khabarhunt.in

खबर का शिकार

TACO बना ट्रंप का नया टैग! अब इलॉन मस्क भी दे रहे ताना

TACO बना ट्रंप का नया टैग! अब इलॉन मस्क भी दे रहे ताना अमेरिका में ‘TACO’ एक आम शब्द है, जो मेक्सिकन खाने के लिए इस्तेमाल होता है। लेकिन कभी-कभी इसे मेक्सिकन लोगों को नीचा दिखाने के लिए भी बोला जाता है। आजकल अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप को ‘TACO’ कहा जा रहा है। इसका मतलब होता है ‘Trump Always Chickens Out’, यानी ट्रंप हमेशा डरकर पीछे हट जाते हैं। लेकिन ट्रंप की परेशानी यह है कि अब उन्हें वही चिढ़ा रहे हैं, जो कभी उनके बहुत करीब थे, जैसे टेस्ला के सीईओ इलॉन मस्क। इलॉन मस्क की नाराजगी और ट्रंप का टैक्स बिल इलॉन मस्क ने ट्रंप के बड़े और महत्वाकांक्षी टैक्स बिल ‘वन बिग, ब्यूटीफुल बिल एक्ट’ (OBBB) को बहुत खराब और शर्मनाक बताया है। उन्होंने सरकार का साथ छोड़ दिया और कहा कि बिल में टैक्स कम करने की बातें फिजूलखर्ची वाली हैं, जिससे अमेरिका की आमदनी कम होगी और खर्च बढ़ेगा। यह चिंता इसलिए भी है क्योंकि अमेरिका का कर्ज पहले से ही बहुत ज्यादा है और महंगाई भी बढ़ रही है। टैरिफ नीति और ट्रंप की इमेज ट्रंप को ‘TACO’ की उपमा उनकी टैरिफ नीति की वजह से मिली है। पहले वह कड़े टैक्स लगाने की धमकी देते हैं, जिससे शेयर बाजार गिर जाता है। लेकिन फिर कुछ दिन बाद वह वापस हट जाते हैं, जिससे बाजार फिर से ऊपर आता है। वॉल स्ट्रीट ने इस चालाकी को समझ लिया है और ट्रंप की राजनीति को ‘गरम-गरम’ फिर ‘ठंडी’ के तौर पर देख रहा है। ट्रंप का शिगूफा और बाजार का असर 2 अप्रैल के बाद बाजार में गिरावट आई थी, लेकिन अब मार्केट वापस ऊपर आ गया है। ट्रंप बीच-बीच में ऐसी बातें करते रहते हैं, जैसे उन्होंने ऐपल पर टैक्स लगाने की बात की, आईफोन की चीन में बनने की प्रक्रिया पर हमला किया, और सैमसंग को भी निशाना बनाया। फिर अचानक वे नरम पड़ जाते हैं और कहते हैं कि ‘कोई जल्दी नहीं है, हम बात कर रहे हैं’। इस खेल में यूरोप भी फंसा हुआ है। विचारधारा की लड़ाई और हार्वर्ड विवाद यह लड़ाई केवल व्यापार की नहीं, बल्कि विचारधारा की भी है। ट्रंप ने हार्वर्ड विश्वविद्यालय की फंडिंग बंद कर दी क्योंकि उनका कहना है कि वहां अब शिक्षा कम और रेडिकल ‘वोक’ विचारधारा ज्यादा फैल रही है। गाजा-इजराइल विवाद के बाद कुछ छात्रों ने हमास का समर्थन किया, जिसे ट्रंप ने अमेरिका के मूल्यों के खिलाफ बताया। ट्रंप का निशाना: Ivy League यूनिवर्सिटीज ट्रंप का मानना है कि हार्वर्ड, येल और कोलंबिया जैसे प्रतिष्ठित विश्वविद्यालय अब वामपंथी विचारों का गढ़ बन गए हैं, जहां शिक्षा नहीं बल्कि ब्रेनवॉशिंग होती है। वे कहते हैं कि ये विचार कैंपस से बाहर निकलकर अमेरिका की राजनीति तक पहुंच गए हैं। हार्वर्ड से टकराव और ‘cancel culture’ ट्रंप का कहना है कि नई पीढ़ी को राजनीतिक सही-गलत के नाम पर अपराधबोध और पहचान की उलझनों में फंसाया जा रहा है। हार्वर्ड इस ‘cancel culture’ का केंद्र बन गया है। वे चाहते हैं कि छात्रों को अपने देश के इतिहास से प्यार करना सिखाया जाए, न कि उससे शर्मिंदा होना। भारत के लिए अवसर अमेरिका और चीन के बीच बढ़ते व्यापार तनाव के कारण भारत को अवसर मिल रहे हैं। कई कंपनियां चीन से निकलकर भारत में निवेश कर रही हैं। अगर भारत प्रशासनिक और लॉजिस्टिक बाध

TACO बना ट्रंप का नया टैग! अब इलॉन मस्क भी दे रहे ताना

अमेरिका में ‘TACO’ एक आम शब्द है, जो मेक्सिकन खाने के लिए इस्तेमाल होता है। लेकिन कभी-कभी इसे मेक्सिकन लोगों को नीचा दिखाने के लिए भी बोला जाता है। आजकल अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप को ‘TACO’ कहा जा रहा है। इसका मतलब होता है ‘Trump Always Chickens Out’, यानी ट्रंप हमेशा डरकर पीछे हट जाते हैं। लेकिन ट्रंप की परेशानी यह है कि अब उन्हें वही चिढ़ा रहे हैं, जो कभी उनके बहुत करीब थे, जैसे टेस्ला के सीईओ इलॉन मस्क।

इलॉन मस्क की नाराजगी और ट्रंप का टैक्स बिल
इलॉन मस्क ने ट्रंप के बड़े और महत्वाकांक्षी टैक्स बिल ‘वन बिग, ब्यूटीफुल बिल एक्ट’ (OBBB) को बहुत खराब और शर्मनाक बताया है। उन्होंने सरकार का साथ छोड़ दिया और कहा कि बिल में टैक्स कम करने की बातें फिजूलखर्ची वाली हैं, जिससे अमेरिका की आमदनी कम होगी और खर्च बढ़ेगा। यह चिंता इसलिए भी है क्योंकि अमेरिका का कर्ज पहले से ही बहुत ज्यादा है और महंगाई भी बढ़ रही है।

टैरिफ नीति और ट्रंप की इमेज
ट्रंप को ‘TACO’ की उपमा उनकी टैरिफ नीति की वजह से मिली है। पहले वह कड़े टैक्स लगाने की धमकी देते हैं, जिससे शेयर बाजार गिर जाता है। लेकिन फिर कुछ दिन बाद वह वापस हट जाते हैं, जिससे बाजार फिर से ऊपर आता है। वॉल स्ट्रीट ने इस चालाकी को समझ लिया है और ट्रंप की राजनीति को ‘गरम-गरम’ फिर ‘ठंडी’ के तौर पर देख रहा है।

ट्रंप का शिगूफा और बाजार का असर
2 अप्रैल के बाद बाजार में गिरावट आई थी, लेकिन अब मार्केट वापस ऊपर आ गया है। ट्रंप बीच-बीच में ऐसी बातें करते रहते हैं, जैसे उन्होंने ऐपल पर टैक्स लगाने की बात की, आईफोन की चीन में बनने की प्रक्रिया पर हमला किया, और सैमसंग को भी निशाना बनाया। फिर अचानक वे नरम पड़ जाते हैं और कहते हैं कि ‘कोई जल्दी नहीं है, हम बात कर रहे हैं’। इस खेल में यूरोप भी फंसा हुआ है।

विचारधारा की लड़ाई और हार्वर्ड विवाद
यह लड़ाई केवल व्यापार की नहीं, बल्कि विचारधारा की भी है। ट्रंप ने हार्वर्ड विश्वविद्यालय की फंडिंग बंद कर दी क्योंकि उनका कहना है कि वहां अब शिक्षा कम और रेडिकल ‘वोक’ विचारधारा ज्यादा फैल रही है। गाजा-इजराइल विवाद के बाद कुछ छात्रों ने हमास का समर्थन किया, जिसे ट्रंप ने अमेरिका के मूल्यों के खिलाफ बताया।

ट्रंप का निशाना: Ivy League यूनिवर्सिटीज
ट्रंप का मानना है कि हार्वर्ड, येल और कोलंबिया जैसे प्रतिष्ठित विश्वविद्यालय अब वामपंथी विचारों का गढ़ बन गए हैं, जहां शिक्षा नहीं बल्कि ब्रेनवॉशिंग होती है। वे कहते हैं कि ये विचार कैंपस से बाहर निकलकर अमेरिका की राजनीति तक पहुंच गए हैं।

हार्वर्ड से टकराव और ‘cancel culture’
ट्रंप का कहना है कि नई पीढ़ी को राजनीतिक सही-गलत के नाम पर अपराधबोध और पहचान की उलझनों में फंसाया जा रहा है। हार्वर्ड इस ‘cancel culture’ का केंद्र बन गया है। वे चाहते हैं कि छात्रों को अपने देश के इतिहास से प्यार करना सिखाया जाए, न कि उससे शर्मिंदा होना।

भारत के लिए अवसर
अमेरिका और चीन के बीच बढ़ते व्यापार तनाव के कारण भारत को अवसर मिल रहे हैं। कई कंपनियां चीन से निकलकर भारत में निवेश कर रही हैं। अगर भारत प्रशासनिक और लॉजिस्टिक बाध

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *