकिस्तान को सिंधु नदी से मिलने वाला पानी कम होता जाएगा।

सरकार का यह फैसला रणनीतिक, आर्थिक और राजनीतिक रूप से बहुत अहम माना जा रहा है। इससे न सिर्फ भारत को अपने संसाधनों पर अधिकार मिलेगा, बल्कि यह भी दिखेगा कि भारत आतंकवाद के खिलाफ सिर्फ जवाब नहीं, ठोस कार्रवाई भी करता है – वो भी पानी के मोर्चे पर।

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