दिल्ली में कल श्रद्धा और भक्ति का अद्भुत संगम देखने को मिला, जहां नवल बाबा साहब की मूर्ति स्थापना और पूजा के लिए एक विशाल धार्मिक आयोजन किया गया। इस पावन अवसर पर जाने-माने पहलवान और समाजसेवी पवन पहलवान जी अपनी पूरी टीम के साथ अपने अखाड़े से नवल बाबा के मंदिर पहुंचे।
मंदिर प्रांगण में पहुंचते ही पवन पहलवान और उनकी टीम का भव्य स्वागत किया गया। वहीं देशभर, खासकर राजस्थान से आए साधु-संतों और श्रद्धालुओं का भी सम्मानपूर्वक स्वागत हुआ। राजस्थान को नवल बाबा की भक्ति का प्रमुख केंद्र माना जाता है, जहां उन्हें देवी-देवताओं के समान पूजा जाता है।
पूजा-अर्चना के साथ कार्यक्रम में भजन-कीर्तन का आयोजन हुआ, जिसमें भक्तों ने भावपूर्ण सहभागिता की। नवल बाबा के वंशज, जिनका सम्मान पूरे विश्व में होता है, वे भी इस कार्यक्रम में विशेष रूप से उपस्थित रहे और उन्होंने भक्तों को नवल बाबा के जीवन और उनकी शिक्षाओं से अवगत कराया।
इस पावन आयोजन के दौरान जब श्रद्धालुओं और साधु-संतों से बात की गई तो उन्होंने बताया कि यह सिर्फ एक पूजा नहीं, बल्कि आस्था और संस्कृति का उत्सव है। नवल बाबा के प्रति गहरी आस्था और विश्वास ही श्रद्धालुओं को इतनी दूर-दूर से यहां खींच लाया।
पवन पहलवान जी ने इस अवसर पर कहा, “नवल बाबा हमारे प्रेरणा हैं, उनकी पूजा करना हमारे लिए सौभाग्य की बात है। इस तरह के आयोजनों से समाज में भाईचारे और संस्कृति की भावना और मजबूत होती है।”
यह आयोजन न केवल धार्मिक आस्था को दर्शाता है, बल्कि यह भी बताता है कि भारत की संस्कृति और संत परंपरा आज भी जन-जन के हृदय में जीवित है।











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